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शाहजहांपुर में बाढ़: गर्रा नदी फिर उफान पर, सुभाषनगर कॉलोनी में घुसा पानी, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

Wed, 09 Sep 2026 07:03 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: Mukesh Kumar Updated Wed, 09 Sep 2026 07:03 PM IST
सार

शाहजहांपुर में गर्रा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने से बुधवार को सुभाषनगर कॉलोनी में पानी घुस गया। बाढ़ की आशंका से लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे। कई लोगों ने घरों का सामान दूसरी मंजिल पर पहुंचा दिया। सिंचाई विभाग के अनुसार, बुधवार शाम गर्रा का जलस्तर खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर नीचे था।

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Garra River surging again water enters Subhash Nagar Colony in Shahjahanpur
गर्रा नदी के पानी से घिरे मकान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शाहजहांपुर में गर्रा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। इसके चलते बुधवार को सुभाषनगर कॉलोनी में दोबारा पानी पहुंच गया। बाढ़ की आशंका से लोग सहम हुए हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। कुछ लोगों ने घरों का सामान दूसरी मंजिल पर पहुंचाना शुरू कर दिया। उधर, लोधीपुर में खन्नौत नदी का जलस्तर मामूली घटा है। यहां 60 से अधिक लोग एनटीआई स्थित राहत शिविर में शरण लिए हुए हैं।

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सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार रात आठ बजे गर्रा नदी का जलस्तर 147.80 मीटरगेज था, जो खतरे के निशान से एक मीटर नीचे था। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 147.55 मीटरगेज दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से बरुआ नाले से वापस होकर पानी फिर सुभाषनगर कॉलोनी में पहुंच गया।
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बाढ़ के चलते कुछ लोगों ने पहले ही मकान खाली कर दिए हैं। कई लोग गृहस्थी का सामान सुरक्षित करने में जुटे हैं। पिछले दो वर्षों में आई बाढ़ से हुए नुकसान के कारण खासकर महिलाओं में दहशत है। लोगों का कहना है कि समय रहते बरुआ नाले में फाटक लगवा दिया जाता तो पानी कॉलोनी में नहीं पहुंचता। लोगों को इस बार भी बाढ़ में मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।

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Garra River surging again water enters Subhash Nagar Colony in Shahjahanpur
उफान पर बह रही गर्रा नदी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

गर्रा में उफान से तटवर्ती गांवों की ओर बढ़ा पानी
गर्रा में उफान बढ़ने से बुधवार को बाढ़ तटीय गांवों की ओर बढ़ने से वहां के लोग बेचैन हो उठे हैं। बरहा मोहब्बतपुर, चितीबोझी, आजमाबाद, जिकड़ीपुर, परसेली आदि गांवों के लोगों का कहना है कि नदी में उफान बढ़ना जारी रहा तो उनके घरों में पानी पहुंच जाएगा। एसडीएम आदित्य श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों को नदी के किनारे नहीं जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। 

खन्नौत का जलस्तर मामूली घटा
खन्नौत नदी का जलस्तर मंगलवार को 145.60 मीटरगेज था। बुधवार शाम यह मामूली घटकर 145.55 मीटरगेज रह गया। यह खतरे के निशान से नीचे है। 60 से अधिक लोग एनटीआई स्थित शिविर में शरण लिए हुए हैं। कुछ लोग घरों पर ताला लगाकर रिश्तेदारियों में चले गए हैं। पानी भरने पर कुछ लोगों ने छतों पर तंबू लगा लिए हैं। पशुपालकों ने पशुओं को लालपुल के पास ऊंचाई वाले क्षेत्र में पटरी के दूसरी तरफ बांध रखा है। पशुओं के चारे की भी दिक्कत हो रही है।

Garra River surging again water enters Subhash Nagar Colony in Shahjahanpur
स्टेट हाईवे पर पानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

रामगंगा में उफान बढ़ा, तिकोला घाट मार्ग के किनारे सुरक्षा के लिए लगाईं बल्लियां
जलालाबाद इलाके में रामगंगा नदी में उफान बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बुधवार को तीसरे दिन भी विकराल बनी हुई है। तिकोला घाट मार्ग के किनारे गहरे होने और सड़क के ऊपर से पानी बहने से वहां मार्ग के दोनों किनारों पर प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से बल्लियां लगवा दी हैं।

कई गांवों के संपर्क मार्ग डूब जाने और तीन दिन पहले कच्चा तटबंध टूटने से बलदेवपुर सहित आसपास के गांवों के रास्ते जलमग्न होने से वहां के लोग प्रशासन की मोटरबोट और दो नावों के सहारे आवागमन करने के लिए मजबूर हैं।

रामगंगा के तटीय गांव कसारी, बलदेवपुर, रामपुर, तिकोला घाट, कटरिया आदि गांवों से होकर अन्य गांवों को जाने वाले रास्ते और वहां के खेत-खलिहान भी जलमग्न हैं। इन जगहों पर नाव उपलब्ध होने पर भी तमाम लोग पैदल या बाइक से पानी के बहाव वाले रास्तों से आ-जा रहे हैं। कुदौली निवासी सुरजीत सिंह, कसारी के अखिलेश, बलदेवपुर के जगदीश सिंह आदि ने बताया कि गांव के आसपास और सभी खेत करीब 20 दिन से डूबे हैं और अब फिर से पानी बढ़ने लगा है।

अल्हागंज क्षेत्र में भरतौली के पास पानी भर रहा है। सुगसुगी और दहेना गांव के बीच बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर बनी पुलिया के रास्ते पानी सेंढ़ा गांव की ओर जाने लगा है। इससे नजदीक के सपहा, भावपुर, गढ़ी, धर्मपुर, पिंडरिया आदि गांवों के पानी से घिरने की आशंका है। भरतौली में कटान रोकने के लिए लगाए गए बंबू क्रेट भी बुधवार को डूब गए। एसडीएम मधुसूदन आर्य ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है और गांव वालों की मांग पर नावें भी उपलब्ध करा दी गई हैं। 

स्टेट हाईवे से जुड़े कई संपर्क मार्ग गंगा की बाढ़ से कटे
मिर्जापुर इलाके में गंगा और रामगंगा में आई बाढ़ से करीब दो दर्जन तटीय गांवों में बुधवार को भी जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। जलालाबाद-शमसाबाद हाईवे पर चौरा गांव और आगे नगला बसोला के पास अभी 200 मीटर दायरे में करीब दो फुट पानी बह रहा है। पानी के तेज बहाव से हाईवे से जुड़े कई गांवों के संपर्क मार्ग भी कट गए हैं। सादिकपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय ओर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहित वहां के आंगनबाड़ी केंद्र के सामने पुलिया से पानी पहुंच गया है। दहेलिया में भी स्कूल का रास्ता बाढ़ से घिर गया है।

खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद कुशवाहा के अनुसार अभी स्कूल परिसर बाढ़ से सुरक्षित हैं, लेकिन पानी बढ़ने पर शिक्षण कार्य बाधित हो जाएगा। गंगा के किनारे बसे पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, मस्जिदनगला आदि गांवों के लोग पशुओं के लिए चारा और बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था को लेकर परेशान हैं। 

एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि बाढ़ग्रस्त संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। राहत शिविरों को सक्रिय कर दिया गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर टीमें पहुंचा रहीं हैं। राजस्व विभाग और पुलिस टीम लगातार गश्त कर रहीं हैं।
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