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धान खरीद घोटाले में शामिल एक मिल अधिकारी को नेता ने भगाया
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पुवायां। धान खरीद घोटाला करने वाले जांच में फंसने के डर से नेता जी की शरण में पहुंचने लगे हैं। बृहस्पतिवार को शाहजहांपुर के एक नेता के माध्यम से धान मिल का एक अधिकारी लखनऊ में बड़े नेता की शरण में पहुंचा लेकिन नेता ने उसे भगा दिया और कार्रवाई कराने की चेतावनी भी दी। इसस धान माफिया अब अन्य नेताओं की शरण लेने में जुटे हैं।
पिछले दिनों धान खरीद में गड़बड़ी को लेकर शासन स्तर पर शिकायतें की गई थीं। मामले को दिल्ली में सांसद चिराग पासवान के समक्ष भी उठाया गया। शासन स्तर से जांच के आदेश होने पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अविनाश चंद्र सागरवल की ओर से पुवायां और बंडा में दो सेंटरों के एक प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। इसके अलावा तीन अन्य रिपोर्ट भी दर्ज कराई गईं। सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई से गड़बड़ी करने वालों में खलबली मची है। इसके चलते ही मिल का एक बड़ा अधिकारी शाहजहांपुर के एक नेता के जरिये बृहस्पतिवार को लखनऊ में एक बड़े नेता की शरण में पहुंचा। मगर वहां से उसे मदद से बजाय फटकार लगी। अब घोटालेबाज दूसरे नेताओं से मदद की जुगाड़ में लगे हैं।
सात दिन से साक्ष्य जुटाने के बहाने थमी पुलिस जांच
- पांच क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ शुक्रवार को हुई थी एफआईआर
शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में धान की फर्जी खरीद उजागर होने के बाद पांच क्रय केंद्रों के चार प्रभारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के सात दिन बाद भी पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पुलिस के विवेचक संबंधित अधिकारियों से साक्ष्य जुटाने के बहाने जांच को अटकाए हुए हैं। वहीं, धान खरीद से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की विवेचना के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। इस पर लोगों का कहना है कि सरकारी सिस्टम इस घोटाले में शामिल सफेदपोश माफिया को बचाने की कोशिश कर रहा है, जिन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर घोटाले में नामजद कराए गए केंद्र प्रभारियों को मोहरा बनाया है।
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सरकारी खरीद के दौरान तमाम किसानों ने अपना धान राइस मिलों और गल्ला आढ़तों पर बेचा, लेकिन उनके पास सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के मेसेज पहुंचे। इन मेसेज में लिखा था कि भुगतान उनके बैंक खातों में जल्दी ही भेज दिया जाएगा। इससे हैरत में पड़े किसानों ने बैंकों से संपर्क साधा, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। पुवायां क्षेत्र के गांव बितौनी के ग्राम प्रधान हरिनंदन मिश्रा ने कृषक बंधु बैठक में डीएम के सामने यह मामला उठाया। कोई कार्रवाई नहीं होने पर किसानों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की तो शासन के निर्देश पर प्रशासन ने जांच शुरू कराई। प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी अभिलाष चंद्र सागरवाल ने प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाए गए केंद्र प्रभारियों के खिलाफ गत शुक्रवार को कांट, पुवायां, बंडा, तिलहर और गढ़िया रंगीन थाना में धारा 420, 467, 468, 471 और 409 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन तब से पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
पुलिस को विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार
कांट। डिप्टी आरएमओ सागरवाल ने इंदेपुर साधन सहकारी समिति की शाखा सिकरोरी क्रय केंद्र के प्रभारी गौरव गंगवार के खिलाफ स्थानीय थाने मेें बीते शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कांट थाने के प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र प्रसाद के अनुसार क्रय केंद्र के प्रभारी गौरव गंगवार के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट पर विवेचक रुखसार अहमद संबंधित किसानों से साक्ष्य जुटा रहे हैं। मगर हकीकत यह है कि विवेचक ने अब तक मेसेज पाने वाले किसानों से संपर्क नहीं किया है।
