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दर्दनाक: एक साल पहले खोई बेटी, अब दो बेटे... सूना हुआ घर; बिलखते हुए बोली मां- हे रब्बा मैं की करांगी हुण

Fri, 22 Dec 2023 11:26 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 22 Dec 2023 11:26 AM IST
सार

हे रब्बा मैं की करांगी हुण, ये हुन मैनू दोबारा नहीं मिलने। रब्बा मैं तेरा की बिगाड़या, बच्चे खो लए मेरे। जीत सिंह और हरमीत सिंह की मां कर्मजीत का यह करुण क्रंदन उनके घर पहुंचने वाले हर व्यक्ति की आंखें नम कर रहा था। 

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Two real brothers died in a collision with a school bus in Shahjahanpur Khutar
दो सगे भाइयों की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर के खुटार में स्कूल जाने के लिए गांव उदरा के पास सड़क किनारे खड़े दो सगे भाइयों को बृहस्पतिवार सुबह स्कूली बस ने चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कोहरे के कारण हादसा हुआ। हादसे के वक्त छात्रों के पिता भी मौजूद थे। इधर, चालक मौके से भाग गया।
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गांव हरिपुर महोलिया निवासी गुरमेल सिंह के बेटे जीतपाल सिंह (14) और हरमीत सिंह (9) गांव रूरा के संत सुखदेव सिंह हायर सेकंडरी स्कूल में कक्षा नौ और कक्षा दो में पढ़ते थे। बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे गुरमेल दोनों बच्चों को स्कूटी से स्कूल छोड़ने जा रहे थे। गांव उदरा के पास गुरमेल सड़क किनारे स्कूटी खड़ी कर लघुशंका करने चले गए। 
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उनके दोनों बच्चे स्कूटी के पास ही खड़े थे। इस बीच गांव भूड़ा मैनारी के दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल की बस से स्कूटी में टक्कर लग गई। पास में खड़े दोनों भाइयों को भी बस ने चपेट में ले लिया। हादसे में जीतपाल और हरमीत की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गुरमेल बदहवास हो गए। इधर, चालक स्कूल बस को बैक कर भाग गया। 
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कोहरे की वजह से हुआ हादसा
खुटार क्षेत्र से लगभग 25 छात्र-छात्राएं स्कूल आते हैं। घटना के समय लगभग 15 बच्चे बस में रहे होंगे। घने कोहरे के कारण बस स्कूटी से टकरा गई, जिससे बच्चों की मौत हो गई। बस पंजीकृत और अच्छी हालत में है। चालक भी अनुभवी है। हादसे का दुख है।- राकेश यादव, डायरेक्टर, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, भूड़ा मैनारी, पुवायां

एक वर्ष पहले खोई बेटी, अब दो बेटे...सूना हुआ घर

हे रब्बा मैं की करांगी हुण, ये हुन मैनू दोबारा नहीं मिलने। रब्बा मैं तेरा की बिगाड़या, बच्चे खो लए मेरे। जीत सिंह और हरमीत सिंह की मां कर्मजीत का यह करुण क्रंदन उनके घर पहुंचने वाले हर व्यक्ति की आंखें नम कर रहा था। आठ दिसंबर 2022 को बुखार से बेटी मनप्रीत कौर की जान जाने के बाद 21 दिसंबर को एकसाथ दो बेटों को खो देने पर गुरमेल सिंह और उनकी पत्नी कर्मजीत बेहाल हो गए हैं। 
 

शव घर पहुंचने पर कर्मजीत कौर चारपाई पर दोनों पुत्रों के शवों के साथ लिपटकर लेट गईं और सुधबुध खो बैठीं। परिजन और रिश्तेदार उनको संभालने में लगे हैं। गुरमेल सिंह और कर्मजीत कौर की एक बेटी मनप्रीत कौर और दो बेटे जीत सिंह, हरमीत सिंह थे। गुरमेल का एक भाई सुखदेव सिंह भी है जो अलग रहता है। 

 

गुरमेल के पिता लखविंदर सिंह और मां स्वर्णकौर सुखदेव सिंह के साथ रहते हैं। गुरमेल सिंह के पास दो से ढाई एकड़ खेती है। वह खेती के साथ ही शादी, पार्टियों में खाना और मिठाई आदि बनाने का काम भी करते हैं। चार दिसंबर 2022 को बड़ी बेटी मनप्रीत कौर की बुखार से मौत हो गई थी। गुरमेल और कर्मजीत ने पुत्री की मौत के बाद खुद को किसी तरह संभाला था।

 

