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भूमिहीन व बगैर गन्ना किसानों के नाम डाला गन्ना
श्ााहजहांपुर
Updated Sat, 27 Dec 2014 08:37 PM IST
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रोजा चीनी मिल में भूमिहीन और गैर गन्ना किसानों के कई एकड़ के सट्टे चल रहे हैं। राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के आदेश पर गन्ना विभाग द्वारा की गई जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। आधा दर्जन गन्ना माफियाओं के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। साथ ही करीब एक दर्जन लोगों के सट्टे की पर्चियों को निरस्त किया गया है।
थाना क्षेत्र के हुसैनपुर रूकनपुर गांव में रहने वाले नत्थूलाल ने जिला प्रशासन और राज्यमंत्री से शिकायत की थी कि उनके गांव का प्रधानपति राकेश और गन्ना सेवक सुधीर कुमार ने रोजा चीनी मिल के लिए गन्ने के सट्टे का फर्जी सर्वे करा दिया। आरोप है कि गांव के रामपाल पुत्र दुलारे भूमिहीन हैं और उसके नाम चीनी मिल से कई एकड़ का सट्टा चल रहा है।
इसी तरह गांव के मंगलदास, राजकुमारी, समुंदर, चंद्र प्रकाश, राधेश्याम, मोहन, बालकराम, मूला, चेता, रामलाल, रामेश्वर, श्रीराम, सियाराम, रेशमवती, इतवारी, रोशन आदि ने पिछले 10 सालों से गन्ने की फसल नहीं की है। इसकी पुष्टि जांच के समय उनकी खतौनी में दर्ज फसलों से हुई है।
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नत्थूलाल का आरोप है कि गांव के मेवाराम, राकेश कुमार सहित कई लोगों के रकबा कम होने के बाद सट्टा ज्यादा दर्शाया गया है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्यमंत्री ने जिला गन्ना विकास अधिकारी बीके पटेल को जांच के आदेश दिए थे।
वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक घनश्याम सिंह द्वारा की जा रही जांच में शिकायत सही पाई गई। इस मामले में आधा दर्जन गन्ना माफियाओं के भुगतान पर तत्काल रोक लगा दी गई है। कम रकबे पर ज्यादा का सट्टा दर्शाने वाले एक दर्जन किसानों के सट्टे निरस्त किए गए हैं। मामले की जांच जारी है। आगे साक्ष्य मिलने पर एफआईआर की कार्रवाई तक की जाएगी।
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ग्रामीणों ने रोजा चीनी मिल में सट्टे की पर्चियों के घालमेल के बारे में बताया। इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। गरीब और कम रकवा वाले किसानों का शोषण हो रहा है। जांच हो रही है। आगे कि कार्रवाई जिला प्रशासन तय करेगा।
राममूर्ति सिंह वर्मा, राज्यमंत्री
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राज्यमंत्री के आदेश पर जांच गन्ना विभाग द्वारा की जा रही है। मौके पर गए थे। जांच का क्या परिणाम रहा है। इसकी जानकारी नहीं है। चीनी मिल सट्टे की पर्चियों का वितरण गन्ना विभाग के माध्यम से कराता है।
उमेश बिसेन,जीएम केन, रोजा चीनी मिल
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थाना क्षेत्र के हुसैनपुर रूकनपुर गांव में रहने वाले नत्थूलाल ने जिला प्रशासन और राज्यमंत्री से शिकायत की थी कि उनके गांव का प्रधानपति राकेश और गन्ना सेवक सुधीर कुमार ने रोजा चीनी मिल के लिए गन्ने के सट्टे का फर्जी सर्वे करा दिया। आरोप है कि गांव के रामपाल पुत्र दुलारे भूमिहीन हैं और उसके नाम चीनी मिल से कई एकड़ का सट्टा चल रहा है।
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इसी तरह गांव के मंगलदास, राजकुमारी, समुंदर, चंद्र प्रकाश, राधेश्याम, मोहन, बालकराम, मूला, चेता, रामलाल, रामेश्वर, श्रीराम, सियाराम, रेशमवती, इतवारी, रोशन आदि ने पिछले 10 सालों से गन्ने की फसल नहीं की है। इसकी पुष्टि जांच के समय उनकी खतौनी में दर्ज फसलों से हुई है।
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नत्थूलाल का आरोप है कि गांव के मेवाराम, राकेश कुमार सहित कई लोगों के रकबा कम होने के बाद सट्टा ज्यादा दर्शाया गया है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्यमंत्री ने जिला गन्ना विकास अधिकारी बीके पटेल को जांच के आदेश दिए थे।
वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक घनश्याम सिंह द्वारा की जा रही जांच में शिकायत सही पाई गई। इस मामले में आधा दर्जन गन्ना माफियाओं के भुगतान पर तत्काल रोक लगा दी गई है। कम रकबे पर ज्यादा का सट्टा दर्शाने वाले एक दर्जन किसानों के सट्टे निरस्त किए गए हैं। मामले की जांच जारी है। आगे साक्ष्य मिलने पर एफआईआर की कार्रवाई तक की जाएगी।
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ग्रामीणों ने रोजा चीनी मिल में सट्टे की पर्चियों के घालमेल के बारे में बताया। इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। गरीब और कम रकवा वाले किसानों का शोषण हो रहा है। जांच हो रही है। आगे कि कार्रवाई जिला प्रशासन तय करेगा।
राममूर्ति सिंह वर्मा, राज्यमंत्री
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राज्यमंत्री के आदेश पर जांच गन्ना विभाग द्वारा की जा रही है। मौके पर गए थे। जांच का क्या परिणाम रहा है। इसकी जानकारी नहीं है। चीनी मिल सट्टे की पर्चियों का वितरण गन्ना विभाग के माध्यम से कराता है।
उमेश बिसेन,जीएम केन, रोजा चीनी मिल