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धारणा के ध्यान बनने पर उच्चतर अवस्था में जाती है चेतना : कमलेश
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आरसी मिशन आश्रम में ध्यान कराते वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल। स्रोत : आयोजक
शाहजहांपुर। श्री रामचंद्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल दाजी के सान्निध्य और मार्गदर्शन में आरसी मिशन आश्रम में आयोजित वसंत उत्सव–2026 के प्रथम चरण का शनिवार को समापन हुआ। कमलेश डी. पटेल ने कहा कि एकाग्रता ध्यान का परिणाम है, कारण नहीं। जब धारणा ध्यान बनती है और ध्यान समाधि में रूपांतरित होता है, तब चेतना स्वतः उच्चतर अवस्था की ओर अग्रसर होती है।
प्रातःकाल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से आए हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगलकामना की। इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने संदेश में कहा कि आध्यात्मिक साधना को लेकर एक भ्रांति यह है कि साधन और ध्यान को ही लक्ष्य मान लिया जाता है, जबकि सत्य इसके विपरीत है।
उन्होंने बताया कि दिव्य प्राणाहुति की जीवंत धारा निष्ठापूर्ण दैनिक अभ्यास से अल्प समय में साधक को समाधि की अनुभूतियों तक पहुंचा देती है। उन्होंने अभ्यासियों से आह्वान किया कि वे ईर्ष्या का परित्याग कर प्रेम, करुणा और शांति के पथ पर अग्रसर हों तथा अपने जीवन को साधना का सजीव माध्यम बनाएं।
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समारोह के दौरान दाजी ने लालाजी महाराज एवं बाबूजी महाराज की प्रतिमाओं का अनावरण किया। सायंकालीन ध्यान सत्र में भी दाजी ने साधकों को ध्यान कराया। आयोजन में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, माधौगोपाल अग्रवाल, एके गर्ग, श्रीगोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल आदि का योगदान रहा।
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प्रातःकाल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से आए हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगलकामना की। इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने संदेश में कहा कि आध्यात्मिक साधना को लेकर एक भ्रांति यह है कि साधन और ध्यान को ही लक्ष्य मान लिया जाता है, जबकि सत्य इसके विपरीत है।
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उन्होंने बताया कि दिव्य प्राणाहुति की जीवंत धारा निष्ठापूर्ण दैनिक अभ्यास से अल्प समय में साधक को समाधि की अनुभूतियों तक पहुंचा देती है। उन्होंने अभ्यासियों से आह्वान किया कि वे ईर्ष्या का परित्याग कर प्रेम, करुणा और शांति के पथ पर अग्रसर हों तथा अपने जीवन को साधना का सजीव माध्यम बनाएं।
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समारोह के दौरान दाजी ने लालाजी महाराज एवं बाबूजी महाराज की प्रतिमाओं का अनावरण किया। सायंकालीन ध्यान सत्र में भी दाजी ने साधकों को ध्यान कराया। आयोजन में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, माधौगोपाल अग्रवाल, एके गर्ग, श्रीगोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल आदि का योगदान रहा।