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Shahjahanpur News: सराफा व्यापारी से दो लाख की रंगदारी वसूली, चार सिपाही निलंबित, दो गिरफ्तार
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अरुण चित्तौडिया। स्रोत: पुलिस
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। सराफा व्यापारी को मादक पदार्थ तस्करी के मामले में फंसाने और एनकाउंटर की धमकी देकर दो लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के मामले में रविवार को तिलहर थाने में तैनात चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इनमें से दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।
परशुरामपुरी थाना क्षेत्र के कानूनगोयान निवासी सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि चार सितंबर की रात करीब आठ बजे उनके मोबाइल फोन पर कॉल आई। फोन करने वाले ने दस हजार रुपये की जरूरत बताते हुए कुछ जेवर गिरवी रखने की बात कही। इसके बाद दोबारा फोन आया और उन्हें जलालाबाद बुलाया गया। व्यापारी के अनुसार, जलालाबाद के सरैया मोड़ पर सादे कपड़ों में चार पुलिसकर्मी मिले। इनमें सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र शामिल थे। सुंदरम उन्हें पहले से जानते थे।
आरोप है कि चारों सिपाही उन्हें अपने साथ भटादेवर रोड पर ले जाकर तलाशी ली और जेब से एक पॉलिथीन निकालकर उसमें मादक पदार्थ बताने लगे। इसके बाद उन्हें तिलहर थाने की बिरियागंज पुलिस चौकी ले जाया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और स्मैक तस्करी के मामले में जेल भेजने की धमकी दी।
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कॉल कर उनके पिता और परिजनों को बुलाया और दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। व्यापारी के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे दो लाख रुपये वसूलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। आरोप है कि सिपाहियों ने प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की धमकी भी दी।
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अन्य की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि सीओ परशुरामपुरी दीपक कुमार सिंह और सीओ तिलहर विदुष सक्सेना ने मामले की जांच की। प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों और एक अज्ञात के खिलाफ परशुरामपुरी थाने में सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। कारोबारी ने घटना से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग और सीसी कैमरे के फुटेज उपलब्ध कराए थे। सिपाही वीरेंद्र और पंकज को गिरफ्तार कर लिया गया। शेष दोनों सिपाहियों और अज्ञात की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
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दहशत के वो चार घंटे... सिपाहियों ने व्यापारी पर बरसाए डंडे, प्रताड़ित किया
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। सिपाहियों के पकड़ने के बाद सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय और उनका परिवार करीब चार घंटे दहशत में रहा। व्यापारी का आरोप है कि सिपाहियों ने उसे डंडों से पीटा और मादक पदार्थ की तस्करी कबूल करने के लिए काफी धमकाया। जुर्म कबूल न करने पर प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की धमकी तक दे डाली। मिन्नतों के बाद भी नहीं छोड़ा गया। जब पिता ने दो लाख रुपये का इंतजाम किया, तभी छोड़ा।
मोहल्ला कानूनगोयान निवासी सुंदरम की मदनापुर थाना क्षेत्र के बुधुवाना में सराफा दुकान है। उनके पिता राजेश भी कस्बे में सराफ की दुकान चलाते हैं। सुंदरम के अनुसार, चार सितंबर की रात करीब 9:56 बजे सरैया मोड़ के पास गए थे। तभी दो बाइकों से आए तिलहर थाने में तैनात सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र उसे पकड़कर सुनसान स्थान पर ले गए।
उन्हें मादक पदार्थ तस्कर बताते हुए तिलहर की बिरियागंज चौकी लेकर पहुंचे। वहां तस्करी कबूल कराने के लिए उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि जुर्म स्वीकार नहीं करने पर चौकी में खड़ी बाइक से पॉलिथीन में पेट्रोल निकाला और प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की धमकी दी।
सुंदरम के अनुसार, उसने सिपाहियों से काफी मिन्नतें कीं, इसके बाद पिता को फोन किया। उनका फोन पहुंचने के बाद परिवार के लोग दहशत में आ गए। रात में ही परिवार के लोगों ने रुपये का इंतजाम किया। जिसके बाद रुपये मिलने के बाद रात दो बजे के बाद उन्हें छोड़ा गया।
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दुकान बेचकर रुपये देने का वादा किया, तब भी नहीं माने
