शाहजहांपुर। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार पाठक ने हत्या के एक मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं छेड़छाड़ के एक मामले में दोषी को चार साल की कैद की सजा सुनाई है।
सरकारी वकील अतुल अग्निहोत्री ने बताया कि पुवायां क्षेत्र के गांव सुजानपुर के रहने वाले मेवाराम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मेवाराम ने पुलिस को बताया था कि 16 जून 2016 को वह उसके बेटे संतकुमार, रामप्रसाद के साथ उसका भतीजा सत्यपाल घर पर टीवी देख रहा था। रात करीब नौ बजे गांव का कमलेश वर्मा नशे की हालत में सत्यपाल के पास बाइक से आया गालीगलौज करने लगा। विरोध करने पर कमलेश ने तमंचा निकालकर गोली चला दी। गोली सत्यपाल को लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने 17 जून को कमलेश वर्मा को तमंचा समेत गिरफ्तार कर लिया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील अतुल अग्निहोत्री के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने कमलेश को दोषी माना। उसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।
वहीं विशेष न्यायालय (पॉक्सो)/ अपर सत्र न्यायाधीश पिंकू कुमार ने नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में दोषी को चार साल कैद की सजा सुनाई है। सरकारी वकील संजीव कुमार सिंह और राजीव अवस्थी ने बताया कि नौ जनवरी 2017 को एक महिला अपने परिवार के साथ आंगन में लेटी हुई थी। तभी पड़ोस में रहने वाला प्रामिस उसके घर में घुस आया और नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ करने लगा। शोर मचाने पर वह धमकी देता हुआ भाग गया। महिला की ओर से सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अदालत ने प्रामिस को दोषी पाते हुए चार साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।