{"_id":"61ccb980baee0150c177efeb","slug":"rainfall-in-the-night-hide-and-seek-between-the-sun-and-clouds-throughout-the-day-shahjahanpur-news-bly4709049109","type":"story","status":"publish","title_hn":"रात में बूंदाबांदी के बाद दिन भर सूरज और बादलों के बीच हुई लुकाछिपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रात में बूंदाबांदी के बाद दिन भर सूरज और बादलों के बीच हुई लुकाछिपी
विज्ञापन
शाहजहांपुर में बुधवार को दोपहर आसमान पर छाए बादलों की ओट से झांकता सूरज। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। वायुदाब में गिरावट के कारण रात से बादल छाने के साथ बूंदाबांदी होने लगी। बुधवार तड़के तक रुक-रुककर रिमझिम फुहारें गिरती रहीं, लेकिन सूर्योदय के बाद हवा ने बादल उड़ाने शुरू किए तो धूप निकल आई। आसमान बादलों से घिरा रहने और दिन में धूप के असर से दिन और रात के तापमान में वृद्धि के बावजूद सर्दी के तेवर कायम रहे। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार शाम को बैरोमीटर सूचकांक उछलने के कारण बृहस्पतिवार को सुबह कोहरा छाया रहेगा और पुरवाई के झोंके ठिठुरन बढ़ाएंगे।
बीते दिन सुबह से शाम तक धूप नहीं निकलने से अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के सबसे निचले स्तर पर आ गया था। शाम हवा की गति धीमी पड़ने के साथ रात करीब नौ बजे से बूंदाबांदी होने लगी। महीन फुहारें गिरने से वातावरण में आर्द्रता बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई, लेकिन बादलों ने उमस बढ़ाई तो न्यूनतम तापमान तीन डिग्री बढ़कर 12.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। सुबह सूर्योदय से पहले बूंदाबादी थम गई, लेकिन नम हवा सर्दी का अहसास कराती रही। बाद में धूप निकली तो लगा कि आसमान दिन भर साफ रहेगा, लेकिन सात से नौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवाई चली तो बादल फिर से मंडराने लगे।
दोपहर बाद करीब एक बजे से सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी शुरू हो गई। इस कारण ठंडी पुरवा हवा सर्दी को बढ़ावा देने लगी। हालांकि, दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान भी करीब दो डिग्री बढ़कर 19.8 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन जनजीवन को ठंडे राहत नहीं मिल सकी। सर्द हवा से बचने को लोग खुले स्थानों पर धूप सेंकते देखे गए, लेकिन बार-बार सूरज के बादलों में छिपने पर लोगों को वहां से हटना पड्ऱा।
विज्ञापन
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बूंदाबांदी इतनी नहीं हुई कि बारिश को रिकार्ड किया जा सके। उनका कहना है कि शाम से वायुदाब में हुई वृद्धि को देखते बृहस्पतिवार को सुबह से कोहरा छाएगा और पुरवाई की रफ्तार बढने से ठिठुरन भी बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
बीते दिन सुबह से शाम तक धूप नहीं निकलने से अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के सबसे निचले स्तर पर आ गया था। शाम हवा की गति धीमी पड़ने के साथ रात करीब नौ बजे से बूंदाबांदी होने लगी। महीन फुहारें गिरने से वातावरण में आर्द्रता बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई, लेकिन बादलों ने उमस बढ़ाई तो न्यूनतम तापमान तीन डिग्री बढ़कर 12.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। सुबह सूर्योदय से पहले बूंदाबादी थम गई, लेकिन नम हवा सर्दी का अहसास कराती रही। बाद में धूप निकली तो लगा कि आसमान दिन भर साफ रहेगा, लेकिन सात से नौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवाई चली तो बादल फिर से मंडराने लगे।
विज्ञापन
दोपहर बाद करीब एक बजे से सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी शुरू हो गई। इस कारण ठंडी पुरवा हवा सर्दी को बढ़ावा देने लगी। हालांकि, दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान भी करीब दो डिग्री बढ़कर 19.8 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन जनजीवन को ठंडे राहत नहीं मिल सकी। सर्द हवा से बचने को लोग खुले स्थानों पर धूप सेंकते देखे गए, लेकिन बार-बार सूरज के बादलों में छिपने पर लोगों को वहां से हटना पड्ऱा।
विज्ञापन
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बूंदाबांदी इतनी नहीं हुई कि बारिश को रिकार्ड किया जा सके। उनका कहना है कि शाम से वायुदाब में हुई वृद्धि को देखते बृहस्पतिवार को सुबह से कोहरा छाएगा और पुरवाई की रफ्तार बढने से ठिठुरन भी बढ़ जाएगी।