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Shahjahanpur News: उच्च शिक्षा के बदले नहीं हालात, व्यावसायिक में भी पिछड़े
Sat, 13 Apr 2024 03:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 13 Apr 2024 03:02 AM IST
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शाहजहांपुर। जिले में अब तक 17 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। हर बार सांसद चुने जाते रहे, लेकिन उच्च और व्यावसायिक शिक्षा में जिला अपेक्षित प्रगति नहीं कर सका।
उच्च शिक्षा के लिए सरकारी महाविद्यालयों की जबरदस्त कमी है। खासतौर पर लड़कियों के लिए बेहतर इंतजाम नहीं हैं। व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा की स्थिति भी खराब है। जिले में राजकीय महाविद्यालयों के नाम पर तिलहर और जलालाबाद में एक-एक कॉलेज है। जबकि शहरी क्षेत्र में तीन एडेड महाविद्यालय हैं। इनमें से लड़कियों के लिए सिर्फ एक आर्य महिला डिग्री कॉलेज है। इनके अलावा जिले में न तो कोई राजकीय महाविद्यालय और न ही लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा का कोई प्रबंध है।
व्यावसायिक शिक्षा की बात करें तो माध्यमिक विद्यालयों में तीन तरह की व्यावसायिक शिक्षा संचालित हैं। इनमें कौशल विकास व्यावसायिक शिक्षा, पुरानी व्यावसायिक शिक्षा तथा रिवाइज व्यावसायिक शिक्षा शामिल है। कौशल विकास के तहत व्यावसायिक शिक्षा चार विद्यालयों में प्रदान की जा रही है। जबकि, पुरानी व्यावसायिक शिक्षा दो राजकीय व छह एडेड विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के माध्यम से दी जाती है। इनके अलावा रिवाइज व्यावसायिक शिक्षा जिले के छह विद्यालयों में मिल रही है।
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कौशल विकास तथा रिवाइज व्यावसायिक शिक्षा को दूसरे विद्यालयों में भी शुरू कराने के प्रयास नई शिक्षा नीति के तहत जरूर हो रहे हैं। वहीं पुरानी व्यावसायिक शिक्षा उन्हीं विद्यालयों में मिलेगी, जहां पर वर्तमान में चल रही है।
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तकनीकी शिक्षा का यह है हाल
जिले में तकनीकी शिक्षा के लिए तीन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं। ये रोजा, पुवायां और जलालाबाद में चल रहे हैं। इनके अलावा नौ निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में लड़कियों के प्रवेश के लिए सिर्फ 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाता है। यानी प्रत्येक ट्रेड में 80 लड़कों के सापेक्ष सिर्फ 20 लड़कियां ही प्रवेश ले पाती हैं। कुछ ट्रेड सिर्फ लड़कियों के लिए हैं। इनमें इम्ब्राइडरी, स्टेनो हिंदी, कटाई-सिलाई, ड्रेस मेकिंग, फैशन डिजाइनिंग, कॉस्मोलॉजी ट्रेड शामिल हैं। इनके अलावा तिलहर में नवनिर्मित आईटीआई भवन को ट्रिपल सी के तहत निजी फर्म को आवंटित कर दिया गया है। यही फर्म अपने स्तर से इसका संचालन करेगी और शुल्क वसूलेगी। इस तरह से तकनीकी शिक्षा में भी जिले के युवाओं के लिए कोई खास प्रयास नहीं हुए हैं।
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जिले में दो राजकीय महाविद्यालय संचालित हैं। इनमें स्नातक व स्नातकोत्तर की कक्षाएं संचालित होती हैं। शासन से तय शिक्षण शुल्क लिया जाता है। व्यावसायिक शिक्षा में कौशल विकास और रिवाइज व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
-हरिवंश कुमार, डीआईओएस, शाहजहांपुर
