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सूदखोर करा चुका था मकान की रजिस्ट्री खाली करने के लिए दिया था अल्टीमेटम
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शाहजहांपुर। सूदखोर न केवल दवा कारोबारी अखिलेश गुप्ता को प्रताड़ित करता था बल्कि उसकी पत्नी से भी अभद्रता कर चुका था। इसी वजह से दंपती सूदखोर से बेहद डरे हुए थे। पिता डॉ. अशोक गुप्ता ने मंगलवार को चौक कोतवाली में एक तहरीर और दी है जिसमें इन सारी बातों का जिक्र किया गया है।
पिता अशोक गुप्ता ने चौक कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि बेटा अखिलेश गुप्ता कई वर्षों से कच्चा कटरा मोहल्ले में रह रहा था। मोहल्ले में ही अपनी निजी जमीन खरीदकर उस पर दो मंजिला मकान बनवाया था। कांट थाना क्षेत्र के मोहल्ला मरहइया निवासी अविनाश वाजपेयी से कुछ सालों से उसके व्यावसायिक संबंध थे। इस वजह से उसका घर पर आना-जाना लगा रहता था। बेटे अखिलेश ने व्यवसाय बढ़ाने के लिए कुछ रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि बहाने से रजिस्टार आफिस ले जाकर धोखे से मकान की रजिस्ट्री करा ली । बेटे ने कुछ लाख रुपये उधार लिए थे जिसे ब्याज पर ब्याज लगाकर एक करोड़ रुपये बना दिया गया। करीब 37 लाख रुपये बेटे से वसूल भी लिए गए। इसका लेखाजोखा अखिलेश से बरामद की गई डायरी में है। लगभग 70 लाख रुपये की अविनाश और मांग कर रहा था। शेष रकम न देने पर सात जून सुबह 11 बजे मकान पर कब्जा करने की चार- पांच दिन से धमकी दी जा रही थी। धमकाया था कि अगर सात जून तक रुपये नहीं मिले तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। हमारा कोई कुछ नहीं कर पाएगा। किसी को खबर तक नहीं होगी। मकान पर कब्जा कर लेंगे। बहू रेशू ने छह जून को ये सारी बातें फोन पर अपने ससुर को बताई थीं। इससे पहले भी होली पर जब उनका बेटा और बहू घर आए थे तब बहू रेशू गुप्ता ने अपनी सास मीरा गुप्ता को यह बात बताई थी कि अविनाश कई बार उससे बदतमीजी कर चुका है। यह सब उसने अपने पति को नहीं बताया। अशोक गुप्ता के अनुसार उनकी पत्नी मीरा गुप्ता ने उनसे सारी बात बताई लेकिन बदनामी और बात आगे बढ़ने के डर से सब चुप हो गए। छह जून को शाम आठ बजे छह-सात अज्ञात लोग हथियारों के साथ घर आए थे और धमकाया था कि कल सुबह दस बजे आखिरी समय है। तब तक 70 लाख रुपये दे दो या फिर मकान कब्जा कर लेंगे। इन लोगों ने धोखाधड़ी कर पहले ही मकान अपने नाम करा लिया था। पिता ने अविनाश और पांच अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और मकान की रजिस्ट्री रद्द करने की मांग की है। पिता अशोक गुप्ता बुधवार को सुबह करीब 11 बजे रिश्तेदारों के साथ जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से भी मिलेंगे।
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मामले की सीबीसीआईडी जांच की मांग
राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष किशोर गुप्ता के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक एस आनंद से मुलाकात की। व्यापार संगठन की ओर से प्रकरण की सीबीसीआईडी जांच की मांग की गई है। किशोर गुप्ता ने एसपी से बताया कि घर का मेन गेट खुला था। अखिलेश गुप्ता की आर्थिक स्थिति इतनी भी खराब नहीं थी कि उन्हें पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करनी पड़े। सूदखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। इस दौरान वरिष्ठ महामंत्री इं. अनुज गुप्ता, जिला महामंत्री आशीष वर्मा, संयुक्त जिला महामंत्री महेंद्र चावला, युवा जिलाध्यक्ष रोहित गुप्ता और वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य संजय सेठी मौजूद रहे । संवाद