तिलहर सर्किल पुलिस जांच से उदासीन
तिलहर। यहां एसएफसी के केंद्र प्रभारी रोहिताश कुमार के विरुद्ध क्रय नीतियों का उल्लंघन किए जाने के आरोप में तिलहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचक विश्वजीत ने बताया कि जिन अधिकारियों ने जांच करके रिपोर्ट दर्ज कराई है, उनसे साक्ष्य मंगाए गए हैं। इसके बाद ही आगे जांच होगी। वहीं, थाना गढ़िया रंगीन के प्रभारी निरीक्षक इंद्र सिंह ने जरगवां स्थित पूर्णागिरि सहकारी समिति के पीसीयू क्रय केंद्र प्रभारी गुड्डू पाल के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में जांच चलने की बात कही है।
केंद्र प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर कराने के बाद विवेचकों को आगे की जांच के लिए प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी के स्तर से हुई जांच के साक्ष्य उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पुलिस को जांच मेें विभाग खाद्य विपणन विभाग के स्तर से पूरा सहयोग किया जाएगा ताकि धान खरीद में हुई अनियमितताओं मेें लिप्त लोगों पर कार्रवाई हो सके।
- गिरिजेश कुमार चौधरी, एडीएम फाइनेंस
भाकियू की पंचायत में उठा धान खरीद घोटाला
बंडा। भारतीय किसान यूनियन की पंचायत बृहस्पतिवार को ब्लॉक परिसर में हुई। इसमें जिलाध्यक्ष अशोक शुक्ला ने कहा कि मंडी कर्मचारी किसानों को गुमराह कर किसान बही और बैंक खाते के अभिलेख व्यापारियों को मुहैया करा देते हैं, जिससे धान खरीद घोटाले को अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि मंडी स्थल में अनाज की खरीद करने वाले सभी गल्ला व्यापारियों के लाइसेंस की सूची चस्पा किया जाए, जिससे बिचौलियों को चिन्हित किया जा सके। गेहूं की फसल तैयार होने पर राइस मिलों में खरीद पर रोक लगाने, मंडी परिसर में सड़कों के गड्ढे भरवाने, हैंडपंप और बिजली लाइनें सही कराने की मांग भी रखी गई। इस मौके पर रामनरेश मिश्रा, तारावती, रानी देवी, नन्हेलाल, राजेश जैन आदि मौजूद रहे।
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पिछले दिनों धान खरीद में गड़बड़ी को लेकर शासन स्तर पर शिकायतें की गई थीं। मामले को दिल्ली में सांसद चिराग पासवान के समक्ष भी उठाया गया। शासन स्तर से जांच के आदेश होने पर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अविनाश चंद्र सागरवल की ओर से पुवायां और बंडा में दो सेंटरों के एक प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। इसके अलावा तीन अन्य रिपोर्ट भी दर्ज कराई गईं। सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई से गड़बड़ी करने वालों में खलबली मची है। इसके चलते ही मिल का एक बड़ा अधिकारी शाहजहांपुर के एक नेता के जरिये बृहस्पतिवार को लखनऊ में एक बड़े नेता की शरण में पहुंचा। मगर वहां से उसे मदद से बजाय फटकार लगी। अब घोटालेबाज दूसरे नेताओं से मदद की जुगाड़ में लगे हैं।
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सात दिन से साक्ष्य जुटाने के बहाने थमी पुलिस जांच
- पांच क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ शुक्रवार को हुई थी एफआईआर
शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में धान की फर्जी खरीद उजागर होने के बाद पांच क्रय केंद्रों के चार प्रभारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के सात दिन बाद भी पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पुलिस के विवेचक संबंधित अधिकारियों से साक्ष्य जुटाने के बहाने जांच को अटकाए हुए हैं। वहीं, धान खरीद से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की विवेचना के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। इस पर लोगों का कहना है कि सरकारी सिस्टम इस घोटाले में शामिल सफेदपोश माफिया को बचाने की कोशिश कर रहा है, जिन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर घोटाले में नामजद कराए गए केंद्र प्रभारियों को मोहरा बनाया है।
