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मनरेगा और पीएम आवास योजना की धनराशि का रोकें दुरुपयोग
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शाहजहांपुर। विकास खंड सिंधौली में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में करीब 2.50 लाख रुपये की धनराशि अधिकारियों ने गलत तरीके से आहरित कर निजी उपयोग में खर्च कर ली। सिंधौली की ब्लॉक प्रमुख मछला सिंह ने डीएम उमेश प्रताप सिंह को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि गत जनवरी में हुई प्रधानमंत्री की रैली मेें लाभार्थियों को सभास्थल तक ले जाने के लिए जारी हुए बजट में भी गोलमाल किया है। सीडीओ ने ब्लॉक प्रमुख की शिकायत पर जांच कराने का निर्णय किया है।
ब्लॉक प्रमुख के अनुसार सिंधौली ब्लॉक कार्यालय में मनरेगा योजना में शासन की प्राथमिकता के विपरीत कार्य की स्वीकृति कर उसके बदले मोटा कमीशन लिया जाता है। बीते वित्त वर्ष के अंत में ब्लॉक के एक अधिकारी ने मनरेगा मद में 1.50 लाख रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना की कंटीजेंसी मद में दो लाख रुपये बिना किसी कार्य के फर्जी बिल वाउचर लगाकर निकाल लिए गए। यही नहीं, अधिकारी के स्तर से रकम वसूलने को ग्राम प्रधानों पर भी दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारी के स्तर से हो रहे इस कार्य में ब्लॉक कार्यालय का एक कर्मचारी भी लिप्त है।
डीएम को दिए पत्र में ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री की रैली में क्षेत्र के लाभार्थियों को ले जाने के लिए प्रशासन ने ब्लॉक स्तर पर बजट धनराशि भेजी थी। ब्लॉक के तत्कालीन अधिकारी ने यह धनराशि आहरित नहीं की। ब्लॉक प्रमुख के अनुसार उस दौरान उन्होंने निजी व्यय करके लाभार्थियों के लिए लंच पैकेट की व्यवस्था की थी, लेकिन बाद में आए अधिकारी ने इस मद में भी 1.50 लाख रुपये गबन कर लिए।
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इधर, मुख्य विकास अधिकारी श्याम बहादुर सिंह ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख के स्तर से की गई अधिकारी की शिकायत उनके संज्ञान में आई है और इस मामले की जांच सोमवार को किसी सक्षम अधिकारी को सौंपी जाएगी।
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ब्लॉक प्रमुख के अनुसार सिंधौली ब्लॉक कार्यालय में मनरेगा योजना में शासन की प्राथमिकता के विपरीत कार्य की स्वीकृति कर उसके बदले मोटा कमीशन लिया जाता है। बीते वित्त वर्ष के अंत में ब्लॉक के एक अधिकारी ने मनरेगा मद में 1.50 लाख रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना की कंटीजेंसी मद में दो लाख रुपये बिना किसी कार्य के फर्जी बिल वाउचर लगाकर निकाल लिए गए। यही नहीं, अधिकारी के स्तर से रकम वसूलने को ग्राम प्रधानों पर भी दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारी के स्तर से हो रहे इस कार्य में ब्लॉक कार्यालय का एक कर्मचारी भी लिप्त है।
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डीएम को दिए पत्र में ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री की रैली में क्षेत्र के लाभार्थियों को ले जाने के लिए प्रशासन ने ब्लॉक स्तर पर बजट धनराशि भेजी थी। ब्लॉक के तत्कालीन अधिकारी ने यह धनराशि आहरित नहीं की। ब्लॉक प्रमुख के अनुसार उस दौरान उन्होंने निजी व्यय करके लाभार्थियों के लिए लंच पैकेट की व्यवस्था की थी, लेकिन बाद में आए अधिकारी ने इस मद में भी 1.50 लाख रुपये गबन कर लिए।
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इधर, मुख्य विकास अधिकारी श्याम बहादुर सिंह ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख के स्तर से की गई अधिकारी की शिकायत उनके संज्ञान में आई है और इस मामले की जांच सोमवार को किसी सक्षम अधिकारी को सौंपी जाएगी।