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नए कृषि कानून रद्द होने से बढ़ेगी मंडी समितियों की आय

Sun, 21 Nov 2021 01:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 01:37 AM IST
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पुवायां मंडी समिति का गेट - फोटो : POWAYAN
पुवायां। तीनों कृषि कानून रद्द करने की घोषणा के बाद किसानों के साथ ही मंडी समितियों के कर्मचारी भी खुश हैं। उनका मानना है कि कृषि कानूनों में सीमित किए मंडी समितियों के अधिकारी अब फिर से बहाल हो जाएंगे और मंडी के बाहर भी शुल्क की वसूूली हो सकेगी। इससे मंडी की आय बढ़ेगी।
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पिछले वर्ष बनाए गए कृषि कानूनों के साथ ही मंडी समितियों के अधिकार सीमित कर दिए थे, क्योंकि किसानों को मंडी शुल्क से छूट दी गई थी। साथ ही मंडी से बाहर कृषि उत्पादों का व्यापार करने वाले व्यापारियों को भी मंडी शुल्क से राहत मिल गई थी। मंडी परिसर से बाहर मंडी शुल्क वसूलने पर रोक लगा दी गई थी। मंडी शुल्क घटकर आधे से भी कम रह गया था। व्यापारियों ने भी मंडी परिसर के बजाय बाहर ही कृषि उत्पादों की खरीद फरोख्त शुरू कर दी थी। नए कृषि कानून वापस लेने पर मंडियों के सीमित किए अधिकार पुन: वापस मिल सकेंगे।
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22 करोड़ से घटकर सात करोड़ रह गई आय
पहले पुवायां तहसील क्षेत्र से मंडी समिति को 20 से 22 करोड़ रुपये वार्षिक आया होती थी। नए कृषि कानून बनने के बाद मंडी समिति के अधिकार सीमित किए गए और मंडी के बाहर कृषि शुल्क समाप्त किया तो मंडी समिति की आय घटकर छह से सात करोड़ रुपये रह गई।
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दुकानें आवंटित, लेकिन मंडी से बाहर की खरीद
मंडी समिति परिसर पुवायां और बंडा में तमाम व्यापारियों ने दुकानें आवंटित करा रखी हैं। समिति के अधिकार कम होने के बाद किसी भी व्यापारी से दुकान तो नहीं छोड़ी, लेकिन मंडी परिसर में कृषि उत्पादों की खरीद बंद कर दी और बाहर खरीद करने लगे। व्यापारी अगर मंडी परिसर में खरीद करते तो उनको दो प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता। इससे मंडी की आय पर विपरीत प्रभाव पड़ा।
74 की जगह मात्र पांच कर्मचारी... कैसे होगा काम
मंडी समितियों के पहले वाले अधिकार बहाल किए तो कर्मचारियों की कमी के कारण समस्याएं भी बढ़ेगी। पुवायां और बंडा मंडी समिति में 74 कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन वर्तमान में दोनों स्थानों पर केवल पांच कर्मचारी ही कार्यरत हैं। बड़ा सवाल है कि 69 कर्मचारियों की कमी से मंडी समिति का काम कैसे चल सकेगा। पुवायां और बंडा मंडी के अमीन नीलामकर्ता के 19 पद सृजित है, लेकिन इसके सापेक्ष केवल एक कर्मचारी कार्यरत है। एक कर्मचारी पुवायां और बंडा दोनों मंडियों में काम किस तरह से कर सकेगा। 19 मंडी सहायकों के सापेक्ष केवल दो सहायक कार्यरत हैं। वाहन चालक पांच होने चाहिए, लेकिन एक भी चालक नहीं है, तो सचल दल के वाहन कैसे चले सकेंगे। मंडी पर्यवेक्षक, प्रधान लिपिक, लेखाकार, लेखा लिपिक, चपरासी, चौकीदार, लाइनमैन, सुरक्षा गार्ड, माली, सफाईकार के सभी पद खाली हैं।

कृषि कानून रद्द होने से मंडी के पुराने अधिकार बहाल हो जाएंगे। इससे पूरे तहसील क्षेत्र में वसूली का अधिकार मिल जाएगा। कर्मचारियों की कमी से अधिकारियों को अवगत कराते हुए डिमांड भेजी गई है।
सुमन भारती, मंडी सचिव, पुवायां
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