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Shahjahanpur News: सुदेश हत्याकांड के दो दोषियों को दस-दस वर्ष का कारावास
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शाहजहांपुर। मदनापुर थाना क्षेत्र के उस्मानपुर टिसुई गांव में छुट्टा पशुओं को खेत की ओर हांकने को लेकर हुए विवाद में सुदेश कुमार उर्फ बंटू की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पवन मिश्रा और रामआसरे को दोषसिद्ध करते हुए दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला 13 मार्च 2022 का है। वादी अनुज कुमार भदौरिया ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उनके बड़े भाई सुदेश कुमार उर्फ बंटू शाम करीब पांच से छह बजे के बीच छुट्टा गायों से फसल की रखवाली करने खेत पर गए थे। उस्मानपुर टिसुई में नहर की पटरी पर पुलिया के पास पवन मिश्रा, चमन मिश्रा, अशोक और रामआसरे अपने खेतों की रखवाली कर रहे थे।
छुट्टा गायों को हांकने से मना करने पर सुदेश का उनसे विवाद हो गया। रामआसरे, अशोक और चमन ने सुदेश को पकड़ लिया और पवन मिश्रा ने उनके सिर पर डंडे से प्रहार किया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद सोनू और नरेश ने घटना की सूचना दी। इलाज के दौरान सुदेश को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अनुज की तहरीर पर मदनापुर थाने में पवन मिश्रा, चमन मिश्रा, अशोक और रामआसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
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विवेचना में चमन मिश्रा और अशोक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। दोनों के नाम मुकदमे से अलग कर दिए गए। इसके बाद पुलिस ने पवन मिश्रा और रामआसरे के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने पवन मिश्रा और रामआसरे को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर प्रत्येक को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की पूरी राशि जमा होने के बाद उसका 75 प्रतिशत मृतक सुदेश कुमार उर्फ बंटू के विधिक उत्तराधिकारी को दिए जाने का आदेश भी न्यायालय ने दिया।
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नाबालिग से छेड़खानी में दोषी को चार साल का कठोर कारावास
शाहजहांपुर। 15 वर्षीय नाबालिग से छेड़खानी के मामले में अदालत ने दोषी राजकुमार को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
तिलहर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी वादी ने दो जनवरी 2018 को पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया था कि एक जनवरी को उसकी 15 वर्षीय बेटी घर से करीब आधा किलोमीटर दूर जानवरों के बांधने की जगह से गोबर उठाने गई थी। वहां से लौटते समय रास्ते में राजकुमार ने उनकी बेटी को बदनीयती से पकड़ लिया और जबरन गन्ने के खेत की ओर खींचने लगा।
लड़की ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंच गए और उसे बचाया। इसके बाद वह धमकी देते हुए वहां से भाग गया। वादी ने थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर राजकुमार के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्णलीला यादव ने राजकुमार को दोषी पाया। न्यायालय ने उसे चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। संवाद
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मामला 13 मार्च 2022 का है। वादी अनुज कुमार भदौरिया ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उनके बड़े भाई सुदेश कुमार उर्फ बंटू शाम करीब पांच से छह बजे के बीच छुट्टा गायों से फसल की रखवाली करने खेत पर गए थे। उस्मानपुर टिसुई में नहर की पटरी पर पुलिया के पास पवन मिश्रा, चमन मिश्रा, अशोक और रामआसरे अपने खेतों की रखवाली कर रहे थे।
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छुट्टा गायों को हांकने से मना करने पर सुदेश का उनसे विवाद हो गया। रामआसरे, अशोक और चमन ने सुदेश को पकड़ लिया और पवन मिश्रा ने उनके सिर पर डंडे से प्रहार किया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद सोनू और नरेश ने घटना की सूचना दी। इलाज के दौरान सुदेश को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। अनुज की तहरीर पर मदनापुर थाने में पवन मिश्रा, चमन मिश्रा, अशोक और रामआसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
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विवेचना में चमन मिश्रा और अशोक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। दोनों के नाम मुकदमे से अलग कर दिए गए। इसके बाद पुलिस ने पवन मिश्रा और रामआसरे के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने पवन मिश्रा और रामआसरे को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर प्रत्येक को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की पूरी राशि जमा होने के बाद उसका 75 प्रतिशत मृतक सुदेश कुमार उर्फ बंटू के विधिक उत्तराधिकारी को दिए जाने का आदेश भी न्यायालय ने दिया।
नाबालिग से छेड़खानी में दोषी को चार साल का कठोर कारावास
शाहजहांपुर। 15 वर्षीय नाबालिग से छेड़खानी के मामले में अदालत ने दोषी राजकुमार को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
तिलहर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी वादी ने दो जनवरी 2018 को पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया था कि एक जनवरी को उसकी 15 वर्षीय बेटी घर से करीब आधा किलोमीटर दूर जानवरों के बांधने की जगह से गोबर उठाने गई थी। वहां से लौटते समय रास्ते में राजकुमार ने उनकी बेटी को बदनीयती से पकड़ लिया और जबरन गन्ने के खेत की ओर खींचने लगा।
लड़की ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंच गए और उसे बचाया। इसके बाद वह धमकी देते हुए वहां से भाग गया। वादी ने थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर राजकुमार के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई के दौरान वादी और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्णलीला यादव ने राजकुमार को दोषी पाया। न्यायालय ने उसे चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। संवाद