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Shahjahanpur News: वकीलों ने उठाई मदनापुर-कांट के 105 गांव जलालाबाद में शामिल करने की मांग
Fri, 16 Jun 2023 01:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 16 Jun 2023 01:03 AM IST
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लखनऊ में पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद को ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता। विज्ञप्ति
जलालाबाद। तहसील बार संघ के शिष्टमंडल ने लखनऊ पहुंचकर राजस्व परिषद के अध्यक्ष संजीव मित्तल और लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद से मुलाकात की। दोनों को सदर तहसील के मदनापुर और कांट के 105 गांवोंं को जलालाबाद में शामिल करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने अधिवक्ताओं को उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में कहा गया है कि सपा शासनकाल में जलालाबाद के 212 गांवों को काटकर कलान तहसील बना दी गई थी। उस दौरान कहा गया था कि जलालाबाद तहसील में इन गांवों की पूर्ति मदनापुर और कांट क्षेत्र के 105 गांवोंं को जोड़कर कर दी जाएगी, लेकिन फिर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। बार संघ की बैठक में कई बार प्रस्ताव पारित कर अधिकारियों को भेजे गए लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला।
वकीलों ने कहा कि वर्तमान में सदर तहसील में 560, पुवायां में 716 और तिलहर में 661 गांव हैं, जबकि जलालाबाद में सिर्फ 236 गांव रह गए हैं। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, महासचिव संदीप मिश्र, उपाध्यक्ष करुणाशंकर वाजपेयी और देवेंद्र वर्मा शामिल रहे। शिष्टमंडल के अनुसार इस मामले में राजस्व परिषद के अध्यक्ष की ओर से जल्द समुचित कदम उठाने का आश्वासन मिला है।
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ज्ञापन में कहा गया है कि सपा शासनकाल में जलालाबाद के 212 गांवों को काटकर कलान तहसील बना दी गई थी। उस दौरान कहा गया था कि जलालाबाद तहसील में इन गांवों की पूर्ति मदनापुर और कांट क्षेत्र के 105 गांवोंं को जोड़कर कर दी जाएगी, लेकिन फिर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। बार संघ की बैठक में कई बार प्रस्ताव पारित कर अधिकारियों को भेजे गए लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला।
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वकीलों ने कहा कि वर्तमान में सदर तहसील में 560, पुवायां में 716 और तिलहर में 661 गांव हैं, जबकि जलालाबाद में सिर्फ 236 गांव रह गए हैं। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, महासचिव संदीप मिश्र, उपाध्यक्ष करुणाशंकर वाजपेयी और देवेंद्र वर्मा शामिल रहे। शिष्टमंडल के अनुसार इस मामले में राजस्व परिषद के अध्यक्ष की ओर से जल्द समुचित कदम उठाने का आश्वासन मिला है।
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