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नए गार्डर मिलें तो शुरू हो काम, मिले जाम से निजात
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शाहजहांपुर / मीरानपुर कटरा। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरेली-मीरानपुर कटरा के बीच हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज न बनने से रोजाना लगने वाला जाम लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। अब सबको नए गार्डर मिलने का इंतजार है, जिससे ओवरब्रिज बनने का काम फिर शुरू हो सके। क्योंकि फिलहाल रेलवे द्वारा पूर्व में बनाए गए गार्डर तकनीकी कारणों से निरस्त करने के कारण काम बंद है।
गत कई वर्ष से क्रॉसिंग के पास हाईवे के यातायात में पड़ रही रुकावट के स्थायी समाधान के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फोरलेन के साथ क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज को मंजूरी दी थी। गत दो वर्ष से धीमी गति से चल रहे प्रस्तावित पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड के काम में कुछ तेजी आई, लेकिन तीन माह पूर्व वहां लगाए जाने वाले गार्डर तकनीकी जांच में रेलवे प्रशासन द्वारा अस्वीकृत कर दिए जाने के बाद से क्रॉसिंग पर पुल निर्माण में फिर से अवरोध पड़ गया।
फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक मेें डीएम ने क्रॉसिंग पर दोनों ओर डिवाइडर बनाने के निर्देश दिए। यहां बता दें कि हुलासनगरा से ट्रेनें गुजरने पर क्रॉसिंग बंद होने के दौरान तमाम वाहन चालक लेन से हटकर साइड से वाहन निकालने की कोशिश करते हैं। जिससे क्रॉसिंग के पास अक्सर विपरीत दिशा के वाहन फंसने जाने से जाम लगता है। इन हालात मेें कई बार गेटमैन को रेलवे ट्रैक पर वाहन फंस जाने से क्रॉसिंग बंद करने में भी दिक्कत आती है और ट्रेनों को रोकना पड़ जाता है। इसीलिए माना गया कि डिवाइडर बनने से वाहन अपनी लेन में बने रहेंगे और क्रॉसिंग पर जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
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उस समय इस काम को एनएचएआई के अधिकारियों ने प्राथमिकता से कराने की हामी भरी, लेकिन रेल अधिकारियों ने क्रॉसिंग पर पुल प्रस्तावित होने के कारण वहां डिवाइडर बनाने को बजट जारी नहीं किया। बाद में ऑक्सीजन की ढुलाई करने वाले वाहनों के लिए क्रॉसिंग के दोनों ओर विशेष लेन बनाई गई, लेकिन सामान्य यातायात के लिए समस्या जस की तस बनी रही। अब गार्डर के कारण निर्माण कार्य रुक गया है, जबकि क्रॉसिंग के दोनों ओर फोरलेन का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में यह साफ है कि जब तक नए गार्डर नहीं बन जाते समस्या का निदान संभव नहीं है।
जनप्रतिनिधियों की बात
हुलासनगरा ओवरब्रिज का निर्माण जल्द पूरा कराने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से दो सितंबर 2019 को पत्राचार किया था। इसके उत्तर में परिवहन मंत्री गडकरी ने 30 दिसंबर 2020 को पत्र भेजकर अवगत कराया कि इस काम के लिए ठेकेदार की नियुक्ति की जा चुकी है और 11 अगस्त 2020 से कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। पत्र में कार्य प्रगति का ब्योरा देने के साथ शेष कार्य दस फरवरी 2021 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित बताया गया। यह भी बताया गया कि जब तक ओवरब्रिज का काम पूरा नहीं हो पा रहा, तब तक प्रशासन अपने विवेकानुसार सर्विस रोड का काम वरीयता के आधार पर कराए ताकि क्रॉसिंग पर जाम की समस्या खत्म हो सके। - वीर विक्रम सिंह प्रिंस, विधायक कटरा
16 जून को दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह से हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज जल्द बनाने को विस्तृत वार्ता की थी। उन्हें यह भी बताया कि ओवरब्रिज में इस्तेमाल होने वाले गार्डर करीब नौ साल तक जमीन पर पड़े रहने के कारण तकनीकी जांच में गुणवत्ताहीन पाए जाने के कारण रेलवे ने निरस्त कर दिए हैं और अब वहां आए दिन जाम लग रहा है। रेल विभाग भविष्य में किसी भी तरह के हादसे की आशंका टालना चाहता है। इसलिए राज्यमंत्री को यह सुझाव भी दिया है कि सड़क परिवहन मंत्रालय रेल विभाग से समन्वय बनाकर यह काम जल्द कराए। इसमें कोई शक नहीं कि यह बड़ा काम है और इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन नए गार्डर मिलते ही पुल का निर्माण तेजी से होने लगेगा। - अरुण सागर, सांसद
