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...जब किसी ने नहीं सुनीं भैंसी नदी की पीड़ा तो ग्रामीणों ने उठाया बीड़ा
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पुवायां (शाहजहांपुर)। ‘मिनी पंजाब’ पुवायां की भैंसी नदी की भूमि पर लोगों ने कब्जा कर फसलें भी खड़ी कर ली। इतना सब होने के बाद भी भैंसी नदी की ओर से जिम्मेदारों ने निगाहें फेरे रखीं हैं। ग्रामीणों ने भैंसी नदी को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया है। यहां विपिन शुक्ला सफाई में जुटे हैं तो 70 किमी दूर मदनापुर से प्रधान हबीबुल्ला भी सफाई कार्य करने आते हैं। 60 साल के बुजुर्ग भी श्रमदान कर रहे हैं तो दस साल तक के किशोर भी जुटे हुए हैं। महिलाएं भी श्रमदान में पुरुषों से पीछे नहीं हैं।
लखनऊ की लोकभारती संस्था कई वर्षों से गोमती संरक्षण अभियान चला रही है। अवैध कब्जों के कारण भैंसी नदी में वर्षों से पानी नहीं आया। लोकभारती संस्था की पहल पर भैंसी नदी के सफाई अभियान में हर आयु वर्ग, हर जाति, धर्म के लोग कंधे से कंधा मिलाकर प्रत्येक रविवार को सफाई कार्य करने आ जाते हैं। अब तक भैंसी नदी की लगभग एक किमी तक तलीझाड़ सफाई हो चुकी है।
पुवायां। भैंसी नदी की जिले में कुल यात्रा 42 किमी की है। बंडा के गांव नवादा ढाह के पास नदी में सात, नभीची में तीन देवकली में एक तालाब है। इनमें से कई पर कब्जा है। गांव नवादा ढाह, बिलंदापुर, इनायतपुर, बरौना, गंगाई आदि स्थानों पर नदी भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती की जा रही है। इसके लिए चार सेक्टर बना कर रजनीश, देवेश, राजदीप, विपिन शुक्ला, प्रमोद कुमार को प्रभारी बनाया गया है। राजीव सिंह को अभियान का समन्वयक बनाया गया है।
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भैंसी नदी पर कई स्थानों पर कब्जे हैं, इसके लिए जिला प्रशासन से मिलकर सहयोग मांगा जाएगा। पुवायां क्षेत्र के ग्रामीण श्रमदान करके पूरा सहयोग कर रहे हैं, जो सराहनीय है।
संजय उपाध्याय, पश्चिमी यूपी उत्तराखंड प्रमुख लोकभारती संस्था
श्रमदान करके भैंसी नदी को पुनर्जीवित करने का काम चल रहा है, इसीलिए मैं श्रमदान करने आया हूं।
हबीबुल्ला प्रधान गांवसभा बमरौली, ब्लॉक मदनापुर
भैंसी नदी को जीवन देने के लिए तलीझाड़ सफाई की जा रही है। हर रविवार लोगों की संख्या बढ़ रही है।
विपिन शुक्ला, प्रांत सुरक्षा प्रमुख बजरंग दल
मेरी प्रशासन से मांग है कि अवैध कब्जे हटवाकर भैंसी नदी को नया जीवन देने के लिए सहयोग करना चाहिए।
राजीव सिंह, प्रांत मंत्री विहिप/कार्यक्रम समन्वयक
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लखनऊ की लोकभारती संस्था कई वर्षों से गोमती संरक्षण अभियान चला रही है। अवैध कब्जों के कारण भैंसी नदी में वर्षों से पानी नहीं आया। लोकभारती संस्था की पहल पर भैंसी नदी के सफाई अभियान में हर आयु वर्ग, हर जाति, धर्म के लोग कंधे से कंधा मिलाकर प्रत्येक रविवार को सफाई कार्य करने आ जाते हैं। अब तक भैंसी नदी की लगभग एक किमी तक तलीझाड़ सफाई हो चुकी है।
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पुवायां। भैंसी नदी की जिले में कुल यात्रा 42 किमी की है। बंडा के गांव नवादा ढाह के पास नदी में सात, नभीची में तीन देवकली में एक तालाब है। इनमें से कई पर कब्जा है। गांव नवादा ढाह, बिलंदापुर, इनायतपुर, बरौना, गंगाई आदि स्थानों पर नदी भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती की जा रही है। इसके लिए चार सेक्टर बना कर रजनीश, देवेश, राजदीप, विपिन शुक्ला, प्रमोद कुमार को प्रभारी बनाया गया है। राजीव सिंह को अभियान का समन्वयक बनाया गया है।
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भैंसी नदी पर कई स्थानों पर कब्जे हैं, इसके लिए जिला प्रशासन से मिलकर सहयोग मांगा जाएगा। पुवायां क्षेत्र के ग्रामीण श्रमदान करके पूरा सहयोग कर रहे हैं, जो सराहनीय है।
संजय उपाध्याय, पश्चिमी यूपी उत्तराखंड प्रमुख लोकभारती संस्था
श्रमदान करके भैंसी नदी को पुनर्जीवित करने का काम चल रहा है, इसीलिए मैं श्रमदान करने आया हूं।
हबीबुल्ला प्रधान गांवसभा बमरौली, ब्लॉक मदनापुर
भैंसी नदी को जीवन देने के लिए तलीझाड़ सफाई की जा रही है। हर रविवार लोगों की संख्या बढ़ रही है।
विपिन शुक्ला, प्रांत सुरक्षा प्रमुख बजरंग दल
मेरी प्रशासन से मांग है कि अवैध कब्जे हटवाकर भैंसी नदी को नया जीवन देने के लिए सहयोग करना चाहिए।
राजीव सिंह, प्रांत मंत्री विहिप/कार्यक्रम समन्वयक