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पार्किंग ठेके की वसूली में आरोपी को बचाने की कोशिश
पुवायां।
Updated Tue, 03 Feb 2015 11:41 PM IST
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पुवायां नगर पालिका के पार्किंग ठेके के लगभग 15 लाख रुपये वसूलने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाय मामले में लीपापोती की तैयारी कर ली गई है। इससे कई लोगों पर उंगली उठ रही हैं। हालांकि अमर उजाला के घोटाले का पर्दाफाश करने के बाद नया ठेका देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि नगर पालिका पार्किंग ठेकेदार किरन सिंह की अगस्त 2014 में मौत के बाद उनके पति सुनील सिंह ने पालिका को लिखकर दे दिया था कि पत्नी की मौत हो चुकी है और पार्किंग का ठेका निरस्त कर दिया जाए। उन्होंने पार्किंग वसूली भी बंद कर दी है। इस बीच कुछ लोगों ने साठगांठ के चलते वाहनों से वसूली शुरू कर दी और जनवरी तक लगभग 15 लाख रुपये वसूल भी कर लिए। अगस्त से जनवरी तक पार्किंग ठेके की कोई रकम पालिका में नहीं जमा होने पर भी जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे रहे।
रविवार को अमर उजाला ने पार्किंग ठेके में धांधली कर लाखों की रकम गायब करने का मामला प्रमुखता से उठाया तो हड़कंप मच गया। उधर, जानकारी होने पर वाहन चालकों ने पार्किंग ठेका देने से इंकार कर दिया, लेकिन गुंडई के चलते उनसे अवैध वसूली जारी रही। वसूली करने वाले पुलिस दलाल ने रुपये नहीं देने वाले चालकों को वाहन थाने में बंद करा देने की धमकी भी दी। एसडीएम लालबहादुर जो पालिका के ईओ हैं उन्होंने भी अवैध वसूली पर रोक लगवाने का कोई प्रयास नहीं किया।
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एसडीएम बने अंजान
एसडीएम लालबहादुर से मंगलवार को पार्किंग ठेका की अवैध वसूली के बारे में जानकारी चाही गई तो वह वसूली को लेकर अंजान बनते नजर आए, जबकि रविवार को ही एसडीएम को अवैध वसूली की सूचना दी गई थी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले का पता लगवाया जा रहा है। पालिका लिपिक राजीव मित्रा ने बताया कि पार्किंग के नए ठेकेदार के लिए नोटिस निकलवाने की तैयारी की जा रही है।
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गौरतलब है कि नगर पालिका पार्किंग ठेकेदार किरन सिंह की अगस्त 2014 में मौत के बाद उनके पति सुनील सिंह ने पालिका को लिखकर दे दिया था कि पत्नी की मौत हो चुकी है और पार्किंग का ठेका निरस्त कर दिया जाए। उन्होंने पार्किंग वसूली भी बंद कर दी है। इस बीच कुछ लोगों ने साठगांठ के चलते वाहनों से वसूली शुरू कर दी और जनवरी तक लगभग 15 लाख रुपये वसूल भी कर लिए। अगस्त से जनवरी तक पार्किंग ठेके की कोई रकम पालिका में नहीं जमा होने पर भी जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे रहे।
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रविवार को अमर उजाला ने पार्किंग ठेके में धांधली कर लाखों की रकम गायब करने का मामला प्रमुखता से उठाया तो हड़कंप मच गया। उधर, जानकारी होने पर वाहन चालकों ने पार्किंग ठेका देने से इंकार कर दिया, लेकिन गुंडई के चलते उनसे अवैध वसूली जारी रही। वसूली करने वाले पुलिस दलाल ने रुपये नहीं देने वाले चालकों को वाहन थाने में बंद करा देने की धमकी भी दी। एसडीएम लालबहादुर जो पालिका के ईओ हैं उन्होंने भी अवैध वसूली पर रोक लगवाने का कोई प्रयास नहीं किया।
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एसडीएम बने अंजान
एसडीएम लालबहादुर से मंगलवार को पार्किंग ठेका की अवैध वसूली के बारे में जानकारी चाही गई तो वह वसूली को लेकर अंजान बनते नजर आए, जबकि रविवार को ही एसडीएम को अवैध वसूली की सूचना दी गई थी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले का पता लगवाया जा रहा है। पालिका लिपिक राजीव मित्रा ने बताया कि पार्किंग के नए ठेकेदार के लिए नोटिस निकलवाने की तैयारी की जा रही है।