पिता राजेश ने बताया कि सुंदरम से पुलिस कर्मियों ने उन्हें कॉल कराई। कॉल रिसीव करते ही सुंदरम ने कहा कि पापा दो लाख रुपया लेकर बिरियागंज चौकी चले आएं। राजेश ने इतना रुपया एकाएक होने से मना किया। सुंदरम के अनुसार, इस पर उसने पुलिस कर्मियों से अगले दिन दुकान बेचकर रुपये देने की बात कही, इसके बाद भी पुलिस कर्मियों ने उन्हें छोड़ने से इन्कार कर दिया। तब रात में पिता ने किसी तरह रुपयों का इंतजाम कर बेटे को छुड़ाया।
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पीड़ित के पास है पुलिसकर्मियों की रिकाॅर्डिंग
पीड़ित सुंदरम ने बताया कि पुलिसकर्मी पहले जलालाबाद थाने में तैनात थे। रंगदारी के लिए फोन करके उसके पिता व अन्य परिजनों को भी धमकाया था। जिसकी उनके पास ऑडियो रिकार्डिंग है। कुछ जगह लगे कैमरों की फुटेज भी उनके पास है।
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पहले आईजीआरएस पर शिकायत की, फिर थाने जाकर साक्ष्य दिए
सुंदरम ने पुलिस कर्मियों के चंगुल से छूटने के अगले दिन आईजीआरएस के जरिये शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को उन्होंने जलालाबाद थाने में जाकर पूरी बात बताई और साक्ष्य दिखाते हुए ऑडियो रिकार्डिंग सुनाई। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज पांडेय के नेतृत्व में व्यापारियों के शिष्टमंडल ने सीओ से मुलाकात कर जानकारी दी। तब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
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दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
सीओ दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार व वीरेंद्र के अलावा नगर के एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ जबरन वसूली, अवैध रूप से कैद करने, धमकी आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने सिपाही पंकज व वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों वर्ष 2021 बैच के हैं। सीओ तिलहर विदुष सक्सेना ने बताया कि चारों सिपाही मेरठ मंडल के रहने वाले हैं। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी तलाश भी शुरू कर दी है।
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पीड़ित का बड़ा भाई है सॉफ्टवेयर इंजीनियर
राजेश क्षत्रिय के चार बेटे सत्यम, शिवम, सुंदरम और मंगलम हैं। उनका बड़ा बेटा सत्यम गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। शिवम पिता संग जलालाबाद स्थित दुकान पर बैठते हैं। सुंदरम और मंगलम की भी सराफा दुकान हैं।
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मामले की जांच के बाद तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। दो सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी दो सिपाहियों व एक अज्ञात की तलाश की जा रही है। सिपाही मेरठ मंडल के रहने वाले हैं।
- सौरभ दीक्षित, एसपी
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परशुरामपुरी थाना क्षेत्र के कानूनगोयान निवासी सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि चार सितंबर की रात करीब आठ बजे उनके मोबाइल फोन पर कॉल आई। फोन करने वाले ने दस हजार रुपये की जरूरत बताते हुए कुछ जेवर गिरवी रखने की बात कही। इसके बाद दोबारा फोन आया और उन्हें जलालाबाद बुलाया गया। व्यापारी के अनुसार, जलालाबाद के सरैया मोड़ पर सादे कपड़ों में चार पुलिसकर्मी मिले। इनमें सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र शामिल थे। सुंदरम उन्हें पहले से जानते थे।
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आरोप है कि चारों सिपाही उन्हें अपने साथ भटादेवर रोड पर ले जाकर तलाशी ली और जेब से एक पॉलिथीन निकालकर उसमें मादक पदार्थ बताने लगे। इसके बाद उन्हें तिलहर थाने की बिरियागंज पुलिस चौकी ले जाया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और स्मैक तस्करी के मामले में जेल भेजने की धमकी दी।
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कॉल कर उनके पिता और परिजनों को बुलाया और दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। व्यापारी के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे दो लाख रुपये वसूलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। आरोप है कि सिपाहियों ने प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की धमकी भी दी।
अन्य की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि सीओ परशुरामपुरी दीपक कुमार सिंह और सीओ तिलहर विदुष सक्सेना ने मामले की जांच की। प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों और एक अज्ञात के खिलाफ परशुरामपुरी थाने में सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। कारोबारी ने घटना से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग और सीसी कैमरे के फुटेज उपलब्ध कराए थे। सिपाही वीरेंद्र और पंकज को गिरफ्तार कर लिया गया। शेष दोनों सिपाहियों और अज्ञात की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
