गंगा छोड़ अन्य नदियों का जल स्तर घटा
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तीन दिन से क्षेत्र में बारिश थमने और बैराजों से रिलीज पानी में कमी आने से जिले से होकर बहने वाली अधिकांश नदियों में पानी घटने लगा है, लेकिन इसी के साथ उनके तटवर्ती गांवों में कृषि भूमि कटने का खतरा फिर गहराने लगा है। अपवाद के तौर पर भैंसार बांध ढाई घाट पर गंगा 24 घंटे से 142.45 मीटर पर स्थिर है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा 27 सेमी और शहर में गर्रा 25 सेमी घट गई है। शुक्रवार व शनिवार को जिले में केवल 13 सेमी बारिश हुई। बरसात से जिले से होकर बहने वाली नदियों मेें उफान आया। शनिवार से बैराजों ने भी ज्यादा पानी उगलना शुरू कर दिया। इस कारण रविवार तक जिले की सभी नदियां उफनाई रहीं। रविवार से बारिश को ब्रेक लगने का असर यह हुआ कि बैराजों से पानी की निकासी कम हो गई।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार मंगलवार को नरौरा से केवल 34 हजार क्यूसेक पानी रिलीज हुआ जो एक दिन पहले की तुलना में करीब 15 हजार क्यूसेक कम है। इससे बदायूं के कछला घाट पर गंगा 25 सेमी घटकर 162.75 मीटर पर आ गई, लेकिन वहां का सारा पानी सिमटकर जिले तक आने में 24 से 36 घंटे लगते हैं। इसलिए भैंसार बांध पर गंगा पूर्ववत बह रही है। उन्होंने बताया कि रामनगर, खो, हरेली, किच्छा आदि बैराजों से पानी घटकर 4484 क्यूसेक रह जाने से रामगंगा में पानी और कम होगा।