Shahjahanpur: आलम की सउदी अरब में मौत, पांच महीने बाद मिली जानकारी, परिवार की इच्छा, नसीब हो वतन की मिट्टी
बीटेक पास मोहम्मद आलम 2013 से सऊदी अरब में नौकरी करने गए थे। उनको पांच भाषाओं की जानकारी थी। कोरोना काल में आलम अपने घर आए थे। आठ महीने रुकने के बाद वापस चले गये थे। सऊदी अरब जाने से पहले उन्होंने भाई आफताब आलम से कहा था कि वह आखिरी बार नौकरी करने जा रहे हैं।
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शाहजहांपुर में चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चारखंभा निवासी मोहम्मद आलम (35) की सऊदी अरब के जद्दा में मौत हो गईं। उनकी मौत के पांच महीने के बाद परिजनों को खबर दी गई। मृतक का भाई डेढ़ महीने से अपने भाई का शव स्वदेश लाने के प्रयास के लिए जिले से लेकर लखनऊ तक चक्क्टर काट रहा है। मामले में एसपी ने भारतीय दूतावास से संपर्क साधा है।
बीटेक पास मोहम्मद आलम 2013 से सऊदी अरब में नौकरी करने गए थे। उनको पांच भाषाओं की जानकारी थी। कोरोना काल में आलम अपने घर आए थे। आठ महीने रुकने के बाद वापस चले गये थे। सऊदी अरब जाने से पहले उन्होंने भाई आफताब आलम से कहा था कि वह आखिरी बार नौकरी करने जा रहे हैं। अब आएंगे तो वापस नहीं जाएंगे और यहीं पर कोई कारोबार कर लेंगे।
इस बीच 30 मार्च को सऊदी अरब में उनकी मौत हो गई। अहम बात यह है कि मोहम्मद आलम की मौत की खबर 30 अगस्त को एलआईयू के माध्यम से परिजनों को हुई। बेटे की मौत के बाद 85 वर्षीय मां मरियम और बड़े भाई आफताब का बुरा हाल है। परिजन चाहते हैं कि बेटे के शव को भारत की माटी में सुपुर्द-ए-खाक किया जाए। इसी प्रयास में आफताब आलम करीब डेढ़ महीने से स्थानीय अधिकारियों समेत लखनऊ और दिल्ली तक दौड़ लगा चुके हैं। उन्हें कोई स्पष्ट जबाव नहीं दे रहा।
आफताब आलम ने बताया कि बेटे के अंतिम दीदार के लिए उनकी मां बिलख रही हैं और अधिकारी उनकी सुन नहीं रहे हैं। आलम की पत्नी भी यही चाहती हैं कि शव यहां लाया जाए। हालांकि आलम का शव सऊदी अरब में मेडिकल सेंटर में रखा है।
इस मामले में भारतीय दूतावास से संपर्क साधकर करीब एक महीने पहले चिट्ठी भेजी गई है। वहीं से प्रक्रिया में देरी हो रही है। एस.आनंद, एसपी