फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   High tension line getting worse due to increase in consumption in summer

गर्मी के साथ बिजली की खपत बढ़ने से हाईटेंशन लाइन हो रहीं खराब

Fri, 15 Apr 2022 12:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
High tension line getting worse due to increase in consumption in summer
शाहजहांपुर। आबादी और कनेक्शन बढ़ने के अनुपात में बिजली की बढ़ रही मांग को देखते ट्रांसफार्मरों की बढ़ाई गई क्षमता भीषण गर्मी के आगे निरर्थक साबित होने लगी है। गर्मी का प्रकोप बढ़ने और पारा 40 डिग्री के पार जाने के साथ ही बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है। अभियंताओं के अनुसार बीते मार्च माह की तुलना में चालू अप्रैल माह में केवल शहरी क्षेत्र के विद्युत वितरण खंड द्वितीय में लगभग तीन मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली खर्च होने का अनुमान है। इससे हाईटेंशन लाइनें ओवरलोडिंग के कारण तकनीकी खराबियों के शिकंजे में आ रही हैं।
विज्ञापन

शहर में 33 केवी क्षमता वाले उपकेंद्रों के फीडरों से करीब 85 हजार घरेलू और वाणिज्यिक कनेक्शन दिए गए हैं। अभियंताओं के अनुसार शहर में बिजली की न्यूनतम मासिक खपत 14 से 15 मिलियन यूनिट होती है। जब ज्यादा गर्मी नहीं पड़ती अथवा कड़ाके की सर्दी गुजर जाती है, तभी बिजली का इस्तेमाल भी कम होता है। ज्यादा सर्दी में भी पंखे, कूलर बंद होने के बावजूद गीजर, ब्लोअर, रूम हीटर आदि इस्तेमाल होने पर भी बिजली खपत बढ़ जाती है, लेकिन फरवरी अंत से तापमान बढ़ने का सिलसिला शुरू होने के साथ बिजली खपत भी बढ़ने लगती है। बीते मार्च में शहरी डिवीजन में 20 मिलियन यूनिट बिजली जलाई गई।
विज्ञापन

इस बार मार्च के तीसरे सप्ताह से मई-जून जैसी गर्मी पड़ने लगी। इसलिए घरों से लेकर दफ्तरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में पंखे, कूलर, एसी चलने शुरू हुए तो लाइनों पर अतिरिक्त भार पड़ने से उनमें खराबियां पैदा होने लगीं। गत माह रोजा विद्युत उपकेंद्र के यार्ड में रखा दस एमवीए का ट्रांसफार्मर में आग लगने का कारण बिजली की ओवरलोडिंग मानी जा रही है। अप्रैल माह में शहर में ककरा उपकेंद्र की 33 केवी मुख्य लाइन में आई खराबी और 11 केवी की अन्य लाइनों के तार टूटने और जंपर जलने की घटनाएं भी ओवरलोडिंग का नतीजा हैं। बृहस्पतिवार को भी ककरा कलां समेत बहादुरगंज, अब्दुल्लागंज, हथौड़ा उपकेंद्रों की 11 केवी वाली लाइनें ट्रिपिंग के कारण सुबह से शाम तक बार-बार बंद होती रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मांग में 50 फीसदी का इजाफा
निगम के अभियंता भी मानते हैं कि ज्यादा गर्मी में पॉवर नेटवर्क प्रभावित होने लगता है, लेकिन वह इस बात से सहमत नहीं हैं कि लाइनें ओवरलोड हो रही हैं। उनका कहना है कि सर्दियों में करंट का लगातार प्रवाह होने पर भी लाइनें ठंडी बनी रहती हैं, लेकिन गर्मियों में धूप की तपन के कारण पहले से गर्म लाइनें करंट प्रवाहित होने से ज्यादा गर्म हो जाती हैं और इसीलिए छिटपुट खराबियां बढ़ जाती हैं। अभियंताओं के अनुसार अभी तो गर्मियों की शुरुआत है। आने वाले दिनों में बिजली की मांग सामान्य से 50 फीसदी ज्यादा होने पर बिजली खपत बढ़कर 26 मिलियन यूनिट तक होने का अनुुमान है, लेकिन ऐसी स्थिति में भी पावर नेटवर्क सुचारू रखने का प्रयास रहेगा।

प्रदेश के ताप बिजलीघरों में कोयला की कमी का शहर की विद्युत वितरण व्यवस्था पर अभी कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन बिजली की खपत बढ़ रही है। बीते मार्च की तुलना में अप्रैल माह के अंत तक शहरी वितरण खंड में 22 से 23 मिलियन यूनिट बिजली खर्च होने का अनुमान है, लेकिन सही आंकड़ा माह खत्म होने के बाद मिलेगा। अगस्त और सितंबर में गर्मी के साथ उमस बढ़ने पर बिजली की खपत बढ़कर 28 मिलियन यूनिट हो जाती है। फिलहाल, शहर के सभी बिजली उपकेंद्र सामान्य रूप से संचालित हैैं। -प्रशांत गुप्ता, एक्सईएन सिटी, विद्युत निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed