नाराज होकर नदी में कूदा जवान बेटा: बचाने के लिए पिता ने लगाई छलांग, रातभर तलाशा; 15 घंटे बाद मिली लाश
शाहजहांपुर में पिता के डांटने पर नाराज बेटे ने आत्मघाती कदम उठा लिया। वह घर के सामने बह रही नदी में कूद गया। उसने बचाने के लिए पिता ने भी नदी में छलांग लगा दी। रातभर तलाशा। 15 घंटे बाद उसकी लाश बरामद हुई।
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शाहजहांपुर में पिता से विवाद होने पर चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी देवेश कुमार (22) ने घर से पांच मीटर की दूरी पर स्थित खन्नौत नदी में छलांग लगा दी। परिजनों ने रातभर उसकी तलाश शुरू की। शनिवार को 15 घंटे के बाद गोताखोरों ने उसका शव बरामद किया।
राकेश कुमार का पुत्र देवेश कुमार टेलीफोन एक्सचेंज के पास स्थित निजी नर्सिंग होम में रिसेप्शन पर काम करता था। शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे देवेश का अपने पिता से मामूली बात पर झगड़ा हो गया। राकेश ने उसे डांट दिया। इससे नाराज देवेश घर से बाहर निकला और आवेश में आकर खन्नौत नदी में छलांग लगा दी।
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बेटे को नदी में डूबता देखकर राकेश भी कूद पड़े। उन्होंने बेटे की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। वह नदी से बाहर निकल आए। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। रात में मोहल्ले के गोताखोरों ने देवेश को नदी में तलाश किया। काफी प्रयास करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा।
सुबह में एक बार फिर से खोज शुरू की गई। नदी में नाव डालकर जाल के जरिये खोज की गई। कोतवाली पुलिस ने भी गोताखोरों को नदी में उतारा। तब करीब साढ़े 12 बजे के बाद शव को नदी से निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजन खंगालते रहे नदी का छोर
देवेश के घर के नजदीक से गुजरी खन्नौत नदी में एक स्थान पर कुंड होना बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, देवेश के नदी में कूदने के बाद कुंड में डूबने से मौत हो गई। उसकी तलाश के लिए गोताखोर उतरे तो उन्होंने कुंड में तलाश करने के बजाय हनुमत धाम और उसके आसपास के क्षेत्र में उसे तलाशा। शनिवार को कुंड के पास ही उसका शव फंसा पाया गया।ये भी पढ़ें- हादसे में पांच की मौत: उजड़ गई भाग्यवती की दुनिया, बोली- बेटियों की शादी कैसे होगी; रघुवीर की दो पीढ़ियां खत्म
पूरी रात बेटे के आने की आस लगाए रही मां
राकेश कुमार के चार बेटों में देवेश तीसरे नंबर का था। शुक्रवार की रात विवाद के बाद उसके नदी में कूदने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता राकेश व भाई सुरेंद्र, रवि, रितिक नदी में तलाश करने में जुटे थे। वहीं मां आशा देवी की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। वह पूरी रात नहीं सोई और बेटे के आने की उम्मीद लगाएं बैठे रहीं।युवा जल्दी उठा लेते हैं आत्मघाती कदम
राजकीय मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. शशांक गंगवार ने बताया कि संभव है कि युवक पहले से ही मानसिक रूप से परेशान होगा। इसलिए उसने इतनी जल्दी आत्महत्या करने जैसा कदम उठा लिया। यह भी हो सकता है कि युवक की पर्सनॉलिटी ही ऐसी हो, जो मामूली बात को उसने अपने दिल पर लेकर नदी में छलांग लगा दी। वर्तमान समय में युवा दोस्त बनाने के बजाए मोबाइल में लगे रहते हैं। इस वजह से वह कुछ कह नहीं पाते हैं और जल्दी कदम उठा लेते हैं।