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चौसाना से ऊन तक गड्ढों से भरा 12 किलोमीटर का सफर

Sat, 03 Oct 2020 12:37 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2020 12:37 AM IST
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12 km full of pits from Chausana to Wool
बदहाल चोसाना ऊन मार्ग की सडक - फोटो : SHAMLI
चौसाना से ऊन तक गड्ढों से भरा 12 किलोमीटर का सफर
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चौसाना। प्रदेश सरकार ने त्योहारी सीजन पर सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन चौसाना सहित तहसील मुख्यालय जाने वाला मार्ग बदहाल स्थिति मेें है। यह मार्ग करीब 15 गांवों को जोड़ता है। तहसील मुख्यालय तक जाने के कारण बेहद महत्वपूर्ण है। करीब 12 किलोमीटर की सड़क में कदम-कदम पर गड्ढे हैं। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर तो सड़क नजर ही नहीं आती। सड़क टूटी होने कारण स्वास्थ्य केंद्रों पर जाने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
चौसाना से ऊन तहसील मुख्यालय पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। ऊन मार्ग का निर्माण केंद्र सरकार की ग्राम सड़क योजना के तहत 2003 में कराया गया था। बाद में सड़क के टूटने पर मरम्मत हुई। चौसाना क्षेत्र में आने वाले गांवों के लोगों को भी इसी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। तहसील जाने के लिए भी चौसाना मार्ग की एकमात्र रास्ता है, लेकिन इस मार्ग की हालत यह है कि वाहन से क्या पैदल चलना भी मुश्किल है। सड़क में एक से दो फीट तक के गड्ढे बन चुके हैं। गन्ने के सीजन में शुगर मिल में जाने वाले ओवरलोड ट्रक भी इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं हुई। बरसात के सीजन में सड़क और भी ज्यादा खराब हो गई है।
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स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो रहे ग्रामीण
चौसाना। ऊन तहसील के साथ ही वहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है। प्रसव के लिए क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है। सड़क इतनी खराब है कि गर्भवती महिलाओं को ले जाना खतरनाक साबित होता है इसलिए ज्यादातर महिलाओं का उपचार नजदीक के निजी चिकित्सकों से ही कराया जाता है।
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बोले ग्रामीण...
अधिकारी रोजाना गुजरते हैं, कोई ध्यान नहीं देता
गांव जिजौला निवासी हाजी इरशाद का कहना है कि ऊन मार्ग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार शिकायत कर चुके हैं। रोजाना कोई न कोई अधिकारी इस मार्ग से गुजरता भी है, लेकिन सड़क की मरम्मत या निर्माण की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता।
मुख्य सड़क को छोड़ गांवों से होकर जाते हैं
सनोज चौधरी टोडा का कहना है कि ऊन मार्ग को गड्ढों वाली कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि इस मार्ग पर सड़क का हिस्सा कम गड्ढे ज्यादा हैं। हम लोग तो अगर तहसील किसी काम से जाते हैं तो मुख्य सड़क को छोड़कर अन्य गांवों से होते हुए जाते हैं।
रिश्तेदार करते हैं टिप्पणी
गांव खोडसमा निवासी जयवीर सिंह का ऊन मार्ग के साथ अन्य कई सड़कें बदहाल हैं। कोई रिश्तेदार आता है तो वह सड़कों को देखकर टिप्पणी किए बिना नहीं रहता। कई बार अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन निर्माण नहीं हो सका।
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आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता
खोडसमा निवासी संजय का कहना है कि वह सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण के लिए सोशल मीडिया पर भी कई बार अभियान चला चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारी और जनप्रतिनिधि आश्वासन देने के सिवाय कुछ नहीं करते। बदहाल सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। आए दिन हादसे होते रहते हैं।

बोले अधिकारी...
जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के जो बजट मिला है उससे काम कराया जा रहा है। 157 सड़कों को चिह्नित किया गया है, लेकिन बजट कम मिलने से अभी सब पर काम शुरू नहीं हो सका।
- रविंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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