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रोजा, तिलहर और जलालाबाद में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में विभिन्न ट्रेड में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। लड़कियों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। कुछ ट्रेड्स में लड़कियों को ही प्रवेश मिलता है। - नरेंद्र सिंह, प्राचार्य, राजकीय आईटीआई रोजा
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उच्च शिक्षा के लिए सरकारी महाविद्यालयों की जबरदस्त कमी है। खासतौर पर लड़कियों के लिए बेहतर इंतजाम नहीं हैं। व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा की स्थिति भी खराब है। जिले में राजकीय महाविद्यालयों के नाम पर तिलहर और जलालाबाद में एक-एक कॉलेज है। जबकि शहरी क्षेत्र में तीन एडेड महाविद्यालय हैं। इनमें से लड़कियों के लिए सिर्फ एक आर्य महिला डिग्री कॉलेज है। इनके अलावा जिले में न तो कोई राजकीय महाविद्यालय और न ही लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा का कोई प्रबंध है।
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व्यावसायिक शिक्षा की बात करें तो माध्यमिक विद्यालयों में तीन तरह की व्यावसायिक शिक्षा संचालित हैं। इनमें कौशल विकास व्यावसायिक शिक्षा, पुरानी व्यावसायिक शिक्षा तथा रिवाइज व्यावसायिक शिक्षा शामिल है। कौशल विकास के तहत व्यावसायिक शिक्षा चार विद्यालयों में प्रदान की जा रही है। जबकि, पुरानी व्यावसायिक शिक्षा दो राजकीय व छह एडेड विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के माध्यम से दी जाती है। इनके अलावा रिवाइज व्यावसायिक शिक्षा जिले के छह विद्यालयों में मिल रही है।
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कौशल विकास तथा रिवाइज व्यावसायिक शिक्षा को दूसरे विद्यालयों में भी शुरू कराने के प्रयास नई शिक्षा नीति के तहत जरूर हो रहे हैं। वहीं पुरानी व्यावसायिक शिक्षा उन्हीं विद्यालयों में मिलेगी, जहां पर वर्तमान में चल रही है।
तकनीकी शिक्षा का यह है हाल
जिले में तकनीकी शिक्षा के लिए तीन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं। ये रोजा, पुवायां और जलालाबाद में चल रहे हैं। इनके अलावा नौ निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में लड़कियों के प्रवेश के लिए सिर्फ 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाता है। यानी प्रत्येक ट्रेड में 80 लड़कों के सापेक्ष सिर्फ 20 लड़कियां ही प्रवेश ले पाती हैं। कुछ ट्रेड सिर्फ लड़कियों के लिए हैं। इनमें इम्ब्राइडरी, स्टेनो हिंदी, कटाई-सिलाई, ड्रेस मेकिंग, फैशन डिजाइनिंग, कॉस्मोलॉजी ट्रेड शामिल हैं। इनके अलावा तिलहर में नवनिर्मित आईटीआई भवन को ट्रिपल सी के तहत निजी फर्म को आवंटित कर दिया गया है। यही फर्म अपने स्तर से इसका संचालन करेगी और शुल्क वसूलेगी। इस तरह से तकनीकी शिक्षा में भी जिले के युवाओं के लिए कोई खास प्रयास नहीं हुए हैं।
जिले में दो राजकीय महाविद्यालय संचालित हैं। इनमें स्नातक व स्नातकोत्तर की कक्षाएं संचालित होती हैं। शासन से तय शिक्षण शुल्क लिया जाता है। व्यावसायिक शिक्षा में कौशल विकास और रिवाइज व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
-हरिवंश कुमार, डीआईओएस, शाहजहांपुर
रोजा, तिलहर और जलालाबाद में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में विभिन्न ट्रेड में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। लड़कियों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। कुछ ट्रेड्स में लड़कियों को ही प्रवेश मिलता है। - नरेंद्र सिंह, प्राचार्य, राजकीय आईटीआई रोजा