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पॉवर कंट्रोल ने ताक पर रखा कटौती का शेड्यूल
शाहजहांपुर
Updated Wed, 21 Oct 2015 11:37 PM IST
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पॉवर कारपोरेशन के लखनऊ सिस्टम कंट्रोल से जुड़े उच्चाधिकारी अपने स्तर से तय किए गए बिजली कटौती के कार्यक्रम का पालन नहीं कर रहे हैं। तीन दिन पहलेे शहरी क्षेत्र के लिए लागू कटौती के नए रोस्टर को ताक पर रखते हुए बुधवार को दिन में दस बजे से दोपहर एक बजे तक आपात कटौती के बहाने शहर की बत्ती गुल रखी गई। यही नहीं, सवा घंटे बाद दोपहर से शाम तक फिर कटौती थोप दी।
रामलीला मेलों और दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ उमड़ने के मद्देनजर लखनऊ सिस्टम कंट्रोल के अधिकारियों ने सोमवार से रोजाना नौ घंटे की नियमित कटौती का कार्यक्रम बदल दिया है। इसके तहत सुबह आठ बजे से 11 बजे तक, दोपहर 2.15 बजे से शाम 5.15 बजे तक और रात दस बजे से एक बजे तक शहरी सब स्टेशनों से जुड़े इलाकों की बिजली काटने का निर्णय किया गया है। इसमें रात को होने वाली कटौती समाज के सभी वर्गों पर भारी पड़ रही है।
बिजली विभाग के अफसरों का तर्क है कि मेलों में रामलीला देखकर लोग रात नौ-दस बजे तक घरों की राह पकड़ लेते हैं। इसलिए पॉवर कट के पुराने शेड्यूल से शाम सात बजे से रात नौ बजे तक होने वाली कटौती का समय आगे बढ़ाया गया है। हकीकत यह है कि मेलों के लिए घरों से अधिकांश लोगों की रवानगी शाम छह बजे के बाद और वापसी देर रात को होती है। इसलिए रात में होने वाली तीन घंटे की कटौती को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
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सिस्टम कंट्रोल ने यह भी प्रावधान किया है कि दिन अथवा रात में आपात कटौती होने पर उसकी भरपाई के लिए अगले चरण की नियमित कटौती में प्रभावित क्षेत्रों को छूट दी जाएगी। बावजूद इसके शक्ति भवन के प्रणाली नियंत्रण अनुभाग के अधिकारी बिजली सप्लाई के नाम पर मनमानी पर आमादा हैं। बुधवार को इसका प्रमाण उस वक्त मिला जब सुबह दस बजे से तीन घंटे की आपात कटौती लागू होने के बावजूद दोपहर को सवा दो बजे से तीन घंटे के लिए शहरी बिजली नेटवर्क दोबारा बंद कर दिया गया।
इस तरह दिन भर में सात घंटे के दौरान केवल सवा घंटा बिजली नसीब होने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। तमाम घरों में जेट पंप और सबमर्सिबल पंप नहीं चल पाने से छतों पर रखीं पानी की टंकियां खाली हो गईं। यही नहीं, बैटरियां चार्ज नहीं हो पाने से इनवर्टर भी जवाब देने लगे हैं। त्योहारी सीजन में बिजली की बेहिसाब कटौती के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ अधीक्षण अभियंता को जनांदोलन छेड़ने की चेतावनी दे चुके हैं।
चीफ इंजीनियर पॉवर कंट्रोल से एसई ने की वार्ता
बिजली कटौती के नए शेड्यूल का पालन नहीं होने और इमर्जेंसी रोस्टरिंग के बदले नियमित कटौती में कोई रियायत नहीं मिलने पर जन सामान्य में बढ़ते गुस्से को भांपकर अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल ने बुधवार को दूरभाष पर लखनऊ सिस्टम कंट्रोल के मुख्य अभियंता से वार्ता की। एक्सईएन सिटी का प्रभार संभाले मीटर अनुभाग के अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि एसई अग्रवाल ने चीफ इंजीनियर से वार्ता करके रामलीला मेलों के मद्देनजर रात की कटौती का समय बदले जाने का आग्रह किया है।
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रामलीला मेलों और दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ उमड़ने के मद्देनजर लखनऊ सिस्टम कंट्रोल के अधिकारियों ने सोमवार से रोजाना नौ घंटे की नियमित कटौती का कार्यक्रम बदल दिया है। इसके तहत सुबह आठ बजे से 11 बजे तक, दोपहर 2.15 बजे से शाम 5.15 बजे तक और रात दस बजे से एक बजे तक शहरी सब स्टेशनों से जुड़े इलाकों की बिजली काटने का निर्णय किया गया है। इसमें रात को होने वाली कटौती समाज के सभी वर्गों पर भारी पड़ रही है।
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बिजली विभाग के अफसरों का तर्क है कि मेलों में रामलीला देखकर लोग रात नौ-दस बजे तक घरों की राह पकड़ लेते हैं। इसलिए पॉवर कट के पुराने शेड्यूल से शाम सात बजे से रात नौ बजे तक होने वाली कटौती का समय आगे बढ़ाया गया है। हकीकत यह है कि मेलों के लिए घरों से अधिकांश लोगों की रवानगी शाम छह बजे के बाद और वापसी देर रात को होती है। इसलिए रात में होने वाली तीन घंटे की कटौती को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
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सिस्टम कंट्रोल ने यह भी प्रावधान किया है कि दिन अथवा रात में आपात कटौती होने पर उसकी भरपाई के लिए अगले चरण की नियमित कटौती में प्रभावित क्षेत्रों को छूट दी जाएगी। बावजूद इसके शक्ति भवन के प्रणाली नियंत्रण अनुभाग के अधिकारी बिजली सप्लाई के नाम पर मनमानी पर आमादा हैं। बुधवार को इसका प्रमाण उस वक्त मिला जब सुबह दस बजे से तीन घंटे की आपात कटौती लागू होने के बावजूद दोपहर को सवा दो बजे से तीन घंटे के लिए शहरी बिजली नेटवर्क दोबारा बंद कर दिया गया।
इस तरह दिन भर में सात घंटे के दौरान केवल सवा घंटा बिजली नसीब होने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। तमाम घरों में जेट पंप और सबमर्सिबल पंप नहीं चल पाने से छतों पर रखीं पानी की टंकियां खाली हो गईं। यही नहीं, बैटरियां चार्ज नहीं हो पाने से इनवर्टर भी जवाब देने लगे हैं। त्योहारी सीजन में बिजली की बेहिसाब कटौती के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ अधीक्षण अभियंता को जनांदोलन छेड़ने की चेतावनी दे चुके हैं।
चीफ इंजीनियर पॉवर कंट्रोल से एसई ने की वार्ता
बिजली कटौती के नए शेड्यूल का पालन नहीं होने और इमर्जेंसी रोस्टरिंग के बदले नियमित कटौती में कोई रियायत नहीं मिलने पर जन सामान्य में बढ़ते गुस्से को भांपकर अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल ने बुधवार को दूरभाष पर लखनऊ सिस्टम कंट्रोल के मुख्य अभियंता से वार्ता की। एक्सईएन सिटी का प्रभार संभाले मीटर अनुभाग के अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि एसई अग्रवाल ने चीफ इंजीनियर से वार्ता करके रामलीला मेलों के मद्देनजर रात की कटौती का समय बदले जाने का आग्रह किया है।