{"_id":"61bf836bf8d1ce61b515bd41","slug":"jam-kolaghat-pul-shahjahanpur-news-bly4698007114","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोलाघाट पुल : पैंटून पुल से गुजर रहे डग्गामार, लग रहा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोलाघाट पुल : पैंटून पुल से गुजर रहे डग्गामार, लग रहा जाम
विज्ञापन
जलालाबाद में पैंटून पुल तक जाने वाले रास्ते मे फंसे थ्री व्हीलर को निकालने को धक्का लगाते लोग। सं
- फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद। कोलाघाट पर पैंटून पुल शुरू होने के बाद भी अव्यवस्था के चलते राहगीरों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। सवारी भरे प्राइवेट वाहन लगातार चलने से पुल से पहले का कच्चा रास्ता और भी खराब हो गया। रविवार को एक-एक कर कई वाहन फंसने से वहां जाम की स्थिति बन गई और पैदल व बाइक सवार यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान पैंटून पुल से कार व सवारी भरे थ्री-व्हीलर व जीप आदि के आवागमन को रोकना पड़ा।
29 नवंबर को कोलाघाट का पुल टूटने के बाद से मिर्जापुर व कलान आने-जाने के लिए लोग पुल के नीचे कच्चे रास्ते से होते हुए रामगंगा नदी को नाव से पार करते थे। डीएम के निर्देश के बाद 17 दिसंबर को रामगंगा नदी पर पैंटून पुल बनाकर आवागन शुरू कर दिया। पुल शुरू होते ही यह लोग भी इसी रास्ते से होकर आने-जाने लगे। अस्थाई पुल तक पहुंचने वाले कच्चे व रेतीले रास्ते पर लोनिवि द्वारा पर्याप्त तादाद में लोहे के पटले न डालकर उसे जेसीबी से समतल कराकर आवागमन के लिए तैयार कर दिया गया था।
पुल शुरू होने के बाद न केवल यात्रियों की तादाद में इजाफा हुआ, बल्कि थ्री व्हीलर से लेकर कई तरह के डग्गामार वाहन भी सवारियां भरकर दौड़ने लगे। नतीजा पुल शुरू होने के दो दिन के बाद ही पहले से ही दयनीय कच्चे रास्ते का हाल और भी बुरा हो गया। फिर भी डग्गामार वाहनों का संचालन जारी रहा। रविवार को इस रास्ते पर कई बार सवारी वाहन फंसे। इधर-उधर ज्यादा रेत होने के कारण निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण पैदल व बाइक सवार यात्री भी फंस गए और रुक-रुककर कई बार जाम लगा।
विज्ञापन
इन वाहनों पर कोई रोकटोक न होने से यहां से निकलने वालों राहगीरों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा। लोनिवि के अभियंता सोमपाल ने बताया कि पैंटून पुल से बाइक सवार व पैदल यात्रियों के अलावा छोटी कार को आने जाने की व्यवस्था की गई थी। पुल से डग्गामार का संचालन न होने पाए इसके लिए डीएम को पत्र भेजा गया था। इस समस्या से उन्हें पुन: अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
29 नवंबर को कोलाघाट का पुल टूटने के बाद से मिर्जापुर व कलान आने-जाने के लिए लोग पुल के नीचे कच्चे रास्ते से होते हुए रामगंगा नदी को नाव से पार करते थे। डीएम के निर्देश के बाद 17 दिसंबर को रामगंगा नदी पर पैंटून पुल बनाकर आवागन शुरू कर दिया। पुल शुरू होते ही यह लोग भी इसी रास्ते से होकर आने-जाने लगे। अस्थाई पुल तक पहुंचने वाले कच्चे व रेतीले रास्ते पर लोनिवि द्वारा पर्याप्त तादाद में लोहे के पटले न डालकर उसे जेसीबी से समतल कराकर आवागमन के लिए तैयार कर दिया गया था।
विज्ञापन
पुल शुरू होने के बाद न केवल यात्रियों की तादाद में इजाफा हुआ, बल्कि थ्री व्हीलर से लेकर कई तरह के डग्गामार वाहन भी सवारियां भरकर दौड़ने लगे। नतीजा पुल शुरू होने के दो दिन के बाद ही पहले से ही दयनीय कच्चे रास्ते का हाल और भी बुरा हो गया। फिर भी डग्गामार वाहनों का संचालन जारी रहा। रविवार को इस रास्ते पर कई बार सवारी वाहन फंसे। इधर-उधर ज्यादा रेत होने के कारण निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण पैदल व बाइक सवार यात्री भी फंस गए और रुक-रुककर कई बार जाम लगा।
विज्ञापन
इन वाहनों पर कोई रोकटोक न होने से यहां से निकलने वालों राहगीरों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा। लोनिवि के अभियंता सोमपाल ने बताया कि पैंटून पुल से बाइक सवार व पैदल यात्रियों के अलावा छोटी कार को आने जाने की व्यवस्था की गई थी। पुल से डग्गामार का संचालन न होने पाए इसके लिए डीएम को पत्र भेजा गया था। इस समस्या से उन्हें पुन: अवगत कराया जाएगा।