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Shahjahanpur News: अच्छे आचरण व कार्य करने से कोई नहीं रोक सकता
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जिला कारागार में कथावाचक का माला पहनाकर स्वागत करते जेलअधीक्षक। स्रोत: जेल
शाहजहापुर। जिला कारागार में बंदियों में सद्भाव व आध्यात्मिक ज्ञान दर्शन के उद्देश्य से सत्संग का आयोजन किया गया। कथावाचक प्रशांत प्रभु महाराज ने कथा का अमृत स्नान कराया।
कथावाचक ने अनेक पौराणिक प्रसंग सुनाए और बंदियों से अपने कार्य व आचरण में सुधार लाने का आह्वान किया। उन्होंने बंदियों को बताया कि अच्छे आचरण व कार्य करने से कोई रोक नहीं सकता हैं। कहा कि बुरे काम हमेशा इंसान को पतन की ओर ले जाते हैं।
कथावाचक ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि मेरी कुंडली में चंद्रमा के साथ केतु का दोष है और जिसमें जेल जाना तय माना जाता है, किंतु भगवान शिव की आराधना और सच्चे मन से कार्य करने का परिणाम यह है कि जेल आना पड़ा, किंतु एक बंदी की तरह नहीं, बल्कि शिव पुराण की कथा सुनाने के लिए।
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भगवत भक्ति में बहुत ताकत होती है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने आभार जताया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह, हरिसरन वाजपेयी, पंकज टंडन आदि मौजूद रहे।
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शिव-पार्वती के विवाह का प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर
शाहजहांपुर। श्री स्कंद शिव महापुराण कथा के आठवें दिन कथा व्यास संत प्रशांत प्रभु महाराज ने शिव विवाह का दिव्य प्रसंग सुनाया। प्रशांत प्रभु ने वर्णन किया कि माता पार्वती, जो पूर्व जन्म में सती के रूप में शिव की पत्नी थीं। उन्होंने पुनर्जन्म लेकर हिमालयराज की पुत्री बनकर शिव को पुनः पाने का संकल्प किया। छोटी सी आयु में ही उन्होंने योग का मार्ग अपना लिया। दीपक शर्मा, हरिशरण वाजपेयी, अखिलेश सिंह, गौरव त्रिपाठी, विष्णु मिश्रा, पुरुषोत्तम गुप्ता आदि उपस्थित रहे। संवाद
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कथावाचक ने अनेक पौराणिक प्रसंग सुनाए और बंदियों से अपने कार्य व आचरण में सुधार लाने का आह्वान किया। उन्होंने बंदियों को बताया कि अच्छे आचरण व कार्य करने से कोई रोक नहीं सकता हैं। कहा कि बुरे काम हमेशा इंसान को पतन की ओर ले जाते हैं।
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कथावाचक ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि मेरी कुंडली में चंद्रमा के साथ केतु का दोष है और जिसमें जेल जाना तय माना जाता है, किंतु भगवान शिव की आराधना और सच्चे मन से कार्य करने का परिणाम यह है कि जेल आना पड़ा, किंतु एक बंदी की तरह नहीं, बल्कि शिव पुराण की कथा सुनाने के लिए।
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भगवत भक्ति में बहुत ताकत होती है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने आभार जताया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह, हरिसरन वाजपेयी, पंकज टंडन आदि मौजूद रहे।
शिव-पार्वती के विवाह का प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर
शाहजहांपुर। श्री स्कंद शिव महापुराण कथा के आठवें दिन कथा व्यास संत प्रशांत प्रभु महाराज ने शिव विवाह का दिव्य प्रसंग सुनाया। प्रशांत प्रभु ने वर्णन किया कि माता पार्वती, जो पूर्व जन्म में सती के रूप में शिव की पत्नी थीं। उन्होंने पुनर्जन्म लेकर हिमालयराज की पुत्री बनकर शिव को पुनः पाने का संकल्प किया। छोटी सी आयु में ही उन्होंने योग का मार्ग अपना लिया। दीपक शर्मा, हरिशरण वाजपेयी, अखिलेश सिंह, गौरव त्रिपाठी, विष्णु मिश्रा, पुरुषोत्तम गुप्ता आदि उपस्थित रहे। संवाद

जिला कारागार में कथावाचक का माला पहनाकर स्वागत करते जेलअधीक्षक। स्रोत: जेल