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Shahjahanpur News: 15 सहायक विकास अधिकारी और 47 सचिवों को नोटिस
Mon, 26 Feb 2024 01:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 26 Feb 2024 01:15 AM IST
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शाहजहांपुर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ग्राम पंचायतों में कार्य कराए जा रहे हैं। कार्याें की धीमी गति होने पर 47 ग्राम पंचायत के सचिवों और 15 सहायक विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 29 फरवरी तक संबंधितों से स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें पुवायां क्षेत्र में आठ, निगोही के नौ, जैतीपुर में सात, बंडा के पांच, सिंधौली के पांच, भावलखेड़ा से 12 सचिव शामिल हैं।
विकासखंड पुवायां की पांच ग्राम पंचायतों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चयन किया गया था। डीएम के अनुमोदन पर कार्ययोजना के अनुसार ग्राम पंचायत की क्रेडिट लिमिट जारी हुए 45 दिन का समय पूर्ण हो चुका है। इन ग्राम पंचायतों में कोई काम नहीं कराया गया। इसमें ग्राम पंचायत भदौरा 4,98,848 धनराशि, ग्राम पंचायत हरदुआ को 5,75,008 की धनराशि, लखनापुर ग्राम पंचायत 5,16,460 की धनराशि, ग्राम पंचायत टकेली 5,00,990 की धनराशि और उमरसंडा ग्राम पंचायत को 5,05,036 की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन इसमें से अभी तक कोई व्यय नहीं हुआ। डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्याें की नियमित रूप से सीएम डैशबोर्ड पर समीक्षा की जा रही है, जिसमें जनपद को ई-ग्रेड मिला है। डीएम उमेश प्रताप सिंह और सीडीओ एसबी सिंह ने इसके लिए नाराजगी व्यक्त की है। इस मामले दोषी पाए गए लोगों को 29 फरवरी तक कार्य पूर्ण कर अपना स्पष्टीकरण देना है।
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विकासखंड पुवायां की पांच ग्राम पंचायतों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए चयन किया गया था। डीएम के अनुमोदन पर कार्ययोजना के अनुसार ग्राम पंचायत की क्रेडिट लिमिट जारी हुए 45 दिन का समय पूर्ण हो चुका है। इन ग्राम पंचायतों में कोई काम नहीं कराया गया। इसमें ग्राम पंचायत भदौरा 4,98,848 धनराशि, ग्राम पंचायत हरदुआ को 5,75,008 की धनराशि, लखनापुर ग्राम पंचायत 5,16,460 की धनराशि, ग्राम पंचायत टकेली 5,00,990 की धनराशि और उमरसंडा ग्राम पंचायत को 5,05,036 की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन इसमें से अभी तक कोई व्यय नहीं हुआ। डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्याें की नियमित रूप से सीएम डैशबोर्ड पर समीक्षा की जा रही है, जिसमें जनपद को ई-ग्रेड मिला है। डीएम उमेश प्रताप सिंह और सीडीओ एसबी सिंह ने इसके लिए नाराजगी व्यक्त की है। इस मामले दोषी पाए गए लोगों को 29 फरवरी तक कार्य पूर्ण कर अपना स्पष्टीकरण देना है।
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