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पिता अशोक गुप्ता ने चौक कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि बेटा अखिलेश गुप्ता कई वर्षों से कच्चा कटरा मोहल्ले में रह रहा था। मोहल्ले में ही अपनी निजी जमीन खरीदकर उस पर दो मंजिला मकान बनवाया था। कांट थाना क्षेत्र के मोहल्ला मरहइया निवासी अविनाश वाजपेयी से कुछ सालों से उसके व्यावसायिक संबंध थे। इस वजह से उसका घर पर आना-जाना लगा रहता था। बेटे अखिलेश ने व्यवसाय बढ़ाने के लिए कुछ रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि बहाने से रजिस्टार आफिस ले जाकर धोखे से मकान की रजिस्ट्री करा ली । बेटे ने कुछ लाख रुपये उधार लिए थे जिसे ब्याज पर ब्याज लगाकर एक करोड़ रुपये बना दिया गया। करीब 37 लाख रुपये बेटे से वसूल भी लिए गए। इसका लेखाजोखा अखिलेश से बरामद की गई डायरी में है। लगभग 70 लाख रुपये की अविनाश और मांग कर रहा था। शेष रकम न देने पर सात जून सुबह 11 बजे मकान पर कब्जा करने की चार- पांच दिन से धमकी दी जा रही थी। धमकाया था कि अगर सात जून तक रुपये नहीं मिले तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। हमारा कोई कुछ नहीं कर पाएगा। किसी को खबर तक नहीं होगी। मकान पर कब्जा कर लेंगे। बहू रेशू ने छह जून को ये सारी बातें फोन पर अपने ससुर को बताई थीं। इससे पहले भी होली पर जब उनका बेटा और बहू घर आए थे तब बहू रेशू गुप्ता ने अपनी सास मीरा गुप्ता को यह बात बताई थी कि अविनाश कई बार उससे बदतमीजी कर चुका है। यह सब उसने अपने पति को नहीं बताया। अशोक गुप्ता के अनुसार उनकी पत्नी मीरा गुप्ता ने उनसे सारी बात बताई लेकिन बदनामी और बात आगे बढ़ने के डर से सब चुप हो गए। छह जून को शाम आठ बजे छह-सात अज्ञात लोग हथियारों के साथ घर आए थे और धमकाया था कि कल सुबह दस बजे आखिरी समय है। तब तक 70 लाख रुपये दे दो या फिर मकान कब्जा कर लेंगे। इन लोगों ने धोखाधड़ी कर पहले ही मकान अपने नाम करा लिया था। पिता ने अविनाश और पांच अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और मकान की रजिस्ट्री रद्द करने की मांग की है। पिता अशोक गुप्ता बुधवार को सुबह करीब 11 बजे रिश्तेदारों के साथ जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से भी मिलेंगे।
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मामले की सीबीसीआईडी जांच की मांग
राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष किशोर गुप्ता के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक एस आनंद से मुलाकात की। व्यापार संगठन की ओर से प्रकरण की सीबीसीआईडी जांच की मांग की गई है। किशोर गुप्ता ने एसपी से बताया कि घर का मेन गेट खुला था। अखिलेश गुप्ता की आर्थिक स्थिति इतनी भी खराब नहीं थी कि उन्हें पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करनी पड़े। सूदखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। इस दौरान वरिष्ठ महामंत्री इं. अनुज गुप्ता, जिला महामंत्री आशीष वर्मा, संयुक्त जिला महामंत्री महेंद्र चावला, युवा जिलाध्यक्ष रोहित गुप्ता और वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य संजय सेठी मौजूद रहे । संवाद
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