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यूपी में और गहराया बिजली संकट : कोयले की कमी से रिलायंस थर्मल पावर की एक यूनिट बंद
Mon, 11 Oct 2021 12:55 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 12:55 AM IST
सार
पावर प्लांट में 45-45 मेगावाट की दो टरबाइनें लगी हैं। यहां बनने वाली बिजली नेशनल ग्रिड लखनऊ को दी जाती है। यहां 90 मेगावाट टरबाइनों से 90 हजार यूनिट बिजली प्रति घंटा तैयार होती हैं।
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- फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
देशभर में कोयले की कमी से बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। कई पावर प्लांट बंद हो चुके हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं, इससे बिजली संकट गहरा सकता है। शाहजहांपुर के बंडा में बजाज पावर प्लांट भी कोयला न होने के कारण सात अक्तूबर से बंद है।
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वहीं रोजा स्थित रिलायंस थर्मल पावर की एक इकाई में उत्पादन बंद चल रहा है। एक हफ्ते में कोयला आपूर्ति होने से हालात सुधरने की उम्मीद है। बंडा में बिलसंडा रोड पर गांव मकसूदापुर में बजाज चीनी मिल और पावर प्लांट है। पावर प्लांट कोयले से संचालित है। यहां रोजाना 1800 से 2000 टन कोयले की खपत होती है।
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नेशनल ग्रिड लखनऊ को मिलती है बिजली
पावर प्लांट में 45-45 मेगावाट की दो टरबाइनें लगी हैं। यहां बनने वाली बिजली नेशनल ग्रिड लखनऊ को दी जाती है। यहां 90 मेगावाट टरबाइनों से 90 हजार यूनिट बिजली प्रति घंटा तैयार होती हैं। 80 हजार यूनिट बिजली सरकार को बेची जाती है। दस हजार यूनिट बिजली पावर प्लांट, मिल आदि में खर्च होती है। सरकार की जितनी मांग हो उतनी बिजली पावर प्लांट सप्लाई करता है।
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कोयला नहीं होने से खाली बैठे कर्मचारी
कोयला नहीं होने से यहां सात अक्तूबर से उत्पादन ठप है। कोयला समाप्त होने से पहले से ही उच्चाधिकारियों की अधिकारियों से बात चल रही है, लेकिन समस्या का हल नहीं हो सका है। कोयला नहीं होने से तमाम कर्मचारी भी खाली बैठे है, जिससे पावर प्लांट को आर्थिक नुकसान की आशंका है। पावर प्लांट के यूनिट हेड समीर सावंत ने बताया कि कोयले की बड़ी समस्या है। कोयला न होने से पावर प्लांट बंद हो गया है। पावर प्लांट कब से चल सकेगा, इसके बारे में बता पाना मुश्किल है। कोयले की उपलब्धता पर प्लांट का चलना निर्भर है, इसके लिए उच्चाधिकारियों की सरकार से बात चल रही है।
रोजा थर्मल पावर की एक इकाई में उत्पादन ठप
कोयले का संकट गहराने से रोजा स्थित रिलायंस थर्मस पावर की एक इकाई का विद्युत उत्पादन बंद हो गया है। इस परियोजना में 300-300 मेगावाट विद्युत उत्पादन की चार इकाइयां हैं। सात-आठ दिन से कोयला न मिलने के कारण एक इकाई बंद चल रही है। तापीय परियोजना के लिए कोयला झारखंड से मंगाया जाता है। माना जा रहा है कि एक हफ्ते में हालात सुधर जाएंगे। रोजा तापीय परियोजना से बनने वाली बिजली नेशनल ग्रिड को आपूर्ति की जाती है।