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हापुड़ हादसे में झुलसे दो और मजदूरों की मौत, 13 हुई मरने वालों की संख्या
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शाहजहांपुर। हापुड़ की पटाखा फैक्टरी में हादसे में घायल कांट के भंडेरी गांव निवासी सनोज (19) और चड़रिया गांव निवासी शिवम (25) भी घायल हुए थे। बृहस्पतिवार को दोनों की मौत हो गई। उनकी मौत की खबर गांवों में पहुंचने के बाद एक बार फिर से कोहराम मच गया। हापुड़ हादसे में जिले में मरने वालों की संख्या अब 13 हो गई है।
भंडेरी व चड़रिया व आसपास के अन्य गांवों से युवकों का समूह एक साथ ही हापुड़ के लिए रवाना हुआ था। शनिवार दोपहर को हापुड़ की अवैध पटाखा फैक्ट्री में हादसा होने के बाद भंडेरी गांव निवासी सर्वेश पुत्र पप्पू, अनिल उर्फ छोटे पुत्र रामचंद्र, भूरे पुत्र रामबक्श, रामू पुत्र दर्शन, अनूप पुत्र राजेश, प्रेमपाल पुत्र रामसरन, इरफान पुत्र इब्बन, छविराम पुत्र कल्लू, नूर हसन पुत्र इंसान, राघवेंद्र पुत्र रामनरेश की मौत हो गई थी। इरफान और नूरहसन के शव को हापुड़ में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था। जबकि अन्य आठ शवों की अर्थी गांव से एक साथ उठी थी।
सोमवार को जलालाबाद के सिकंदरपुर अफगान निवासी रंजीत की मौत हो गई थी। हादसे में घायल हुए भंडेरी गांव के सनोज पुत्र सुखराम और चड़रिया गांव निवासी शिवम पुत्र श्रीकृष्ण ने भी दम तोड़ दिया। सनोज और मनोज दोनों सगे भाई हादसे में झुलसे थे। मनोज की हालत में सुधार होने पर उसकी अस्पताल से छुट्टी हो गई थी, लेकिन सनोज और शिवम को मेरठ से दिल्ली के सफदरगंज स्थित अस्पताल रेफर किया गया था। बृहस्पतिवार को दोनों की मौत की खबर गांव में पहुंची तो कोहराम मच गया। बताते हैं कि सनोज की कुछ महीने के बाद शादी होने वाली थी।
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सनोज के परिवार में मचा कोहराम
सनोज चार भाई थे। गांव में बेरोजगारी के कारण मनोज और सनोज हापुड़ गए थे। जबकि उसका भाई दिलीप व एक अन्य यहीं रहकर काम करते थे। बृहस्पतिवार सुबह सनोज की मौत की खबर गांव में पहुंची। अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर मां अनीता दहाड़े मारकर रो पड़ी। उसके भाइयों और पिता सुखराम के भी आंसू नहीं थम रहे थे। प्रधान के बेटे धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि परिजन शव को लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।
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भंडेरी व चड़रिया व आसपास के अन्य गांवों से युवकों का समूह एक साथ ही हापुड़ के लिए रवाना हुआ था। शनिवार दोपहर को हापुड़ की अवैध पटाखा फैक्ट्री में हादसा होने के बाद भंडेरी गांव निवासी सर्वेश पुत्र पप्पू, अनिल उर्फ छोटे पुत्र रामचंद्र, भूरे पुत्र रामबक्श, रामू पुत्र दर्शन, अनूप पुत्र राजेश, प्रेमपाल पुत्र रामसरन, इरफान पुत्र इब्बन, छविराम पुत्र कल्लू, नूर हसन पुत्र इंसान, राघवेंद्र पुत्र रामनरेश की मौत हो गई थी। इरफान और नूरहसन के शव को हापुड़ में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था। जबकि अन्य आठ शवों की अर्थी गांव से एक साथ उठी थी।
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सोमवार को जलालाबाद के सिकंदरपुर अफगान निवासी रंजीत की मौत हो गई थी। हादसे में घायल हुए भंडेरी गांव के सनोज पुत्र सुखराम और चड़रिया गांव निवासी शिवम पुत्र श्रीकृष्ण ने भी दम तोड़ दिया। सनोज और मनोज दोनों सगे भाई हादसे में झुलसे थे। मनोज की हालत में सुधार होने पर उसकी अस्पताल से छुट्टी हो गई थी, लेकिन सनोज और शिवम को मेरठ से दिल्ली के सफदरगंज स्थित अस्पताल रेफर किया गया था। बृहस्पतिवार को दोनों की मौत की खबर गांव में पहुंची तो कोहराम मच गया। बताते हैं कि सनोज की कुछ महीने के बाद शादी होने वाली थी।
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सनोज के परिवार में मचा कोहराम
सनोज चार भाई थे। गांव में बेरोजगारी के कारण मनोज और सनोज हापुड़ गए थे। जबकि उसका भाई दिलीप व एक अन्य यहीं रहकर काम करते थे। बृहस्पतिवार सुबह सनोज की मौत की खबर गांव में पहुंची। अपने बेटे की मौत की खबर सुनकर मां अनीता दहाड़े मारकर रो पड़ी। उसके भाइयों और पिता सुखराम के भी आंसू नहीं थम रहे थे। प्रधान के बेटे धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि परिजन शव को लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।