फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Young people are becoming victims of fraud in their desire to go abroad... those making fake visas are active

Shahjahanpur News: विदेश जाने की चाह में ठगी के शिकार हो रहे युवा...फर्जी वीजा बनवाने वाले सक्रिय

Tue, 11 Feb 2025 12:36 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Tue, 11 Feb 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
Young people are becoming victims of fraud in their desire to go abroad... those making fake visas are active
हरिओम त्रिवेदी
विज्ञापन


पुवायां। क्षेत्र के युवाओं को विदेश जाने की चाह ठगों के जाल में फंसा रही है। ऐसे कई मामले पुलिस तक पहुंचे हैं। ज्यादातर मामलों में तो पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की। ऐसे में पीड़ितों को कार्रवाई के लिए कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इसके बावजूद ठगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। विदेश भेजने के नाम पर कई फर्जी केंद्र भी चल रहे हैं।
पीलीभीत के युवक को फर्जीवाड़ा कर डंकी रूट से अमेरिका भेजने का मामला खुलने के बाद अब ऐसे ठगों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। दरअसल, सिख परिवार के युवाओं में कनाडा, इटली, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जर्मनी, फ्रांस, इंग्लैंड जाने का क्रेज है। कम पढ़े-लिखे और कारपेंटर, ट्रक चालक, श्रमिक सऊदी अरब, कुवैत आदि मुस्लिम देशों में जाने को तरजीह देते हैं।
विज्ञापन


बच्चों की इच्छा पूरी करने के लिए उनके मां-बाप खेत और मकान बेचने के बाद कर्ज तक लेने की हद तक चले जाते हैं। उनका मानना है कि विदेश में नाैकरी करने के बाद जब वहां से उनका बेटा विदेशी मुद्रा भेजेगा तो जमीन-मकान फिर बन जाएगा। दलाल और ठग इसी का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की रकम ऐंठ लेते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

--

केस एक : रिश्तेदार ने दिया झांसा, पकड़ा दिया फर्जी वीजा

-पुवायां के गांव नत्थापुर निवासी हरवंश सिंह ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व उनके रिश्तेदार दिल्ली निवासी मंदीप सिंह, ज्ञान सिंह, अरविंदर कौर उनके घर आए। विदेश में अच्छी सेटिंग बताते हुए पुत्र नवजोत सिंह को विदेश भेजने के लिए 36 लाख रुपये लेकर आरोपियों ने फर्जी वीजा बनवा दिया, लेकिन कई दिन बाद भी विदेश नहीं भेजा। जानकारी करने पर वीजा फर्जी निकला, तब 28 नवंबर 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

--

केस दो : इंग्लैंड भेजने के लिए ले लिए 3.87 लाख रुपये
-गांव कुइयां किरतापुर के सुरजीत सिंह ने बताया कि गांव गुटैया और पुवायां कस्बा निवासी दो लोगों ने लगभग छह माह पूर्व इंग्लैंड जाने के लिए वीजा बनवाने के नाम पर 3.87 लाख रुपये उनसे ले लिए। इसके बाद आरोपियों ने कोई कार्रवाई नहीं की और उनको टरकाते रहे। कई बार टोकने पर आरोपियों ने दो लाख रुपये वापस किए लेकिन 1.87 लाख रुपये अभी तक नहीं दिए। उन्होंने 27 दिसंबर 2023 को रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।

--

केस तीन : 18 दिन तक दिल्ली में रखने के बाद भेज दिया घर
-गांव बिलसिया दौलतपुर निवासी कामता प्रसाद ने बताया कि जनवरी 2023 में गांव नत्थापुर के एक व्यक्ति उन्हें बताया कि उसके भेजे कई लोग विदेश में अच्छे वेतन पर काम कर रहे हैं। आरोपी ने उनके पुत्र अनुज को भी नौकरी दिलाने की बात कही। उन्होंने एक लाख 31 हजार रुपये नकद और 31 हजार रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरोपी उनके पुत्र काे ओमान भेजने के नाम पर दिल्ली ले गया, लेकिन 18 दिन बाद वहीं से घर भेज दिया।

--

केस चार : जर्मनी का वीजा दिलाने के लिए रकम ऐंठी
- लखीमपुर के थाना मोहम्मदी के मोहल्ला मस्तीपुर और वर्तमान में खुटार के गांव रूरा निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि पीलीभीत के गांव मझोला निवासी गुरुप्रीत सिंह ने पढ़ाई के लिए जर्मनी का वीजा दिलाने की बात कही। सितारगंज में एक बैंक में 24 अप्रैल 2024 को उनका खाता खुलवाया और बैंक अकाउंट में अपना मोबाइल नंबर डलवा दिया। इसके बाद कई बार में उनके खाते से 10 लाख 40 हजार रुपये गुरुप्रीत सिंह ने निकाल लिए, लेकिन वीजा नहीं बनवाया। चार फरवरी को कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
--

जिले में हर माह बनते हैं 600 पासपोर्ट
जिले में हर महीने छह सौ पासपोर्ट बनते हैं। इनमें सबसे ज्यादा पुवायां तहसील क्षेत्र के होते हैं। यहां अक्तूबर 2024 से अब तक 961 पासपोर्ट बन चुके हैं। खुटार में वर्ष 2024 में 132 पासपोर्ट और बंडा में 200 से अधिक पासपोर्ट बने हैं।
--
फर्जी इमिग्रेशन केंद्रों पर पुलिस कर चुकी कार्रवाई
-इमिग्रेशन सेंटर खोलने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स में आवेदन कर अनुमति लेनी होती है। इसका सिन (कॉरपोरेट आइडिंटीफिकेशन नंबर) जारी होता है। यह एक 21 अंकों की अल्फा-न्यूमेरिक संख्या होती है। भारत में पंजीकृत सभी कंपनियों को सिन दिया जाता है। इसके बाद उनका कार्यालय खुलता है। टिकट आदि बुक करने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होता है। पुवायां में 11 कार्यालय थे, जिसमें चार बंद हो चुके हैं। खुटार में छह केंद्र में चार बंद हो चुके हैं और बंडा में छह चल रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिले में तमाम फर्जी केंद्र खुले हैं। एक बार जांच की गई थी, तब किसी के पास केंद्र सरकार की मान्यता नहीं मिली थी। लोगों को विदेश भेजने के लिए जिलेभर में स्टडी वीजा के नाम पर कार्यालय खुले हैं, लेकिन इसकी आड़ में कई संचालक लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का काम भी करते हैं।


---
युवा विदेश में नाैकरी के लुभावने वायदों के झांसे में न आएं। संबंधित कंपनी या जॉब प्रोफाइल के बारे में पूरी छानबीन जरूर कर लें। वैध तरीके से ही विदेश जाएं। दलालों के फेर में गलत तरीके से विदेश जाने पर समस्या हो सकती है। -संजय पांडे, एसडीएम पुवायां
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed