शाहजहांपुर में बाढ़: एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर परिसर में भरा पानी, कुत्तों को छोड़कर निकल गया स्टाफ
शाहजहांपुर में गर्रा नदी की पानी अजीजगंज स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर परिसर में भर गया है। बुधवार को सेंटर का स्टाफ यहां से चला गया। यहां 15 से 20 कुत्ते रखे गए हैं, जिनकी देखभाल के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है।
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शाहजहांपुर के अजीजगंज में नगर निगम की ओर से बनाए गए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में गर्रा नदी का पानी पहुंचने से कुत्तों की नसबंदी का काम बंद हो गया है। सेंटर में तैनात स्टाफ भी वहां से चला गया है। बुधवार दोपहर पूरा परिसर पानी से घिरा नजर आया। सेंटर के अंदर करीब 15 से 20 कुत्ते बंद थे लेकिन उनकी देखभाल के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। कुत्ते भूखे-प्यासे नजर आ रहे थे।
नगर निगम ने औरैया की एक एजेंसी को कुत्तों की नसबंदी का ठेका दिया है। एजेंसी को प्रत्येक कुत्ते की नसबंदी के एवज में नगर निगम की ओर से 980 रुपये का भुगतान किया जाता है। इस राशि में कुत्तों को पकड़ने से लेकर नसबंदी करने, तीन से चार दिन तक सेंटर में रखने, दवा और खाने-पीने की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी एजेंसी की होती है। नसबंदी के बाद दो-तीन दिन में कुत्तों के स्वस्थ होने पर उन्हें उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है।
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पानी भरने के बाद बंद हुआ काम
गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ अजीजगंज स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर तक पहुंच गई है। सेंटर के बाहर और अंदर पानी भर गया है। सेंटर के अंदर करीब 15 से 20 कुत्ते बंद हैं। बाढ़ के पानी के बीच उनके लिए खाने और पीने की व्यवस्था करने वाला कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है। ऐसे में कुत्तों के भूखे-प्यासे रहने की स्थिति बनी हुई है। सेंटर में कुत्तों को रखने के लिए बनाए गए स्थानों तक भी पानी पहुंच गया है। यदि जल्द उनकी देखभाल की व्यवस्था नहीं की गई तो उनकी हालत और बिगड़ सकती है।
नगर निगम की जिम्मेदारी पर सवाल
नसबंदी के लिए एजेंसी को भुगतान किए जाने के बावजूद बाढ़ की स्थिति में सेंटर में बंद कुत्तों की देखभाल की व्यवस्था नहीं होने से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद कुत्तों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने या उनके लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करने के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाए गए, यह भी सवाल बना हुआ है।
नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज मिश्र ने बताया कि वह सुबह सेंटर में गए थे। वहां उपस्थित स्टाफ को पानी बढ़ने पर कुत्तों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए कहा था। अगर सेंटर पर कोई कर्मचारी नहीं है तो एजेंसी संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा।