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यूं ही अवैध कब्जे होते रहे तो नहीं बचेगा नरायनपुर का तालाब
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खुटार में मोहल्ला नरायनपुर के तालाब में बने मकान
- फोटो : KHUTAR
खुटार। नगर में धीरे-धीरे लगातार सिकुड़ रहे तालाबों मोहल्ला नरायनपुर का भी तालाब है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते अवैध कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं। लोग तालाबों का अस्तित्व मिटाने में लगे हुए हैं और अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं।
मोहल्ला नरायनपुर के लोग बताते हैं कि इस तालाब का क्षेत्रफल पहले काफी बड़ा था। तालाब के चारों ओर बस्ती होने के कारण घरों का गंदा पानी इसी में आता था। बढ़ती आबादी और मकानों के बीच लोगों ने तालाब को पाटकर मकान बनाना शुरू कर दिया। नगर पंचायत की ओर से अवैध कब्जा करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होने और राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की ओर से भी कोई रोक नहीं होने से कब्जेदारों के हौसले बुलंद होते रहे और एक-दूसरे की देखा-देखी कब्जे बढ़ते गए।
नरायनपुर का यह तालाब अब अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहा है। अभी भी लोग तालाब को पाट कर घरों का क्षेत्रफल बढ़ाने में लगे हुए हैं। बेहद कम जगह रहने के कारण तालाब में अब पानी भी नहीं रह गया। लोगों का कहना है कि अगर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देंगे तो आने वाले समय में तालाबों का नामोनिशान मिट जाएगा। अवैध कब्जा होते समय ध्यान नहीं देने के कारण अगर प्रशासन अवैध कब्जेदारों पर कार्रवाई करने का मन बनाए तो इतनी बड़ी संख्या में बने मकानों को हटाना मुश्किल हो जाएगा।
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इस कारण नगर पंचायत प्रशासन कार्रवाई करने से कतराता रहता है। उधर नगर पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी राजस्व विभाग की ओर से कार्रवाई होने की बात कहते हैं तो राजस्व विभाग का नगर पंचायत आबादी क्षेत्र होने की बात करके बात को समाप्त कर देता है। इसी के चलते अवैध कब्जेदारों के निशाने पर खुटार नगर के तालाब हैं।
नगर पंचायत की ओर से सभी तालाबों की जांच कराई जाएगी। अवैध कब्जेदारों के खिलाफ अधिकारियों के आदेशानुसार कार्रवाई होगी। -अनिरुद्ध कुमार ईओ, नगर पंचायत खुटार
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मोहल्ला नरायनपुर के लोग बताते हैं कि इस तालाब का क्षेत्रफल पहले काफी बड़ा था। तालाब के चारों ओर बस्ती होने के कारण घरों का गंदा पानी इसी में आता था। बढ़ती आबादी और मकानों के बीच लोगों ने तालाब को पाटकर मकान बनाना शुरू कर दिया। नगर पंचायत की ओर से अवैध कब्जा करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होने और राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की ओर से भी कोई रोक नहीं होने से कब्जेदारों के हौसले बुलंद होते रहे और एक-दूसरे की देखा-देखी कब्जे बढ़ते गए।
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नरायनपुर का यह तालाब अब अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहा है। अभी भी लोग तालाब को पाट कर घरों का क्षेत्रफल बढ़ाने में लगे हुए हैं। बेहद कम जगह रहने के कारण तालाब में अब पानी भी नहीं रह गया। लोगों का कहना है कि अगर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देंगे तो आने वाले समय में तालाबों का नामोनिशान मिट जाएगा। अवैध कब्जा होते समय ध्यान नहीं देने के कारण अगर प्रशासन अवैध कब्जेदारों पर कार्रवाई करने का मन बनाए तो इतनी बड़ी संख्या में बने मकानों को हटाना मुश्किल हो जाएगा।
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इस कारण नगर पंचायत प्रशासन कार्रवाई करने से कतराता रहता है। उधर नगर पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी राजस्व विभाग की ओर से कार्रवाई होने की बात कहते हैं तो राजस्व विभाग का नगर पंचायत आबादी क्षेत्र होने की बात करके बात को समाप्त कर देता है। इसी के चलते अवैध कब्जेदारों के निशाने पर खुटार नगर के तालाब हैं।
नगर पंचायत की ओर से सभी तालाबों की जांच कराई जाएगी। अवैध कब्जेदारों के खिलाफ अधिकारियों के आदेशानुसार कार्रवाई होगी। -अनिरुद्ध कुमार ईओ, नगर पंचायत खुटार