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सरकारी खरीद के दौरान तमाम किसानों ने अपना धान राइस मिलों और गल्ला आढ़तों पर बेचा, लेकिन उनके पास सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के मेसेज पहुंचे। इन मेसेज में लिखा था कि भुगतान उनके बैंक खातों में जल्दी ही भेज दिया जाएगा। इससे हैरत में पड़े किसानों ने बैंकों से संपर्क साधा, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। पुवायां क्षेत्र के गांव बितौनी के ग्राम प्रधान हरिनंदन मिश्रा ने कृषक बंधु बैठक में डीएम के सामने यह मामला उठाया। कोई कार्रवाई नहीं होने पर किसानों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की तो शासन के निर्देश पर प्रशासन ने जांच शुरू कराई। प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी अभिलाष चंद्र सागरवाल ने प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाए गए केंद्र प्रभारियों के खिलाफ गत शुक्रवार को कांट, पुवायां, बंडा, तिलहर और गढ़िया रंगीन थाना में धारा 420, 467, 468, 471 और 409 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन तब से पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ सकी।
पुलिस को विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार
कांट। डिप्टी आरएमओ सागरवाल ने इंदेपुर साधन सहकारी समिति की शाखा सिकरोरी क्रय केंद्र के प्रभारी गौरव गंगवार के खिलाफ स्थानीय थाने मेें बीते शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कांट थाने के प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र प्रसाद के अनुसार क्रय केंद्र के प्रभारी गौरव गंगवार के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट पर विवेचक रुखसार अहमद संबंधित किसानों से साक्ष्य जुटा रहे हैं। मगर हकीकत यह है कि विवेचक ने अब तक मेसेज पाने वाले किसानों से संपर्क नहीं किया है।
तिलहर सर्किल पुलिस जांच से उदासीन
तिलहर। यहां एसएफसी के केंद्र प्रभारी रोहिताश कुमार के विरुद्ध क्रय नीतियों का उल्लंघन किए जाने के आरोप में तिलहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचक विश्वजीत ने बताया कि जिन अधिकारियों ने जांच करके रिपोर्ट दर्ज कराई है, उनसे साक्ष्य मंगाए गए हैं। इसके बाद ही आगे जांच होगी। वहीं, थाना गढ़िया रंगीन के प्रभारी निरीक्षक इंद्र सिंह ने जरगवां स्थित पूर्णागिरि सहकारी समिति के पीसीयू क्रय केंद्र प्रभारी गुड्डू पाल के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में जांच चलने की बात कही है।
केंद्र प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर कराने के बाद विवेचकों को आगे की जांच के लिए प्रभारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी के स्तर से हुई जांच के साक्ष्य उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पुलिस को जांच मेें विभाग खाद्य विपणन विभाग के स्तर से पूरा सहयोग किया जाएगा ताकि धान खरीद में हुई अनियमितताओं मेें लिप्त लोगों पर कार्रवाई हो सके।
- गिरिजेश कुमार चौधरी, एडीएम फाइनेंस
भाकियू की पंचायत में उठा धान खरीद घोटाला
बंडा। भारतीय किसान यूनियन की पंचायत बृहस्पतिवार को ब्लॉक परिसर में हुई। इसमें जिलाध्यक्ष अशोक शुक्ला ने कहा कि मंडी कर्मचारी किसानों को गुमराह कर किसान बही और बैंक खाते के अभिलेख व्यापारियों को मुहैया करा देते हैं, जिससे धान खरीद घोटाले को अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि मंडी स्थल में अनाज की खरीद करने वाले सभी गल्ला व्यापारियों के लाइसेंस की सूची चस्पा किया जाए, जिससे बिचौलियों को चिन्हित किया जा सके। गेहूं की फसल तैयार होने पर राइस मिलों में खरीद पर रोक लगाने, मंडी परिसर में सड़कों के गड्ढे भरवाने, हैंडपंप और बिजली लाइनें सही कराने की मांग भी रखी गई। इस मौके पर रामनरेश मिश्रा, तारावती, रानी देवी, नन्हेलाल, राजेश जैन आदि मौजूद रहे।