टमाटर फिर 200 रुपये किलो: शाहजहांपुर में दो दिन में बढ़ गए 80 रुपये, अन्य सब्जियों के दाम स्थिर
थोक में टमाटर 160 से लेकर 180 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है, जबकि फुटकर के दाम 200 रुपये प्रति किलो हैं। कीमतें बढ़ने से लोगों ने टमाटर खरीदना बंद कर दिया है।
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शाहजहांपुर में टमाटर के दाम फिर से आसमान छूने लगे हैं। एक बार फिर से टमाटर ने 200 रुपये का आंकड़ा छू लिया है। जबकि दो दिन पहले टमाटर के दाम 120 रुपये प्रति किलो थे। टमाटर के दाम बढ़ने से लोगों की खरीदने की हिम्मत नहीं हो रही।
इस सीजन में टमाटर के भाव में उतार चढ़ाव हो रहा है। दो दिन पहले तक 120 रुपये में बिकने वाला टमाटर फिर से 200 रुपये प्रति किलो में पहुंच गया है। आवक कम होने की वजह से टमाटर के दामों में फिर से वृद्धि हो गई है। महाराष्ट्र से टमाटर की सीधे खेप स्थानीय मंडी नहीं पहुंच रही है। सब्जी व्यापारी टमाटर को कानपुर और लखनऊ से मंगा रहे हैं। कम मात्रा में आने की वजह से टमाटर फिर से महंगा हो गया है।
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रूट डायवर्जन भी बन रहा कारण
शुक्रवार से लेकर सोमवार तक कांवड़ यात्रा की वजह से प्रदेश के अधिकत रूटों पर प्राइवेट वाहन , ट्रक आदि पर प्रतिबंध रहता है। जिसकी वजह से मंडी में आवक कम हो जाती है। आवक कम होने की वजह से टमाटर के दामों में वृद्धि हो जाती है।
आवक कम होने से बढ़ रहे भाव
रोजा सब्जी मंडी के थोक व्यापारी रामरतन ने बताया कि टमाटर की आवक कम हो रहे रही है। जिसकी वजह से दामों में वृद्धि हो रही है। थोक में टमाटर 160 से लेकर 180 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। इसी वजह से फुटकर के दाम 200 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं।दूसरी सब्जियों के दाम स्थिर
बाजार में टमाटर के अलावा अन्य सब्जियों के दाम स्थिर है। भिंडी 40 रुपये किग्रा, तुरई 20 रुपये किग्रा, गोभी 100 रुपये किग्रा, परमल 80 रुपये किग्रा, लौकी 30 रुपये किग्रा में बिक रही है। ग्राहक इन्हीं सब्जियों को लेकर जा रहे हैं और बिना टमाटर का उपयोग किए बना रहे है।ग्राहक ने भी टमाटर से बनाई दूरी
फुटकर सब्जी विक्रेता सुनील ने बताया कि टमाटर महंगे होने की वजह से ग्राहक कम खरीद कर रहे हैं। इसी वजह से दुकानदार भी कम मात्रा में टमाटर लगा रहे हैं। आवक बढ़ने पर टमाटर के भाव गिर जाते हैं। घटने पर बढ़ जाते हैं।
रोजा मंडी सचिव प्रवीण कुमार अवस्थी ने बताया कि शनिवार को मोहर्रम और रविवार को छुट्टी होने की वजह से थोक में लगने पर काउंटर नहीं लगा। आवक कम होने की वजह टमाटर महंगे हो गए हैं। महाराष्ट्र से टमाटर सीधे मंडी में नहीं आ रहे हैं। व्यापारी बड़ी मंडियों से टमाटर मंगवाकर बेच रहे हैं। इसी वजह से टमाटर के भाव में उतार-चढ़ाव हो रहा है।