फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The process of evicting the encroachers from the cremation ground has stopped.

Shahjahanpur News: श्मशान की जमीन से कब्जेदारों को बेदखल करने की कार्रवाई थमी

Wed, 12 Nov 2025 01:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 12 Nov 2025 01:36 AM IST
विज्ञापन
The process of evicting the encroachers from the cremation ground has stopped.
जलालाबाद के रौली बौरी में मकान ढहाए जाने के बाद खुले में पन्नी तानकर रह रहा परिवार। संवाद - फोटो : ramnagar news
जलालाबाद। रौली बौरी गांव में श्मशान की जमीन से कब्जेदारों को बेदखल करने की कार्रवाई मंगलवार को नहीं हुई। हालांकि, गांव में दिनभर पुलिस बल तैनात रहा और पांच एंबुलेंस भी मौजूद रहीं। प्रशासन का दावा है कि प्रधानमंत्री योजना के आवासों को छोड़कर श्मशान की जमीन पर बने अन्य सभी आवास ध्वस्त करा दिए गए हैं। बेदखली कार्रवाई के बाद रौली बौरी में पूरब दिशा की एक बस्ती पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गई है।
विज्ञापन

गांव के आजम व लल्लन ने प्रशासन पर जल्दबाजी में पक्षपात तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करने तक की मोहलत नहीं दी गई, जबकि कई आवास बिना कार्रवाई के छोड़ दिए गए। एसडीएम प्रभात राय ने बताया कि सोमवार को शाम तक रौली बौरी में श्मशान की जमीन से 30 मकान जेसीबी से ध्वस्त करा दिए गए।
विज्ञापन

उन्होंने इस कार्रवाई में किसी तरह के भेदभाव से इन्कार करते हुए बताया कि केवल उन्हीं 15 आवासों को ध्वस्त करने से रोका गया है, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनवाया गया है। इन आवासों के संबंध में जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


--
पांच परिवारों के रहने की प्रशासन ने कराई व्यवस्था
प्रशासन के आग्रह के बाद भी वहां से बेघर किए गए लोगों में से किसी भी परिवार ने आसरा आवास में शरण नहीं ली। जिन परिवारों के पास रहने की कोई और जगह नहीं थी, उन्होंने सोमवार की रात खुले आसमान के नीचे गुजारी। प्रशासन ने क्षेत्रीय लेखपाल मनमोहन को गांव भेजकर लोगों के रहने के लिए अस्थायी रूप से जगह की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मंगलवार को पांच परिवारों को प्राथमिक स्कूल के प्रांगण में बने आंगनबाड़ी केंद्र में ठहराया गया। भोजन भी बनवाया गया। लेखपाल ने बताया कि अस्थायी आवास के लिए 20 टेंट मंगवाए हैं। इसके विपरीत अपने पक्के मकान गंवाने वाले कासिम, आलम शेर और आफताब परिवार के रहने के लिए एक खेत में पन्नी बांधते दिखे। आसरा आवास में शरण नहीं लेने की वजह पूछने पर कहा कि प्रशासन ने उन्हें बेघर कर दिया है इसलिए वे अब अधिकारियों से किसी तरह की मदद स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि उनके परिवारों में महिलाओं और बच्चों को मिलाकर 50 से ज्यादा लोग हैं। जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, वे लोग खेत में किसी तरह गुजर-बसर कर लेंगे।

जलालाबाद के रौली बौरी में मकान ढहाए जाने के बाद खुले में पन्नी तानकर रह रहा परिवार। संवाद

जलालाबाद के रौली बौरी में मकान ढहाए जाने के बाद खुले में पन्नी तानकर रह रहा परिवार। संवाद- फोटो : ramnagar news

जलालाबाद के रौली बौरी में मकान ढहाए जाने के बाद खुले में पन्नी तानकर रह रहा परिवार। संवाद

जलालाबाद के रौली बौरी में मकान ढहाए जाने के बाद खुले में पन्नी तानकर रह रहा परिवार। संवाद- फोटो : ramnagar news

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed