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परीक्षित गंगवार बने नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट

Sun, 28 Nov 2021 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 28 Nov 2021 01:42 AM IST
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नौसेना अधिकारी बने परीक्षित गंगवार केरल में अपने माता पिता और बहन के साथ खुशी मनाते हुए। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
तिलहर। गांव राजनपुर के मूल निवासी परीक्षित गंगवार को केरल में पासिंग आउट परेड के बाद सब लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिलने के बाद उन्हें भारतीय नौसेना में शामिल कर किया गया है। नौसेना में शामिल होने वाले तहसील के दूसरे नौसेना अधिकारी हैं।
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तिलहर ब्लॉक के गांव राजनपुर निवासी शिक्षक स्व. भगवानदास मस्ताना के पौत्र और बरेली कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उमाचरन गंगवार व अवंतीबाई राजकीय महिला महाविद्यालय बरेली में प्रोफेसर डॉ. रंजू राठौर के पुत्र परीक्षित गंगवार को शनिवार को भारतीय नौसेना अकादमी एझिमाला (आईएनए) केरल में पासिंग आउट परेड के बाद सब लेफ्टिनेंट के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल किया है। मोहल्ला निजामगंज में रहने वाले चाचा प्रेम शंकर गंगवार ने बताया कि इंटरमीडिएट के बाद परीक्षित गंगवार का चार साल पहले भारतीय नौसेना अकादमी एझिमाला में बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में चयन हुआ था।
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चार साल के प्रशिक्षण के बाद नौसेना में कमीशन मिला है। बताया कि परीक्षित का चयन नौसेना के गुजरात के जामनगर स्थित प्रशिक्षण केंद्र में एमटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में भी हो गया है। प्रशिक्षण के दौरान परीक्षित गंगवार को रोइंग और लंबी दूरी की दौड़ में स्वर्ण पदक भी हासिल हुआ है। परीक्षित की बहन माना गंगवार कक्षा 11 की छात्रा है। परीक्षित गंगवार की दादी और उनका परिवार यहां तिलहर मोहल्ला निजाम गंज में रहता है।
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कमीशन मिलने पर परिवार में खुशी का माहौल है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
इससे पहले तिलहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी रिटायर्ड पोस्टमास्टर रमेश चंद गुप्ता की पौत्री शुभांगी स्वरूप कई साल पहले नौसेना में शामिल हो चुकी हैं। वर्तमान में वह सीनियर पायलट हैं। शुभांगी स्वरूप का पायलट विंग से चयन हुआ और परीक्षित गंगवार का टेक्निकल विंग से चयन हुआ है।

दादा का सपना पूरा किया
परीक्षित गंगवार भगवानदास मस्ताना का सपना था कि उनके बेटे उमाचरन सेना में जाएं। सैनिक स्कूल में दाखिला भी कराया था, लेकिन मेडिकल में अनफिट होने के कारण उनका चयन सेना में नहीं हो पाया था। दादा का सपना पूरा करने के लिए परीक्षित ने नौसेना में प्रवेश किया है।
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