{"_id":"5ae762f44f1c1b5f098b75c9","slug":"111525113588-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुकर्रम ने एक नशिस्त में कुरान हिफ्ज सुनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुकर्रम ने एक नशिस्त में कुरान हिफ्ज सुनाई
Updated Tue, 01 May 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मदरसे के छात्र ने बढ़ाया मान
कैराना। दीनी मदरसा जामिअतुस्सादह के छात्र हाफिज मोहम्मद मुकर्रम ने एक नशिस्त (पाली) में ही पवित्र कुरान हिफ्ज मुकम्मल सुनाकर सबको चौंका दिया। उलमा ने मदरसे के शिक्षकों की लगनशीलता और छात्र के कठिन परिश्रम पर प्रशंसा की है।
कैराना क्षेत्र के ग्राम मवी निवासी वसीम मजदूरी करता है। उनका बेटा मोहम्मद मुकर्रम (15) कैराना में जामिअतुस्सादह मदरसा में शिक्षा प्राप्त करता है। हाल ही में मुकर्रम ने मदरसे में पवित्र कुरान-ए-करीम हिफ्ज किया था। सोमवार सुबह करीब सात बजे मदरसे में मुकर्रम ने उलमा को मौखिक (हिफ्ज) कुरान सुनाना शुरू किया और शाम चार बजे तक कुरान पढ़कर मुकम्मल कर दिया। एक ही पाली में कुरान मुकम्मल सुनाकर उसने नई मिसाल पेश की है। इस दौरान काजी मौलाना शौकीन ने कहा कि पवित्र कुरान-ए-करीम बड़ी ही बरकत वाली किताब है। कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में कुरान को याद कर लेता है। उन्होंने कहा कि हर दौर में पवित्र कुरान के लाखों-करोड़ों हाफिज होते हैं। कुरान ही एकमात्र ऐसी किताब है, जो आज तक सलामत हैं। मुफ्ती तालिब ने कहा कि पवित्र कुरान में शांति का संदेश बहुत ही स्पष्ट किया गया है, जिसमें एक व्यक्ति को मारना, सभी मानवता को मारने के बराबर है और किसी को जिंदगी बख्शना ऐसा है कि जैसे पूरी मानवता जिंदगी बख्श दी हो। इस अवसर पर मौलाना अय्यूब, मौलाना आबिद रशीदी, मौलाना फैजान कासमी, हाफिज हुसैन, मुफ्ती परवेज, कारी अब्दुल कादिर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैराना। दीनी मदरसा जामिअतुस्सादह के छात्र हाफिज मोहम्मद मुकर्रम ने एक नशिस्त (पाली) में ही पवित्र कुरान हिफ्ज मुकम्मल सुनाकर सबको चौंका दिया। उलमा ने मदरसे के शिक्षकों की लगनशीलता और छात्र के कठिन परिश्रम पर प्रशंसा की है।
कैराना क्षेत्र के ग्राम मवी निवासी वसीम मजदूरी करता है। उनका बेटा मोहम्मद मुकर्रम (15) कैराना में जामिअतुस्सादह मदरसा में शिक्षा प्राप्त करता है। हाल ही में मुकर्रम ने मदरसे में पवित्र कुरान-ए-करीम हिफ्ज किया था। सोमवार सुबह करीब सात बजे मदरसे में मुकर्रम ने उलमा को मौखिक (हिफ्ज) कुरान सुनाना शुरू किया और शाम चार बजे तक कुरान पढ़कर मुकम्मल कर दिया। एक ही पाली में कुरान मुकम्मल सुनाकर उसने नई मिसाल पेश की है। इस दौरान काजी मौलाना शौकीन ने कहा कि पवित्र कुरान-ए-करीम बड़ी ही बरकत वाली किताब है। कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में कुरान को याद कर लेता है। उन्होंने कहा कि हर दौर में पवित्र कुरान के लाखों-करोड़ों हाफिज होते हैं। कुरान ही एकमात्र ऐसी किताब है, जो आज तक सलामत हैं। मुफ्ती तालिब ने कहा कि पवित्र कुरान में शांति का संदेश बहुत ही स्पष्ट किया गया है, जिसमें एक व्यक्ति को मारना, सभी मानवता को मारने के बराबर है और किसी को जिंदगी बख्शना ऐसा है कि जैसे पूरी मानवता जिंदगी बख्श दी हो। इस अवसर पर मौलाना अय्यूब, मौलाना आबिद रशीदी, मौलाना फैजान कासमी, हाफिज हुसैन, मुफ्ती परवेज, कारी अब्दुल कादिर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन