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निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों से आशियाने का सपना हुआ महंगा
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पुवायां में लगा मौरंग का ढेर
- फोटो : POWAYAN
पुवायां। निर्माण सामग्री की लगातार बढ़ती कीमतों ने आशियाना बनाने की सोच रहे लोगों का सपना चकनाचूर कर दिया है। भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सरिया, मौरंग, बजरी, सीमेंट की कीमतें फरवरी से अब तक लगभग 25 प्रतिशत बढ़ गई हैं। सबसे ज्यादा दाम सरिया के बढ़े हैं। न सिर्फ निर्माण सामग्री, बल्कि राजमिस्त्री और मजदूरों की मजदूरी भी बढ़ गई है।
अपना घर बनाने का सपना लेकर जो लोग तैयारी कर रहे थे, या फिर जो निर्माण कार्य शुरू करा चुके थे, उन्हें निर्माण सामग्री की कीमतों में उछाल से बड़ा झटका लगा है। लोगों ने जो बजट तय कर काम शुरू कराया था। अब उसका डेढ़ गुना लागत आने से तमाम लोगों ने काम रुकवा दिया है।
जिन लोगों ने निर्माण कार्य कराने की तैयारी की थी, उन्होंने भी घरों का निर्माण कार्य टाल दिया है। बालू, मौरंग सरिया, सीमेंट के रेट बढ़ने के साथ ही श्रमिक और राज मिस्त्री ने भी मजदूरी बढ़ा दी है। इसके अलावा भूखंडों के रेट भी बढ़ गए हैं। इससे निर्माण कार्य कराने वाले बेहद परेशान हैं।
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डीजल के रेट बढ़ने का भी असर
निर्माण सामग्री विक्रेता बताते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण स्टील के रेट तेजी से बढ़े हैं। इसका असर सरिया की कीमत पर पड़ा है। डीजल के रेट बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ा है। इस कारण भी सरिया, सीमेंट, मौरंग, बालू के रेट लगातार बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी भी परेशान
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये की राशि मिलती है। योजना के तहत लाभार्थी को अपने पास से कुछ राशि लगाकर आवास बनवाना होता है। इसमें लिंटर आरसीसी का डालने की बाध्यता है। आवास का प्लास्टर, फर्श तक बनवाना होता है। निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों से लाभार्थियों को भी घर बनाना मुश्किल हो गया है। लोग कर्ज लेकर आवास पूरा करा रहे हैं। निर्माण सामग्री विक्रेता पुवायां के मनोज वाजपेयी का कहना है कि दाम बढ़ने से सरिया की बिक्री लगभग बंद पड़ी है। दाम कम थे, तब सरिया की बिक्री बहुत थी। महंगाई के कारण लोगों ने मकान बनाना स्थगित कर दिया है।
प्रमुख निर्माण सामग्री की कीमतें
सामग्री कीमत पहले अब
ईंट (एक हजार) 5500 6300
बालू (प्रति क्विंटल) 40 65
मौरंग (क्विंटल) 105 120
सीमेंट (बोरी) 300 350
सरिया (क्विंटल) 5800 7700
मिस्त्री (रोजाना) 400 500
श्रमिक (रोजाना) 200 250
------
काफी बढ़ीं कीमतें
फरवरी से अब तक सरिया के रेट लगभग दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ चुके हैं। निर्माण में लागत ज्यादा बढ़ जाने से घर बनाना मुश्किल हो गया है। -गोपाल त्रिवेदी, जुझारपुर पुवायां
घर बनाना कठिन
सरिया, मौरंग, सीमेंट, बालू हर वस्तु के रेट बढ़ गए हैं। ऐसे में अब घर बनवाना बेहद कठिन हो गया है। अब लोग रेट कम होने का इंतजार कर रहे हैं, जो अभी कम होता नहीं लगता है। - सतेंद्र मिश्रा, मुरादपुर खुटार
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अपना घर बनाने का सपना लेकर जो लोग तैयारी कर रहे थे, या फिर जो निर्माण कार्य शुरू करा चुके थे, उन्हें निर्माण सामग्री की कीमतों में उछाल से बड़ा झटका लगा है। लोगों ने जो बजट तय कर काम शुरू कराया था। अब उसका डेढ़ गुना लागत आने से तमाम लोगों ने काम रुकवा दिया है।
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जिन लोगों ने निर्माण कार्य कराने की तैयारी की थी, उन्होंने भी घरों का निर्माण कार्य टाल दिया है। बालू, मौरंग सरिया, सीमेंट के रेट बढ़ने के साथ ही श्रमिक और राज मिस्त्री ने भी मजदूरी बढ़ा दी है। इसके अलावा भूखंडों के रेट भी बढ़ गए हैं। इससे निर्माण कार्य कराने वाले बेहद परेशान हैं।
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डीजल के रेट बढ़ने का भी असर
निर्माण सामग्री विक्रेता बताते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण स्टील के रेट तेजी से बढ़े हैं। इसका असर सरिया की कीमत पर पड़ा है। डीजल के रेट बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ा है। इस कारण भी सरिया, सीमेंट, मौरंग, बालू के रेट लगातार बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी भी परेशान
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये की राशि मिलती है। योजना के तहत लाभार्थी को अपने पास से कुछ राशि लगाकर आवास बनवाना होता है। इसमें लिंटर आरसीसी का डालने की बाध्यता है। आवास का प्लास्टर, फर्श तक बनवाना होता है। निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों से लाभार्थियों को भी घर बनाना मुश्किल हो गया है। लोग कर्ज लेकर आवास पूरा करा रहे हैं। निर्माण सामग्री विक्रेता पुवायां के मनोज वाजपेयी का कहना है कि दाम बढ़ने से सरिया की बिक्री लगभग बंद पड़ी है। दाम कम थे, तब सरिया की बिक्री बहुत थी। महंगाई के कारण लोगों ने मकान बनाना स्थगित कर दिया है।
प्रमुख निर्माण सामग्री की कीमतें
सामग्री कीमत पहले अब
ईंट (एक हजार) 5500 6300
बालू (प्रति क्विंटल) 40 65
मौरंग (क्विंटल) 105 120
सीमेंट (बोरी) 300 350
सरिया (क्विंटल) 5800 7700
मिस्त्री (रोजाना) 400 500
श्रमिक (रोजाना) 200 250
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काफी बढ़ीं कीमतें
फरवरी से अब तक सरिया के रेट लगभग दो हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ चुके हैं। निर्माण में लागत ज्यादा बढ़ जाने से घर बनाना मुश्किल हो गया है। -गोपाल त्रिवेदी, जुझारपुर पुवायां
घर बनाना कठिन
सरिया, मौरंग, सीमेंट, बालू हर वस्तु के रेट बढ़ गए हैं। ऐसे में अब घर बनवाना बेहद कठिन हो गया है। अब लोग रेट कम होने का इंतजार कर रहे हैं, जो अभी कम होता नहीं लगता है। - सतेंद्र मिश्रा, मुरादपुर खुटार