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Shahjahanpur News: घरों में रंगाई-पुताई व सफाई से अस्थमा मरीजों की फूली सांस
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
शाहजहांपुर। त्योहारों पर घरों में सफाई व मौसम में बदलाव के चलते अस्थमा रोगियों की मुसीबत बढ़ गई है। सफाई के दौरान उड़ने वाले धूल के कणों से अस्थमा मरीजों को सांस लेने में दिक्कत आ रही है। सीने में जकड़न की समस्या भी होने लगी है।
मौसम के बदलाव के चलते सुबह और शाम का तापमान कम हो रहा है। वहीं त्योहाराें को देखते हुए घरों में साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में धूल-धुआं के कण श्वांस नली में पहुंचकर संक्रमण का कारण बन रहे हैं। इस वजह से मरीजों के सीने में जकड़न, सांस फूलना, जुकाम, गले में खराश और एलर्जी की दिक्कतें बढ़ गईं हैं।
इन दिनों राजकीय मेडिकल कॉलेज की चेस्ट रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसमें 150 मरीजों में 50 अस्थमा से पीड़ित आ रहे हैं। जबकि पूर्व के महीनों में ये संख्या मात्र 20 से 25 रहती थी।
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विभागाध्यक्ष डॉ.अंकिता वर्मा बताती हैं कि मौसम बदलने और प्रदूषण बढ़ने से सांस रोग के मरीज बढ़ जाते हैं। बदलते मौसम को देखकर सावधानी बरतें। धूल, धुएं से भी बचाव करें।
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इन बातों का रखें ध्यान
-अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहनकर ही साफ-सफाई करें।
-रंगाई-पुताई वाले कमरे में रात को नहीं सोएं।
-डाॅक्टर की सलाह लेकर ही इन्हेलर शुरू करें।
-दवाएं बंद नहीं करें, परेशानी पर डॉक्टर को दिखाएं।
-सुबह और शाम को भाप लें
-वायरस-बैक्टीरिया के संक्रमण से अस्थमा होने का खतरा रहता है।
-सांस के रोगी अपनी दवा की पर्याप्त खुराक लेते रहे।
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मौसम के बदलाव के चलते सुबह और शाम का तापमान कम हो रहा है। वहीं त्योहाराें को देखते हुए घरों में साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में धूल-धुआं के कण श्वांस नली में पहुंचकर संक्रमण का कारण बन रहे हैं। इस वजह से मरीजों के सीने में जकड़न, सांस फूलना, जुकाम, गले में खराश और एलर्जी की दिक्कतें बढ़ गईं हैं।
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इन दिनों राजकीय मेडिकल कॉलेज की चेस्ट रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसमें 150 मरीजों में 50 अस्थमा से पीड़ित आ रहे हैं। जबकि पूर्व के महीनों में ये संख्या मात्र 20 से 25 रहती थी।
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विभागाध्यक्ष डॉ.अंकिता वर्मा बताती हैं कि मौसम बदलने और प्रदूषण बढ़ने से सांस रोग के मरीज बढ़ जाते हैं। बदलते मौसम को देखकर सावधानी बरतें। धूल, धुएं से भी बचाव करें।
इन बातों का रखें ध्यान
-अच्छी गुणवत्ता का मास्क पहनकर ही साफ-सफाई करें।
-रंगाई-पुताई वाले कमरे में रात को नहीं सोएं।
-डाॅक्टर की सलाह लेकर ही इन्हेलर शुरू करें।
-दवाएं बंद नहीं करें, परेशानी पर डॉक्टर को दिखाएं।
-सुबह और शाम को भाप लें
-वायरस-बैक्टीरिया के संक्रमण से अस्थमा होने का खतरा रहता है।
-सांस के रोगी अपनी दवा की पर्याप्त खुराक लेते रहे।