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बेसहारा गोवंश को दे सहारा, सरकार देगी 900 रुपये महीना
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शाहजहांपुर। निराश्रित व बेसहारा गायों को सहारा देने वालों को सरकार ने 900 रुपये महीना देगी। गोपालक यह धनराशि निराश्रित गोवंश के भरण पोषण में खर्च कर सकते हैं। जिससे उनके ऊपर किसी तरह का आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा और निराश्रित गोवंश को सहारा भी मिल जाएगा।
सीवीओ आरबी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना का संचालन जिले में हो रहा है। जिसके तहत स्थायी और अस्थायी गोशालाओं से गोवंश को लेकर उनका पालन-पोषण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार की ओर से 30 रुपये रोजाना के हिसाब से 900 रुपये दिया जाएगा। निराश्रित गोवंश लेने के लिए नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ब्लॉक में आवेदन करना होगा।
चयन के लिए निर्धारित मापदंड
आवेदनकर्ता संबंधित ब्लॉक व नगर का निवासी होना जरूरी है और वर्तमान में मूल स्थान पर ही निवास कर रहा हो। उसे पशुओं के पालन पोषण का अनुभव और उनको रखने की पर्याप्त जगह हो। बैंक में आधार लिंक खाता होना जरूरी है।
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इनको मिलेगी प्राथमिकता
दुग्ध समितियों से जुड़े व्यक्ति, प्रशिक्षित व पशुमित्र को निराश्रित व बेसहारा गोवंश को सहभागिता के लिए दिया जाएगा। पशुपालकों चयन के लिए निर्धारत प्रारूप पर आवेदन करना होगा, इसके लिए वह बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
जिले में गोशालाएं
31 - ग्रामीण क्षेत्र में गोशालाएं हैं।
18 - गोशालाएं शहरी क्षेत्र में हैं।
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सीवीओ आरबी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना का संचालन जिले में हो रहा है। जिसके तहत स्थायी और अस्थायी गोशालाओं से गोवंश को लेकर उनका पालन-पोषण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार की ओर से 30 रुपये रोजाना के हिसाब से 900 रुपये दिया जाएगा। निराश्रित गोवंश लेने के लिए नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ब्लॉक में आवेदन करना होगा।
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चयन के लिए निर्धारित मापदंड
आवेदनकर्ता संबंधित ब्लॉक व नगर का निवासी होना जरूरी है और वर्तमान में मूल स्थान पर ही निवास कर रहा हो। उसे पशुओं के पालन पोषण का अनुभव और उनको रखने की पर्याप्त जगह हो। बैंक में आधार लिंक खाता होना जरूरी है।
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इनको मिलेगी प्राथमिकता
दुग्ध समितियों से जुड़े व्यक्ति, प्रशिक्षित व पशुमित्र को निराश्रित व बेसहारा गोवंश को सहभागिता के लिए दिया जाएगा। पशुपालकों चयन के लिए निर्धारत प्रारूप पर आवेदन करना होगा, इसके लिए वह बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
जिले में गोशालाएं
31 - ग्रामीण क्षेत्र में गोशालाएं हैं।
18 - गोशालाएं शहरी क्षेत्र में हैं।