{"_id":"6ad3da05a12ea94d8e091f84","slug":"devotees-throng-to-worship-goddess-kaalratri-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1004-187770-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना के लिए उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना के लिए उमड़े श्रद्धालु
विज्ञापन
सेहरामऊ दक्षिणी के गांव महमदपुर में देवी महापुराण कथा सुनाते कथावाचक प्रवीण दीक्षित। संवाद
शाहजहांपुर। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मातारानी के दर्शन के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मां कालरात्रि के जयकारों से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय रहा।
खिरनीबाग स्थित कालीबाड़ी मंदिर, धर्मशाला में स्थापित मातारानी के पंडाल, बाबा विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, चौकसीनाथ मंदिर, फूलमति मंदिर और दुर्गा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। मंदिरों के आसपास सीसी कैमरों से निगरानी की गई और महिला सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती रही।
पुलिस चौकी उस्मान बाग स्थित श्री रुद्र बाला जी धाम में भी मां कालरात्रि का पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। पंडित कान्हा कृष्ण शुक्ल ने मां कालरात्रि के स्वरूप, महिमा और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद महिला मंडल ने भक्तिमय गीत और धार्मिक छंद प्रस्तुत किए। डॉ. शालू अवस्थी, अलका अरोड़ा, अनन्या, रीमा, मधु और डिंपल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
--
राम-केवट प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
सेहरामऊ दक्षिणी। महमदपुर गांव में चल रहे पंचम श्री शतचंडी महायज्ञ, श्रीमद् देवी भागवत महापुराण एवं मानस सम्मेलन में यज्ञाचार्य निर्दोष अग्निहोत्री ने यज्ञ कराया। संतों और श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा की। कथा व्यास प्रवीण दीक्षित ने श्रीराम-केवट प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीराम और केवट का निर्मल प्रेम ऊंच-नीच की भावना को समाप्त करने का संदेश देता है। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा व्यवस्थापक श्रद्धेय मिश्रा, प्रदीप त्रिवेदी, अंकित मिश्रा, वीरेश पाल, आयुष मिश्रा, राममोहन तिवारी और आशु तिवारी का योगदान रहा। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -
भरत चरित्र और शबरी भक्ति का प्रसंग सुनाया
कुर्रियाकलां। रामखेड़ा गांव के देवी मंदिर में चल रही नौ दिवसीय रामकथा में शनिवार को व्यास आशीष वाजपेई ने भरत चरित्र और शबरी प्रेम-भक्ति का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भरत का श्रीराम के प्रति अगाध प्रेम और निष्ठा आदर्श भाई-प्रेम का उदाहरण है। नंदीग्राम में तपस्वी का जीवन बिताते हुए उन्होंने राम की खड़ाऊं रखकर राज्य का संचालन किया। कथाव्यास ने शबरी की निश्छल भक्ति और प्रभु श्रीराम के नवधा भक्ति उपदेश का वर्णन किया। भाई-प्रेम और भक्त-भगवान के मिलन का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। संवाद
विज्ञापन
खिरनीबाग स्थित कालीबाड़ी मंदिर, धर्मशाला में स्थापित मातारानी के पंडाल, बाबा विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, चौकसीनाथ मंदिर, फूलमति मंदिर और दुर्गा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। मंदिरों के आसपास सीसी कैमरों से निगरानी की गई और महिला सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती रही।
विज्ञापन
पुलिस चौकी उस्मान बाग स्थित श्री रुद्र बाला जी धाम में भी मां कालरात्रि का पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। पंडित कान्हा कृष्ण शुक्ल ने मां कालरात्रि के स्वरूप, महिमा और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद महिला मंडल ने भक्तिमय गीत और धार्मिक छंद प्रस्तुत किए। डॉ. शालू अवस्थी, अलका अरोड़ा, अनन्या, रीमा, मधु और डिंपल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
राम-केवट प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
सेहरामऊ दक्षिणी। महमदपुर गांव में चल रहे पंचम श्री शतचंडी महायज्ञ, श्रीमद् देवी भागवत महापुराण एवं मानस सम्मेलन में यज्ञाचार्य निर्दोष अग्निहोत्री ने यज्ञ कराया। संतों और श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा की। कथा व्यास प्रवीण दीक्षित ने श्रीराम-केवट प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीराम और केवट का निर्मल प्रेम ऊंच-नीच की भावना को समाप्त करने का संदेश देता है। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा व्यवस्थापक श्रद्धेय मिश्रा, प्रदीप त्रिवेदी, अंकित मिश्रा, वीरेश पाल, आयुष मिश्रा, राममोहन तिवारी और आशु तिवारी का योगदान रहा। संवाद
भरत चरित्र और शबरी भक्ति का प्रसंग सुनाया
कुर्रियाकलां। रामखेड़ा गांव के देवी मंदिर में चल रही नौ दिवसीय रामकथा में शनिवार को व्यास आशीष वाजपेई ने भरत चरित्र और शबरी प्रेम-भक्ति का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भरत का श्रीराम के प्रति अगाध प्रेम और निष्ठा आदर्श भाई-प्रेम का उदाहरण है। नंदीग्राम में तपस्वी का जीवन बिताते हुए उन्होंने राम की खड़ाऊं रखकर राज्य का संचालन किया। कथाव्यास ने शबरी की निश्छल भक्ति और प्रभु श्रीराम के नवधा भक्ति उपदेश का वर्णन किया। भाई-प्रेम और भक्त-भगवान के मिलन का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। संवाद

सेहरामऊ दक्षिणी के गांव महमदपुर में देवी महापुराण कथा सुनाते कथावाचक प्रवीण दीक्षित। संवाद

सेहरामऊ दक्षिणी के गांव महमदपुर में देवी महापुराण कथा सुनाते कथावाचक प्रवीण दीक्षित। संवाद