बृहस्पतिवार को पुत्र जीत सिंह और हरमीत सिंह की मौत की खबर घर पहुंची तो मां कर्मजीत कौर बेसुध हो गई। गुरमेल सिंह पत्नी को सांत्वना देते-देते खुद बेहद गमगीन हो उठते।

 

चल रही थी अखंड पाठ की तैयारियां
गुरमेल के घर में एक गुरुद्वारा भी है। छोटे साहिबजादों की शहीदी की याद में हर वर्ष दिसंबर में गुरुद्वारा में अखंड पाठ का आयोजन होता है। इस वर्ष भी तैयारियां चल रहीं थीं। 25 दिसंबर को अखंड पाठ का भोग पड़ना था। इस बीच ही गुरमेल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

गांव की संकरी सड़क भी हादसे की वजह
जिस सड़क पर हादसा हुआ है, वह खुटार-बंडा रोड से निकली लिंक रोड है। बंडा मार्ग से यह रोड हरिपुर महोलिया, टाहखुर्द कलां, चमराबोझी होते हुए खुटार-पुवायां रोड में आकर मिलती है। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल का बस चालक इसी बस से बच्चे लेकर टाहखुर्द कलां की ओर जा रहा था। रास्ते में उदरा मोड़ से काफी पहले ही हादसा हो गया। जिस सड़क पर हादसा हुआ है, वह काफी संकरी है। बस आदि निकलने पर बाइक सवार को कच्चे में उतरना पड़ जाता है। इसके अलावा घटना के समय बहुत घना कोहरा भी था। गुरमेल सिंह का कहना है कि बस की रफ्तार बेहद तेज होने से हादसा हुआ है। समझा जाता है कि घना कोहरा भी हादसे की वजह बना।

बच्चों को उतारकर भाग निकला चालक
गुरमेल और अन्य प्रत्यक्षदर्शियोंं के अनुसार हादसे के बाद चालक बस को आगे गांव टाह खुर्द कलां की ओर ले जाने के बजाय 500 मीटर पीछे चौराहे तक ले गया। दरअसल, बस हादसे के बाद आगे की ओर नहीं जा सकती थी। वहीं हादसे के बाद बस में मौजूद बच्चे भी घबरा गए और चिल्लाने लगे। इस कारण चौराहे पर बस मोड़ने के बाद चालक ने बच्चों को उतार दिया और बस सहित भाग निकला। बस में सवार बच्चों के घर जाकर उनसे संपर्क किया गया, लेकिन अभिभावकों ने बच्चों के घबराए होने की बात कहकर बात कराने से मना कर दिया।

बस की हालत ठीक, चालक भी अनुभवी
दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के डारेक्टर राकेश यादव के अनुसार स्कूल बस यूपी 27 एटी 4432 का मॉडल वर्ष 2018 है। बस दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के नाम रजिस्टर्ड है। बस के कागजात भी पूरे हैं। चालक भी अनुभवी है। उन्होंने कहा कि चालक का नाम पुलिस को बताया जाएगा। उनकी संवेदना गुरमेल सिंह और उनके परिवार के साथ है। जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा।

स्कूली बस के सारे कागज पूर्ण हैं। हादसे की वजह को जानने के लिए आरआई के द्वारा टेक्निकल मुआयना कराया जाएगा। -शांतिभूषण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन

स्कूल में किया गया शोकावकाश
दो छात्रों की हादसे में मौत की खबर मिलते ही गांव रूरा के संत सुखदेव सिंह हायर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों के लिए प्रार्थना कर अवकाश घोषित कर दिया गया। स्कूल के तमाम शिक्षक और प्रधानाचार्य गुरमेल सिंह के घर पहुंचे और उनके बच्चों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए सांत्वना दी। कई अभिभावक भी गुरमेल सिंह के घर पहुंचे और जीत सिंह, हरमीत सिंह की मौत पर दुख जताया।

एक ही चिता पर दोनों भाइयों को दी अंतिम विदाई
पोस्टमार्टम के बाद जीत सिंह और हरमीत सिंह के शव देर से घर पहुंच सके। इसके बाद दोनों भाइयों का एक ही चिता पर खेत में अंतिम संस्कार किया गया। पिता गुरमेल सिंह ने दोनों पुत्रों को मुखाग्नि दी। शव घर पहुंचे तो बाबा, दादी, पिता, मां, चाचा सहित तमाम परिजन और रिश्तेदार बिलख उठे। बेहद गमगीन माहौल में भारी संख्या में मौजूद क्षेत्र के लोगों ने दुखी परिजनों को सांत्वना दी। पुत्रों को मुखाग्नि देते समय पिता गुरमेल सिंह बिलख उठे। परिजनों ने उनको किसी तरह संभाला। 
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