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30 घंटे बाद कैराना पहुंचा शव, नम हुईं आंखें
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अमर उजाला ब्यूरो
कैराना। बंगलूरू से करीब 30 घंटे बाद साजिद का शव शनिवार को कैराना पहुंचा। परिजनों ने गमगीन माहौल में शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
मूलरूप से कैराना के मोहल्ला आलखुर्द भूरा चुंगी निवासी साजिद (30) पुत्र ताहिर की शुक्रवार सुबह कर्नाटक के बंगलूरू के जिला पोलार में घर से बुलाकर धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। साजिद वहां हेयर सैलून की दुकान किया करता था। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन तुरंत शव लाने के लिए बंगलूरू के लिए रवाना हो गए थे। शनिवार को साजिद के शव को हवाई जहाज के द्वारा दिल्ली तक लाया गया, जिसके बाद गाड़ी से दोपहर करीब एक बजे करीब 30 घंटे बाद कैराना में घर तक पहुंचा। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना को लेकर हर कोई गम में डूबा दिखा। महिलाएं मृतक की पत्नी और उसके मासूम तीनों बच्चों को सांत्वना दे रही थी, तो लोग परिवारजनों के ढांढस बंधा रहे थे। नमाज के बाद गमगीन माहौल में शव को निकट स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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कैराना। बंगलूरू से करीब 30 घंटे बाद साजिद का शव शनिवार को कैराना पहुंचा। परिजनों ने गमगीन माहौल में शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
मूलरूप से कैराना के मोहल्ला आलखुर्द भूरा चुंगी निवासी साजिद (30) पुत्र ताहिर की शुक्रवार सुबह कर्नाटक के बंगलूरू के जिला पोलार में घर से बुलाकर धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। साजिद वहां हेयर सैलून की दुकान किया करता था। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन तुरंत शव लाने के लिए बंगलूरू के लिए रवाना हो गए थे। शनिवार को साजिद के शव को हवाई जहाज के द्वारा दिल्ली तक लाया गया, जिसके बाद गाड़ी से दोपहर करीब एक बजे करीब 30 घंटे बाद कैराना में घर तक पहुंचा। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना को लेकर हर कोई गम में डूबा दिखा। महिलाएं मृतक की पत्नी और उसके मासूम तीनों बच्चों को सांत्वना दे रही थी, तो लोग परिवारजनों के ढांढस बंधा रहे थे। नमाज के बाद गमगीन माहौल में शव को निकट स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।