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Shahjahanpur News: हत्यारे को उम्रकैद, 21 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
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शाहजहांपुर। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार शुक्ल ने हत्या के मुकदमे में एक दोषी को आजीवन कारावास और 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर के मोहल्ला लालातेली बजरिया निवासी आलोक कुमार भास्कर ने 11 जुलाई 2002 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके भाई देवानंद भास्कर उर्फ लल्लू रात साढ़े नौ बजे घर से टहलने की बात कहकर निकले थे। देवानंद शमीम खां की कोठी के पास तिराहे पर जाकर खड़े थे तभी बंका घाट निवासी बिट्टू उर्फ रामप्रकाश दो अन्य लोगों के साथ आया और बिट्टू ने देवानंद के सिर पर तमंचे से गोली मार दी। बिट्टू और उसके दोनों साथी तमंचे लहराते हुए भाग निकले। वह भाई को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने देवानंद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बिट्टू सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। 13 जुलाई 2002 को बिट्टू को बस स्टैंड के पास से पकड़ लिया गया था। घटना पुरानी रंजिश में हुई थी। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील मनोज कुमार मिश्रा के तर्काें को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने बिट्टू उर्फ रामप्रकाश को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा और 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर के मोहल्ला लालातेली बजरिया निवासी आलोक कुमार भास्कर ने 11 जुलाई 2002 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके भाई देवानंद भास्कर उर्फ लल्लू रात साढ़े नौ बजे घर से टहलने की बात कहकर निकले थे। देवानंद शमीम खां की कोठी के पास तिराहे पर जाकर खड़े थे तभी बंका घाट निवासी बिट्टू उर्फ रामप्रकाश दो अन्य लोगों के साथ आया और बिट्टू ने देवानंद के सिर पर तमंचे से गोली मार दी। बिट्टू और उसके दोनों साथी तमंचे लहराते हुए भाग निकले। वह भाई को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने देवानंद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बिट्टू सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। 13 जुलाई 2002 को बिट्टू को बस स्टैंड के पास से पकड़ लिया गया था। घटना पुरानी रंजिश में हुई थी। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील मनोज कुमार मिश्रा के तर्काें को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने बिट्टू उर्फ रामप्रकाश को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा और 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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