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Shahjahanpur News: धर्मांतरण कराने पर दंपती समेत तीन गिरफ्तार
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सिंधौली पुलिस की गिरफ्त में धर्मांतरण कराने के आरोपी। स्रोत : पुलिस
शाहजहांपुर। भोलेभाले लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित कराने के आरोप में पुलिस ने दंपती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सिंधौली में प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों का धर्मांतरण कराते थे। तमिलनाडु के रहने वाले आरोपी के खाते में तमिलनाडु, मुंबई और गाजियाबाद की चार संस्थाओं से 25 लाख रुपये आए थे। पुलिस फंड देने वाली संस्थाओं की जांच कर रही है।
20 जुलाई को सिंधौली कस्बे के एक मकान में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराए जाने की सूचना पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे। हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने विवेचना शुरू की तो इसमें धर्मांतरण के लिए फंडिंग के तथ्य सामने आने लगे।
पुलिस ने शनिवार सुबह 10:45 बजे नियामतपुर चौराहे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि जांच में सामने आया कि लखीमपुर के संपूर्णानगर की रहने वाली किरन जोसुआ, तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के शिवलिंगपुरम थाना क्षेत्र के सिगानल्लूर निवासी उसका पति पद्मनाभन उर्फ पास्टर जोसुआ और निगोही के राघवपुर सिकंदरपुर गांव का असनीत राठौर उर्फ असनीत मसीह हर रविवार को ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा का आयोजन करते थे।
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सिंधौली क्षेत्र के सीधे-साधे, निर्धन और अनपढ़ व्यक्तियों को वरगलाकर ईसाई धर्म में परिवर्तित कराते थे। लोगों की बीमारी ठीक करने, बांझपन दूर करने, गृह क्लेश खत्म करने का झांसा देते थे। साथ ही गरीब लोगों को कपड़ा, राशन व आर्थिक मदद देकर वरगलाते थे। एसपी ने बताया कि पद्मनाभन के एसबीआई और बैंक आफ बड़ौदा के खातों में जीसस रिडिमस मिशनरी, तमिलनाडु, मिशनरी यूपी होल्डर ट्रस्ट, मुंबई, द पाकेट सिस्टामेट थाम्सप्लेट हाट्स संस्था, मुंबई और पीटीआई इंडिया ट्रस्ट, गाजियाबाद से 25,75,642 रुपये आर्थिक मदद दिए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
फंडिंग करने वाली संस्था जीसस रिडिमस मिशनरी का खाता 16 मई 2017 को खोला गया था जिसमें ओपनिंग बैलेंस के रूप में चार करोड़ 60 लाख रुपये डाले गए थे। इस खाते से इसी प्रकार की संस्थाओं को यूपीआई और आरटीजीएस के माध्यम से फंडिंग की गई। संस्था के खाते में अब केवल 16 लाख रुपये बचे हैं। इसे होल्ड कराकर संस्था की ओर से किए गए लेनदेन की जांच कराई जा रही है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है। जिनका धर्म परिवर्तन किया है, वे सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन इसके पुख्ता सुबूत मिले हैं कि कई लोगों का धर्मांतरण किया गया है।
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20 जुलाई को सिंधौली कस्बे के एक मकान में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराए जाने की सूचना पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे। हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने विवेचना शुरू की तो इसमें धर्मांतरण के लिए फंडिंग के तथ्य सामने आने लगे।
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पुलिस ने शनिवार सुबह 10:45 बजे नियामतपुर चौराहे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि जांच में सामने आया कि लखीमपुर के संपूर्णानगर की रहने वाली किरन जोसुआ, तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के शिवलिंगपुरम थाना क्षेत्र के सिगानल्लूर निवासी उसका पति पद्मनाभन उर्फ पास्टर जोसुआ और निगोही के राघवपुर सिकंदरपुर गांव का असनीत राठौर उर्फ असनीत मसीह हर रविवार को ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा का आयोजन करते थे।
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सिंधौली क्षेत्र के सीधे-साधे, निर्धन और अनपढ़ व्यक्तियों को वरगलाकर ईसाई धर्म में परिवर्तित कराते थे। लोगों की बीमारी ठीक करने, बांझपन दूर करने, गृह क्लेश खत्म करने का झांसा देते थे। साथ ही गरीब लोगों को कपड़ा, राशन व आर्थिक मदद देकर वरगलाते थे। एसपी ने बताया कि पद्मनाभन के एसबीआई और बैंक आफ बड़ौदा के खातों में जीसस रिडिमस मिशनरी, तमिलनाडु, मिशनरी यूपी होल्डर ट्रस्ट, मुंबई, द पाकेट सिस्टामेट थाम्सप्लेट हाट्स संस्था, मुंबई और पीटीआई इंडिया ट्रस्ट, गाजियाबाद से 25,75,642 रुपये आर्थिक मदद दिए जाने के साक्ष्य मिले हैं।
फंडिंग करने वाली संस्था जीसस रिडिमस मिशनरी का खाता 16 मई 2017 को खोला गया था जिसमें ओपनिंग बैलेंस के रूप में चार करोड़ 60 लाख रुपये डाले गए थे। इस खाते से इसी प्रकार की संस्थाओं को यूपीआई और आरटीजीएस के माध्यम से फंडिंग की गई। संस्था के खाते में अब केवल 16 लाख रुपये बचे हैं। इसे होल्ड कराकर संस्था की ओर से किए गए लेनदेन की जांच कराई जा रही है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है। जिनका धर्म परिवर्तन किया है, वे सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन इसके पुख्ता सुबूत मिले हैं कि कई लोगों का धर्मांतरण किया गया है।