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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Jalalabad to be renamed Parashurampuri identity secured after a long struggle.

Shahjahanpur News: अब जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी, संघर्ष के बाद मिली नई पहचान, लोगों में खुशी

Tue, 07 Jul 2026 01:53 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: बरेली ब्यूरो Updated Tue, 07 Jul 2026 01:53 AM IST
सार

शाहजहांपुर में वर्षों के संघर्ष के बाद जलालाबाद नगर का नया नाम अधिकृत तौर पर परशुरामपुरी हो गया है। सोमवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में जलालाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। इससे नगरवासियों में खुशी का माहौल है। 

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Jalalabad to be renamed Parashurampuri identity secured after a long struggle.
भगवान परशुराम मंदिर - फोटो : संवाद

विस्तार

शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम अब परशुरामपुरी हो गया है। वर्षों के संघर्ष और इंतजार के बाद अब नगर का नया नाम अधिकृत तौर पर परशुरामपुरी हो गया है। सोमवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में जलालाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। इससे श्रद्धालुओं समेत क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। जलालाबाद को परशुरामपुरी का नाम देने के लिए चार दशक से संघर्ष चल रहा था। 

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जलालाबाद कस्बे का नाम बदलने को लेकर वर्ष 2018 में नगर पालिका परिषद की बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास हुआ था। उसके बाद वर्ष 2021 में श्री परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति समेत सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगठनों ने कई बार आंदोलन किया। वर्ष 2021 में जन्मभूमि प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने दिल्ली में भाजपा नेता अशोक बाजपेयी के साथ भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। 
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इस बीच डीएम के जरिये नगरपालिका का प्रस्ताव प्रशासन की संस्तुति समेत वर्ष 2025 में शासन को भेजा गया। प्रदेश सरकार ने 20 अगस्त 2025 को प्रस्ताव को अपनी सहमति समेत अनुमोदन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास फाइल भेज दी। इस बीच केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने प्रयास शुरू किए। इसके बाद गृह मंत्रालय ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजा। कवायद के बाद नाम परिवर्तित होने की राह में केवल यूपी कैबिनेट की मुहर लगने की औपचारिकता ही बाकी रह गई थी, जो सोमवार को पूरी हो गई। 

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Jalalabad to be renamed Parashurampuri identity secured after a long struggle.
महंत सत्यदेव पांडेय। संवाद
24 अप्रैल 2022 को घोषित हुई परशुराम जन्मस्थली
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के कुछ माह बाद प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह श्री परशुराम मंदिर परिसर में दर्शन करने आए थे। उन्होंने जनसभा में नगरी को भगवान परशुराम की जन्मस्थली घोषित किया था। पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कराने की बात भी कही थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने मंदिर परिसर के सुंदरीकरण और विकास के  लिए 30 करोड़ रुपये की  धनराशि भी स्वीकृत की। वर्तमान में इस धनराशि से कई कार्य कराए जा रहे हैं।

प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह स्थान भगवान परशुराम की पावन जन्मस्थली है। इसलिए शासन के अनुरोध पर भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) आने के बाद प्रस्ताव को प्रदेश कैबिनेट ने भी अपनी सहमति देते हुए स्वीकृत कर दिया है। 

विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने नगर का नाम परशुरामपुरी कराने व परशुराम मंदिर को पर्यटक स्थल घोषित कराने की मांग की थी। मैंने तभी से प्रयास शुरू कर दिए थे। जन भावनाओं की कद्र करके दोनों मांगें पूरी हो गई हैं। 
 

Jalalabad to be renamed Parashurampuri identity secured after a long struggle.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना। - फोटो : संवाद

भगवान परशुराम मंदिर के महंत पंडित सत्यदेव पांडेय ने बताया कि लाखों लोगों की आस्था के केंद्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली का नाम परशुरामपुरी स्वीकृत करके बहुत ही पुनीत कार्य किया गया है। इसके लिए प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री समेत इस दिशा में प्रयासशील रहने वालों का आभार जताते हैं। 

श्री परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति के महासचिव गोपाल द्विवेदी ने बताया कि केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास से सरकार ने नगर का नामकरण परशुरामपुरी कर दिया है। प्रबंध समिति के पदाधिकारियों समेत लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं का ख्याल रखा गया है।

श्री परशुराम सर्व कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सोमवार जलालाबाद ही नहीं बल्कि पूरे जनपद वासियों के लिए ऐतिहासिक बन गया। परशुरामपुरी नाम घोषित कराने के लिए केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के प्रयास सराहनीय हैं। 

भगवान परशुराम मंदिर जीर्णोद्धार व जनजागरण समिति के अध्यक्ष अशित पाठक ने कहा कि जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी किए जाने का स्वागत करते हैं। वर्ष 2010 में समिति के नेतृत्व में परशुरामपुरीवासियों ने ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया था। 

प्रसाद भवन पर ढोल बजाकर बांटी गई मिठाई
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के कैंप कार्यालय प्रसाद भवन पर जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की बैठक में मुहर लगने पर जश्न मनाया गया। ढोल के साथ ही एक-दसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई गई। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता कौशल मिश्रा, अनिल तिवारी, प्रशांत कठेरिया, अमित बाजपेई दिव्यांशु बाजपेई, अनुज शुक्ला आदि मौजूद रहे। 

आतिशबाजी जलाकर खुशियां मनाई
सोमवार शाम जन्मस्थली परिसर में श्री परशुराम जन्मभूमि प्रबंध समिति की बैठक हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों और समिति के पदाधिकारियों ने आतिशबाजी छोड़कर खुशी मनाई। बैंडबाजा बजाए जाने के साथ ही लड्डू भी बांटे गए।  इससे पहले सभी लोगों ने भगवान की पूजा-अर्चना की। नगर में बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों पर दीप जलाकर खुशी जताई। समिति के प्रबंधक रामू अग्निहोत्री, विनोद चंद्र शर्मा, गोपाल द्विवेदी, दिलीप अग्निहोत्री, प्रदीप मिश्रा आदि मौजूद रहे। 

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