फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   political issue

सत्तापक्ष ने किसान हित में बताए कानून, विपक्षी बोले- चुनावी स्टंट

Sun, 21 Nov 2021 12:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 12:32 AM IST
विज्ञापन
political issue
वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना । - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। तीनों कृषि कानूनों की वापसी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घोषणा पर राजनीतिक दलों ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सत्तापक्ष का कहना है कि कृषि कानून किसानों के हित में बनाए गए थे, लेकिन कुछ लोग इससे सहमत नहीं हुए। इसलिए प्रधानमंत्री ने देशहित में यह घोषणा की है। वहीं विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे चुनावी स्टंट बताते हुए इसे देरी से लिया गया फैसला बता रहे हैं।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा का हम स्वागत करते हैं। कृषि कानूनों को किसानों के हित के लिए बनाया गया था। इसके बावजूद कुछ लोग इससे सहमत नहीं थे। प्रयासों के बावजूद उन्हें कृषि कानूनों का महत्व समझ में नहीं आया। देशहित में प्रधानमंत्री की इस घोषण का स्वागत है।
विज्ञापन

- सुरेश कुमार खन्ना, वित्त, चिकित्सा शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री
कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा सिर्फ चुनावी स्टंट है। लोकसभा के सदन में प्रस्ताव लाकर कैबिनेट से पास कराकर कानून को वापस लिया जाना चाहिए। बाकी राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा जो निर्णय लिया जाएगा, हम उसी का पालन करेंगे। - रामरक्ष पाल, जिला महासचिव, बसपा
विज्ञापन
विज्ञापन

जनता को गुमराह कर और झूठ बोलकर भाजपा सत्ता मे आई थी। अगर काले कृषि कानून को वापस लेना था तो फिर उसको बनाया ही क्यों था। इससे साबित हो गया कि भाजपा झूठ की राजनीति करती है। कुछ प्रदेशों में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए कानून को वापस लिया है। - तनवीर खां, जिलाध्यक्ष सपा
किसानों के सामने सरकार को झुकना ही पड़ा। सरकार ने काफी देर से निर्णय लिया है क्योंकि आंदोलन में सैकड़ों किसानों की जानें चलीं गईं। विपक्ष की ताकत के सामने सत्ता को झुकना पड़ा। निर्णय ठीक है लेकिन काफी देर लगा दी। - रजनीश गुप्ता, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
किसानों के हित में कानून बनाया था। देश का किसान गरीब और कमजोर है। छोटे किसानों के उत्थान के लिए कानून लाए थे, लेकिन कुछ किसानों के समझ नहीं आया। इसलिए कानून को वापस लिया गया। सरकार किसानों के लिए काम करती रहेगी। - हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
यह सिर्फ किसानों की ही नहीं, लोकतंत्र की जीत है। भाजपा नेतृत्व की केंद्र सरकार ने किसान विरोधी कृषि कानूनों के आंदोलन को बाधित करने के सभी प्रयास किए, उन्हें खालिस्तानी, आतंकवादी कहा, लेकिन किसानों ने हार नहीं मानी। आज भारत सरकार को किसानों के आंदोलन के आगे झुकना पड़ा और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा। - राजीव यादव, जिलाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी
सोशल मीडिया पर भी छाई रही प्रधानमंत्री की घोषणा
शुक्रवार को जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा की, सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया। विपक्षी दलों के समर्थकों ने इसे भाजपा के पतन की शुरुआत बतानी शुरू कर दी। वहीं भाजपा समर्थक इसे विवादों को टालने के लिए जरूरी कदम करार देने में जुट गए। एक यूजर ने लिखा कि शेर जब दो कदम पीछे लेता है तो समझो कि कुछ बड़ा होने वाला है।

वहीं एक यूजर ने लिखा कि किसानों की एकता के सामने सरकार को घुटने टेकने पड़े। दिनभर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया तैरती रहीं। किसानों की समस्या कम नहीं नए कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा के बाद भले किसान संगठन और राजनीतिक दल अपनी जीत मान रहे हों लेकिन वास्तव में किसानों की दिक्कत खत्म नहीं हुईं हैं। धान बेचने के लिए किसान कई कई दिन सेंटर पर गुजारता है। एमएसपी पर न बिकने पर माफिया को धान मनमाने दाम पर बेचना पड़ता है। कई करोड़ का बकाया अब भी चीनी मिलों पर है।

राजीव यादव, जिलाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी

राजीव यादव, जिलाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा । संवाद

भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां । संवाद

सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता । संवाद

कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

बसपा के जिला महासचिव रामरक्ष पाल। संवाद

बसपा के जिला महासचिव रामरक्ष पाल। संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed