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सेल्फी से होगा स्पॉट विजिट का सत्यापन
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 19 Aug 2015 11:36 PM IST
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होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बरेली जोन की पुलिस ने अपना वर्कमैप तैयार कर लिया है। हर ग्राम पंचायत में सरकारी व्यवस्था से जुड़े स्थानीय आशा, आंगनबाड़ी वर्कर, एएनएम, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और कोटेदारों के नाम और मोबाइल नंबर का डेटा तैयार कर लिया गया है। जिला स्तर पर इनका बुकलेट छपने जा रहा है। जोन में ऐसे कुल 75 हजार लोगों का कम्यूनिकेशन नेटवर्क बनाया गया है। इनसे हर सूचना का क्रास वेरीफिकेशन होगा। सूचना मिलने पर मौके पर जाने वाले हलका सिपाही, दारोगा, थानेदार से लेकर अन्य पुलिस अधिकारी का अब जुबानी तौर पर सत्यापन नहीं चलेगा। मौके पर जाकर वहां मोबाइल से अपनी सेल्फी बनाकर व्हाट्सएप पर डालनी होगी, तभी स्पॉट विजिट सत्यापित होगा।
बुधवार शाम को शाहजहांपुर में चुनावी तैयारी के संबंध में पुलिस अधिकारियों की बैठक लेते हुए आईजी विजय सिंह मीणा ने लागू की गई नई व्यवस्था के बारे में बताया। कहा कि सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को बीतते ही नई व्यवस्था पर अमल शुरू होगा। इसमें क्विक रिसपांस पर जोर रहेगा ताकि विवाद को यथाशीघ्र सुलझाया जाए, चाहे वह किसी भी प्रकार का क्यों ना हो। उसमें कहीं भी किसी भी स्तर पर पार्टी बंदी का हिस्सा नहीं बनना है। फर्जी शिकायतों को हतोत्साहित करने को कहा। ताकीद की कि यदि कहीं भी कोई पुलिसकर्मी पार्टीबंदी में लिप्त मिलेगा तो नपेगा। वैसे मामले में संबंधित थानेदार पर जिम्मेदारी और जवाबदेही फिक्स होगी। क्विक रिसपांस के लिए जोन के हर जिले में औसतन आठ हजार लोगों का कम्यूनिकेशन नेटवर्क तय हुआ है। पीलीभीत सरीखे जिले में यह संख्या करीब साढ़े चार हजार है, जबकि शाहजहांपुर में यह करीब 10 हजार है।
वर्ष 2010 से अब तक के चुनाव के दौरान अशांत रहे ग्राम पंचायतों का चिन्हीकरण कर लिया गया है। इन गांवों में अशांति के कारक तत्वों पर पाबंदी की कार्रवाई अगस्त माह के अंतिम हफ्ते से शुरू होगी। सांप्रदायिक तौर पर संवेदनशील गांवों और वहां के उन्मादी तत्वों पर अभी से ही अंकुश रखने पर बल है। इस क्रम में जोन में सबसे ज्यादा अति संवेदनशील बरेली जिला है जिसमें कुल 55 गांव सांप्रदायिक तौर पर अति संवेदनशील हैं। इनमें दो समुदायों में नहीं बल्कि एक ही समुदाय के विभिन्न मसलकों के बीच तनातनी से प्रभावित गांव भी हैं। समीक्षा बैठक में एसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी राजेश कुमार, सीओ डा. केजी यादव, अनुराग दर्शन, आदेश त्यागी आदि मौजूद थे।
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बुधवार शाम को शाहजहांपुर में चुनावी तैयारी के संबंध में पुलिस अधिकारियों की बैठक लेते हुए आईजी विजय सिंह मीणा ने लागू की गई नई व्यवस्था के बारे में बताया। कहा कि सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को बीतते ही नई व्यवस्था पर अमल शुरू होगा। इसमें क्विक रिसपांस पर जोर रहेगा ताकि विवाद को यथाशीघ्र सुलझाया जाए, चाहे वह किसी भी प्रकार का क्यों ना हो। उसमें कहीं भी किसी भी स्तर पर पार्टी बंदी का हिस्सा नहीं बनना है। फर्जी शिकायतों को हतोत्साहित करने को कहा। ताकीद की कि यदि कहीं भी कोई पुलिसकर्मी पार्टीबंदी में लिप्त मिलेगा तो नपेगा। वैसे मामले में संबंधित थानेदार पर जिम्मेदारी और जवाबदेही फिक्स होगी। क्विक रिसपांस के लिए जोन के हर जिले में औसतन आठ हजार लोगों का कम्यूनिकेशन नेटवर्क तय हुआ है। पीलीभीत सरीखे जिले में यह संख्या करीब साढ़े चार हजार है, जबकि शाहजहांपुर में यह करीब 10 हजार है।
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वर्ष 2010 से अब तक के चुनाव के दौरान अशांत रहे ग्राम पंचायतों का चिन्हीकरण कर लिया गया है। इन गांवों में अशांति के कारक तत्वों पर पाबंदी की कार्रवाई अगस्त माह के अंतिम हफ्ते से शुरू होगी। सांप्रदायिक तौर पर संवेदनशील गांवों और वहां के उन्मादी तत्वों पर अभी से ही अंकुश रखने पर बल है। इस क्रम में जोन में सबसे ज्यादा अति संवेदनशील बरेली जिला है जिसमें कुल 55 गांव सांप्रदायिक तौर पर अति संवेदनशील हैं। इनमें दो समुदायों में नहीं बल्कि एक ही समुदाय के विभिन्न मसलकों के बीच तनातनी से प्रभावित गांव भी हैं। समीक्षा बैठक में एसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी राजेश कुमार, सीओ डा. केजी यादव, अनुराग दर्शन, आदेश त्यागी आदि मौजूद थे।
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