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम की समस्या के तात्कालिक निदान के लिए डीएम ने एनएचएआई के अधिकारियों को क्रॉसिंग पर दोनों ओर 500-500 मीटर तक डिवाइडर बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन एनएचएआई से बजट नहीं मिलने से यह काम नहीं हो सका। बाद में क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज जल्द बनाने का निर्णय होने पर डिवाइडरों का प्रस्ताव कार्य योजना से हट गया। अब चूंकि, ओवरब्रिज के गार्डर रेलवे ने निरस्त कर दिए हैं, इसलिए क्रॉसिंग पर जाम की समस्या खत्म करने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को पुल निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। - रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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गत कई वर्ष से क्रॉसिंग के पास हाईवे के यातायात में पड़ रही रुकावट के स्थायी समाधान के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फोरलेन के साथ क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज को मंजूरी दी थी। गत दो वर्ष से धीमी गति से चल रहे प्रस्तावित पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड के काम में कुछ तेजी आई, लेकिन तीन माह पूर्व वहां लगाए जाने वाले गार्डर तकनीकी जांच में रेलवे प्रशासन द्वारा अस्वीकृत कर दिए जाने के बाद से क्रॉसिंग पर पुल निर्माण में फिर से अवरोध पड़ गया।
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फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक मेें डीएम ने क्रॉसिंग पर दोनों ओर डिवाइडर बनाने के निर्देश दिए। यहां बता दें कि हुलासनगरा से ट्रेनें गुजरने पर क्रॉसिंग बंद होने के दौरान तमाम वाहन चालक लेन से हटकर साइड से वाहन निकालने की कोशिश करते हैं। जिससे क्रॉसिंग के पास अक्सर विपरीत दिशा के वाहन फंसने जाने से जाम लगता है। इन हालात मेें कई बार गेटमैन को रेलवे ट्रैक पर वाहन फंस जाने से क्रॉसिंग बंद करने में भी दिक्कत आती है और ट्रेनों को रोकना पड़ जाता है। इसीलिए माना गया कि डिवाइडर बनने से वाहन अपनी लेन में बने रहेंगे और क्रॉसिंग पर जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
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उस समय इस काम को एनएचएआई के अधिकारियों ने प्राथमिकता से कराने की हामी भरी, लेकिन रेल अधिकारियों ने क्रॉसिंग पर पुल प्रस्तावित होने के कारण वहां डिवाइडर बनाने को बजट जारी नहीं किया। बाद में ऑक्सीजन की ढुलाई करने वाले वाहनों के लिए क्रॉसिंग के दोनों ओर विशेष लेन बनाई गई, लेकिन सामान्य यातायात के लिए समस्या जस की तस बनी रही। अब गार्डर के कारण निर्माण कार्य रुक गया है, जबकि क्रॉसिंग के दोनों ओर फोरलेन का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में यह साफ है कि जब तक नए गार्डर नहीं बन जाते समस्या का निदान संभव नहीं है।
जनप्रतिनिधियों की बात
हुलासनगरा ओवरब्रिज का निर्माण जल्द पूरा कराने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से दो सितंबर 2019 को पत्राचार किया था। इसके उत्तर में परिवहन मंत्री गडकरी ने 30 दिसंबर 2020 को पत्र भेजकर अवगत कराया कि इस काम के लिए ठेकेदार की नियुक्ति की जा चुकी है और 11 अगस्त 2020 से कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। पत्र में कार्य प्रगति का ब्योरा देने के साथ शेष कार्य दस फरवरी 2021 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित बताया गया। यह भी बताया गया कि जब तक ओवरब्रिज का काम पूरा नहीं हो पा रहा, तब तक प्रशासन अपने विवेकानुसार सर्विस रोड का काम वरीयता के आधार पर कराए ताकि क्रॉसिंग पर जाम की समस्या खत्म हो सके। - वीर विक्रम सिंह प्रिंस, विधायक कटरा
16 जून को दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह से हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज जल्द बनाने को विस्तृत वार्ता की थी। उन्हें यह भी बताया कि ओवरब्रिज में इस्तेमाल होने वाले गार्डर करीब नौ साल तक जमीन पर पड़े रहने के कारण तकनीकी जांच में गुणवत्ताहीन पाए जाने के कारण रेलवे ने निरस्त कर दिए हैं और अब वहां आए दिन जाम लग रहा है। रेल विभाग भविष्य में किसी भी तरह के हादसे की आशंका टालना चाहता है। इसलिए राज्यमंत्री को यह सुझाव भी दिया है कि सड़क परिवहन मंत्रालय रेल विभाग से समन्वय बनाकर यह काम जल्द कराए। इसमें कोई शक नहीं कि यह बड़ा काम है और इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन नए गार्डर मिलते ही पुल का निर्माण तेजी से होने लगेगा। - अरुण सागर, सांसद
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम की समस्या के तात्कालिक निदान के लिए डीएम ने एनएचएआई के अधिकारियों को क्रॉसिंग पर दोनों ओर 500-500 मीटर तक डिवाइडर बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन एनएचएआई से बजट नहीं मिलने से यह काम नहीं हो सका। बाद में क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज जल्द बनाने का निर्णय होने पर डिवाइडरों का प्रस्ताव कार्य योजना से हट गया। अब चूंकि, ओवरब्रिज के गार्डर रेलवे ने निरस्त कर दिए हैं, इसलिए क्रॉसिंग पर जाम की समस्या खत्म करने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को पुल निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। - रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन