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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Headmaster suspended eight schools were closed

बंद मिले आठ स्कूलों के हेडमास्टर निलंबित

Sun, 19 Feb 2017 11:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर Updated Sun, 19 Feb 2017 11:25 PM IST
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शनिवार को परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण में बंद पाए गए आठ स्कूल और बड़ी संख्या में गायब मिले शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों पर बीएसए ने बड़ी कार्रवाई की है। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बंद स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा अनुपस्थित 66 शिक्षक-शिक्षिकाओं का एक दिन का वेतन काट दिया है। साथ ही अनुपस्थित सात शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का अग्रिम आदेशों तक मानदेय रोक दिया है। यह निरीक्षण ददरौल और भावलखेड़ा ब्लाकों में चलाया गया था, जिसमें 82 शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार विकास खंड ददरौल और भावलखेड़ा में 18 फरवरी को चलाए गए गहन निरीक्षण अभियान में आठ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल बंद पाए गए थे। इनके प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बंद पाए गए स्कूलों और निलंबित होने वालों में ददरौल ब्लाक के प्राथमिक स्कूल खड़वौरा की नीलम संजीव, प्राथमिक स्कूल गुलामखेड़ा की संगीता, विकास खंड भावलखेड़ा में उच्च प्राथमिक स्कूल कहिलिया की प्रतिमा वाजपेयी, प्राथमिक स्कूल चचरी के विमलेश कुमार, प्राथमिक स्कूल तोनी की रजनी सिंह, प्राथमिक स्कूल पैना प्रथम की विमला देवी, पैना द्वितीय की सावित्री देवी और उच्च प्राथमिक स्कूल पैना की विजय लक्ष्मी शामिल हैं। बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने इन सभी प्रधानाध्यापकों को निलंबित करते हुए यहां के शिक्षकों समेत अन्य स्कूलों में अनुपस्थित मिले 66 शिक्षक-शिक्षिकाओं का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दे दिए हैं। इनके अलावा अनुपस्थित सात शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय भी रोक दिया है। 
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स्कूलों में पुताई नहीं कराने पर बीईओ से जवाब मांगा- शिक्षक-शिक्षिकाओं की लापरवाही से परिषदीय स्कूलों की दुर्दशा हो रही है। शनिवार को बीएसए के निर्देश पर ददरौल और भावलखेड़ा में चलाए गए निरीक्षण अभियान में जहां बड़ी संख्या में गुरुजन गैरहाजिर मिले, वहीं 16 ऐसे भी स्कूल मिले, जिनमें रंगाई-पुताई नहीं की गई थी। जबकि इसके लिए अगस्त में ही धनराशि आवंटित की जा चुकी है। छह माह बाद भी शिक्षण संस्थाओं की दुर्दशा पर बीएसए ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों से जवाबतलब किया है। बीएसए ने बताया कि भावलखेड़ा के प्राथमिक स्कूल आटाबुजुर्ग, उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरीकलां, प्राथमिक स्कूल जमुनियां पुरवा, सिंगरहा, अकबरपुर, मटेहना, बरमौला, इटौरिया तथा ददरौल के प्राथमिक स्कूल सहजना, बकिया, पैतापुर, सब्त्यारा, लालपुर, कपसेड़ा और राईखेड़ा आदि स्कूलों में रंगाई-पुताई नहीं कराई गई, एक-दो स्कूलों में रंगाई-पुताई हुई भी है तो वह निम्न स्तर की है।  
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चुनाव के कारण निरीक्षण बाधित हो रहे थे, चूंकि अब चुनाव हो चुका है, इसलिए शिक्षकों को चाहिए कि वह अपने दायित्वों के प्रति ईमानदारी दिखाएं। बच्चाें के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करें। निरीक्षण अभियान पूरे जिले में चलाया जाएगा, ऐसे में जो भी शिक्षक गैरहाजिर मिलेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह सुधारात्मक कदम है। शिक्षकों को चाहिए कि वह समय से स्कूल खोलें और बच्चों को पूरी निष्ठा से ज्ञानार्जन कराएं।- देवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए
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