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उपचुनाव के परिणाम को लेकर कयासबाजी
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:40 PM IST
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शामली। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य के रिक्त पदों के लिए हुए मतदान के बाद जीत हार का आंकलन करना प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए मुश्किल हो रहा है। क्योंकि मतदान प्रतिशत कम रहा था, जिस कारण नतीजे किस प्रत्याशी के पक्ष में जाएंगे, कुछ साफ नहीं हो पा रहा है।
गौरतलब है कि जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 10 से सदस्य रहीं तबस्सुम हसन कैराना लोकसभा उपचुनाव में सांसद चुनी गई थीं। इसी कारण जिला पंचायत सदस्य वार्ड 10 का पद रिक्त हो गया था। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शामली जिले में जिला पंचायत सदस्य वार्ड 10 के अलावा क्षेत्र पंचायत सदस्य के एक पद के लिए शनिवार को मतदान हुआ। इसके लिए 12 गांवों के 56 बूथों पर 51.65 प्रतिशत मतदान हुआ था। खास बात यह है कि 51.65 प्रतिशत मतदान की वजह से उपचुनाव के परिणाम के आंकड़ों में प्रत्याशी और उनके समर्थक उलझे हुए हैं। दरअसल, इस वार्ड में अधिकांश गांव मुस्लिम बहुल है। भाजपा नेताओं की तरफ से अहसान प्रधान की भाभी गुड्डी को समर्थित प्रत्याशी बनाया गया था, जबकि विपक्षी दलों की तरफ से भी एक प्रत्याशी को समर्थन की बात कही जा रही थी, लेकिन खुलकर समर्थन या फिर जनसंपर्क और वोट मांगने में नेताओं की उतनी सक्रियता दिखाई नहीं दी थी।
चूंकि जिला पंचायत सदस्य वार्ड 10 पर सपा का कब्जा था, जिस कारण इस बार भी सपा की तरफ से यही प्रयास था कि अपना कब्जा बरकरार रखा जाए, लेकिन मतदान के प्रतिशत ने उपचुनाव के गणित को साधने में लगे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को चौका दिया है। अब जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य उपचुनाव के लिए हुए मतदान की मतगणना 28 अगस्त को होगी। जिला पंचायत की मतगणना कैराना में पब्लिक इंटर कॉलेज में कराई जाएगी।
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गौरतलब है कि जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 10 से सदस्य रहीं तबस्सुम हसन कैराना लोकसभा उपचुनाव में सांसद चुनी गई थीं। इसी कारण जिला पंचायत सदस्य वार्ड 10 का पद रिक्त हो गया था। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शामली जिले में जिला पंचायत सदस्य वार्ड 10 के अलावा क्षेत्र पंचायत सदस्य के एक पद के लिए शनिवार को मतदान हुआ। इसके लिए 12 गांवों के 56 बूथों पर 51.65 प्रतिशत मतदान हुआ था। खास बात यह है कि 51.65 प्रतिशत मतदान की वजह से उपचुनाव के परिणाम के आंकड़ों में प्रत्याशी और उनके समर्थक उलझे हुए हैं। दरअसल, इस वार्ड में अधिकांश गांव मुस्लिम बहुल है। भाजपा नेताओं की तरफ से अहसान प्रधान की भाभी गुड्डी को समर्थित प्रत्याशी बनाया गया था, जबकि विपक्षी दलों की तरफ से भी एक प्रत्याशी को समर्थन की बात कही जा रही थी, लेकिन खुलकर समर्थन या फिर जनसंपर्क और वोट मांगने में नेताओं की उतनी सक्रियता दिखाई नहीं दी थी।
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चूंकि जिला पंचायत सदस्य वार्ड 10 पर सपा का कब्जा था, जिस कारण इस बार भी सपा की तरफ से यही प्रयास था कि अपना कब्जा बरकरार रखा जाए, लेकिन मतदान के प्रतिशत ने उपचुनाव के गणित को साधने में लगे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को चौका दिया है। अब जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य उपचुनाव के लिए हुए मतदान की मतगणना 28 अगस्त को होगी। जिला पंचायत की मतगणना कैराना में पब्लिक इंटर कॉलेज में कराई जाएगी।
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