दहशत के वो चार घंटे... सिपाहियों ने व्यापारी पर बरसाए डंडे, प्रताड़ित किया
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। सिपाहियों के पकड़ने के बाद सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय और उनका परिवार करीब चार घंटे दहशत में रहा। व्यापारी का आरोप है कि सिपाहियों ने उसे डंडों से पीटा और मादक पदार्थ की तस्करी कबूल करने के लिए काफी धमकाया। जुर्म कबूल न करने पर प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की धमकी तक दे डाली। मिन्नतों के बाद भी नहीं छोड़ा गया। जब पिता ने दो लाख रुपये का इंतजाम किया, तभी छोड़ा।
मोहल्ला कानूनगोयान निवासी सुंदरम की मदनापुर थाना क्षेत्र के बुधुवाना में सराफा दुकान है। उनके पिता राजेश भी कस्बे में सराफ की दुकान चलाते हैं। सुंदरम के अनुसार, चार सितंबर की रात करीब 9:56 बजे सरैया मोड़ के पास गए थे। तभी दो बाइकों से आए तिलहर थाने में तैनात सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र उसे पकड़कर सुनसान स्थान पर ले गए।
उन्हें मादक पदार्थ तस्कर बताते हुए तिलहर की बिरियागंज चौकी लेकर पहुंचे। वहां तस्करी कबूल कराने के लिए उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि जुर्म स्वीकार नहीं करने पर चौकी में खड़ी बाइक से पॉलिथीन में पेट्रोल निकाला और प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की धमकी दी।
सुंदरम के अनुसार, उसने सिपाहियों से काफी मिन्नतें कीं, इसके बाद पिता को फोन किया। उनका फोन पहुंचने के बाद परिवार के लोग दहशत में आ गए। रात में ही परिवार के लोगों ने रुपये का इंतजाम किया। जिसके बाद रुपये मिलने के बाद रात दो बजे के बाद उन्हें छोड़ा गया।
दुकान बेचकर रुपये देने का वादा किया, तब भी नहीं माने
पिता राजेश ने बताया कि सुंदरम से पुलिस कर्मियों ने उन्हें कॉल कराई। कॉल रिसीव करते ही सुंदरम ने कहा कि पापा दो लाख रुपया लेकर बिरियागंज चौकी चले आएं। राजेश ने इतना रुपया एकाएक होने से मना किया। सुंदरम के अनुसार, इस पर उसने पुलिस कर्मियों से अगले दिन दुकान बेचकर रुपये देने की बात कही, इसके बाद भी पुलिस कर्मियों ने उन्हें छोड़ने से इन्कार कर दिया। तब रात में पिता ने किसी तरह रुपयों का इंतजाम कर बेटे को छुड़ाया।
पीड़ित के पास है पुलिसकर्मियों की रिकाॅर्डिंग
पीड़ित सुंदरम ने बताया कि पुलिसकर्मी पहले जलालाबाद थाने में तैनात थे। रंगदारी के लिए फोन करके उसके पिता व अन्य परिजनों को भी धमकाया था। जिसकी उनके पास ऑडियो रिकार्डिंग है। कुछ जगह लगे कैमरों की फुटेज भी उनके पास है।
पहले आईजीआरएस पर शिकायत की, फिर थाने जाकर साक्ष्य दिए
सुंदरम ने पुलिस कर्मियों के चंगुल से छूटने के अगले दिन आईजीआरएस के जरिये शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को उन्होंने जलालाबाद थाने में जाकर पूरी बात बताई और साक्ष्य दिखाते हुए ऑडियो रिकार्डिंग सुनाई। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज पांडेय के नेतृत्व में व्यापारियों के शिष्टमंडल ने सीओ से मुलाकात कर जानकारी दी। तब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
सीओ दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार व वीरेंद्र के अलावा नगर के एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ जबरन वसूली, अवैध रूप से कैद करने, धमकी आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने सिपाही पंकज व वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों वर्ष 2021 बैच के हैं। सीओ तिलहर विदुष सक्सेना ने बताया कि चारों सिपाही मेरठ मंडल के रहने वाले हैं। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी तलाश भी शुरू कर दी है।
पीड़ित का बड़ा भाई है सॉफ्टवेयर इंजीनियर
राजेश क्षत्रिय के चार बेटे सत्यम, शिवम, सुंदरम और मंगलम हैं। उनका बड़ा बेटा सत्यम गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। शिवम पिता संग जलालाबाद स्थित दुकान पर बैठते हैं। सुंदरम और मंगलम की भी सराफा दुकान हैं।
मामले की जांच के बाद तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। दो सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी दो सिपाहियों व एक अज्ञात की तलाश की जा रही है। सिपाही मेरठ मंडल के रहने वाले हैं।
- सौरभ दीक्षित, एसपी

अरुण चित्तौडिया। स्रोत: पुलिस

अरुण चित्तौडिया। स्रोत: पुलिस

अरुण चित्तौडिया। स्रोत: पुलिस