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उल्टी-दस्त और बुखार के मरीजों में उछाल, 330 बेड के अस्पताल में 360 रोगी भर्ती

Wed, 11 May 2022 12:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 12:35 AM IST
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Vomiting, diarrhea and fever patients increased, 360 patients admitted in 330 bed hospital
शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में इलाज कराने के लिए लगी भीड़ संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। आसमान से बरस रही आग और गर्म हवा के थपेड़ों से लोग डायरिया, बुखार, पेट दर्द, घबराहट, सिर दर्द, बीपी समेत कई रोगों से ग्रस्त हो रहे हैं। मरीजों की संख्या में इजाफा होने से राजकीय मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पटरी से उतर गई। 330 बेड के अस्पताल में सोमवार को 360 मरीज भर्ती हुए थे।
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रोगियों में इजाफा होने से अलग से दो वार्ड शुरू कराए गए हैं। हर रोज 1200 से 1500 तक मरीज अस्पताल में पहुंचकर पर्चा बनवा रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर में भी मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। यहां पर स्ट्रेचर पर ही मरीजों का इलाज किया जा रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक डायरिया व अन्य रोगों से जूझ रहे हैं। अचानक मरीजों की संख्या में इजाफा होने से डॉक्टर भी परेशान हैं। उन्हें अपनी ड्यूटी समय में राहत नहीं मिल पा रही है। संवाद
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सारे बेड फुल, स्ट्रेचर पर मरीजों का इलाज
-ट्रॉमा सेंटर में मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज किया जा रहा। गैलरी में भी स्ट्रेचर डाल दिए हैं। सोमवार को ग्लूकोज की बोतल का स्टैंड उपलब्ध न होने के कारण बोतल को जाली में बांधकर चढ़ाया जा रहा था। इसी तरह राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड फुल हो गए। मेल सर्जिकल वार्ड व महिला वार्ड भी भरा पड़ा है। मरीजों के लिए इन्हीं वार्डों में अतिरिक्त बेड भी डाले गए हैं। प्राचार्य के सख्त निर्देश के बावजूद वार्ड ब्वॉय अपनी ड्यूटी को सही से अंजाम नहीं दे रहे। नतीजन, हर दिन मरीज स्ट्रेचर खींचते हुए नजर आते हैं।
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सीएचसी-पीएचसी से रेफर कर रहे मरीज
=ग्रामीण क्षेत्रों में बनीं सीएचसी और पीएचसी के डॉक्टर अपने फर्ज से मुंह मोड़ रहे हैं। मरीजों का इलाज करने के बजाय सीधे राजकीय मेडिकल कॉलेज मेें रेफर करते हुए लोड बढ़ाया जा रहा। हाल यह है कि पेट दर्द और बुखार वाले मरीज भी रेफर किए जा रहे हैं।
उल्टी-दस्त की दवा की मांग में इजाफा
-राजकीय मेडिकल कॉलेज में जहां डायरिया के मरीज बड़े पैमाने पर पहुंच रहे हैं। वहीं बाजार में भी उल्टी-दस्त, पेट दर्द, ग्लूकोज और ओआरएस की मांग दोगुना हो गई। पिछले 20 दिनों में मांग दो गुना बढ़ गई है। गर्मी से बचने और पानी की कमी को पूरा करने के लिए मांग बढ़ी है। ग्लूकोज में सबसे ज्यादा नींबू फ्लेवर मांगा जा रहा।

इन बातों का रखें ख्याल
-तली सामग्री, फास्ट फूड खाने से परहेज करें।
-बच्चों को उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिलाएं।
-छाछ, दही, शिकंजी, नारियल पानी, नींबू पानी का प्रयोग करें।
-धूप में जाते समय छाता लगाकर जाएं, आंखों पर चश्मा लगाए।
-सूती और ढीले कपड़े पहने, बाहर जाते समय सिर को छिपा कर रखें।
(डॉ. अखिलेश कुमार ने जैसा बताया)
-मरीजों की संख्या को देखते हुए दो वार्ड अलग से बना दिए गए हैं। वहीं 70 बेड की इमरजेंसी भी चल रही है। एक ही सरकारी अस्पताल होने के कारण मरीजों की संख्या काफी ज्यादा रहती है। स्टाफ की कमी होने के बावजूद मरीजों के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
-राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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