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बैगास पर आधारित गन्ना की नर्सरी तैयार करने में जुटे महिला समूह
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शाहजहांपुर में रोजा सहकारी गन्ना समिति क्षेत्र के गांव फत्तियापुर में स्वयं सहायता समूह की महिल
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। गन्ना विभाग द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं बैगास पर आधारित गन्ना पौध तैयार करने में जुट गई हैं। गन्ना शोध परिषद द्वारा खोजी गई इस तकनीक के इस्तेमाल से रोगरहित गन्ना पौध कम लागत में तैयार हो रही है। जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) डॉ. खुशीराम भार्गव ने रविवार को अन्य अधिकारियों के साथ रोजा गन्ना विकास समिति क्षेत्र के गांव फत्तियापुर जाकर नारी शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा बैगास पर आधारित सिंगल बड चिप विधि से तैयार की जा रही पौध का निरीक्षण कर उनका हौसला बढ़ाया।
भौगोलिक दृष्टि से फत्तियापुर गांव लखीमपुर खीरी के पसगवां ब्लॉक में आता है, लेकिन वहां के किसान रोजा गन्ना समिति से जुड़े हैं और वहीं से गन्ना खेती के बारे में अधिकारियों से मार्गदर्शन लेते हैं। गत वर्ष गन्ना विकास विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए उनके समूहों का गठन किया तो फत्तियापुर गांव की महिलाएं भी सिंगल बड चिप विधि (एक आंख वाले बीज) से गन्ना पौध उत्पादन में आगे आईं।
वहां दस सदस्यीय नारी शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह अमरजीत कौर की अध्यक्षता में गन्ने की नवीन किस्मों की पौध तैयार कर रहा है। रविवार दोपहर डीसीओ वहां निरीक्षण को पहुंचे तो समूह की महिलाएं तल्लीनता से नर्सरी की देखभाल में जुटी मिलीं। इस दौरान रोजा के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डा. सुनील कनौजिया, गन्ना पर्यवेक्षक हरनारायण, सर्वजीत कौर, मंजूषा आदि समूह की अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
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गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिकों द्वारा बैगास पर पौध तैयार करने की तकनीक विकसित करने के बाद पौध तैयार करना आसान हो गया है। महिला समूहों को चीनी मिलों से बैगास आसानी से मिल जाती है और उससे कम लागत मे पौध तैयार हो रही है। गन्ना विकास विभाग एवं चीनी उद्याग के अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी के निर्देश पर जिले में ग्रामीण महिलाओं के 90 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर उनसे लगभग 1400 महिलाओं को जोड़ा है।
-डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
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भौगोलिक दृष्टि से फत्तियापुर गांव लखीमपुर खीरी के पसगवां ब्लॉक में आता है, लेकिन वहां के किसान रोजा गन्ना समिति से जुड़े हैं और वहीं से गन्ना खेती के बारे में अधिकारियों से मार्गदर्शन लेते हैं। गत वर्ष गन्ना विकास विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए उनके समूहों का गठन किया तो फत्तियापुर गांव की महिलाएं भी सिंगल बड चिप विधि (एक आंख वाले बीज) से गन्ना पौध उत्पादन में आगे आईं।
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वहां दस सदस्यीय नारी शक्ति महिला स्वयं सहायता समूह अमरजीत कौर की अध्यक्षता में गन्ने की नवीन किस्मों की पौध तैयार कर रहा है। रविवार दोपहर डीसीओ वहां निरीक्षण को पहुंचे तो समूह की महिलाएं तल्लीनता से नर्सरी की देखभाल में जुटी मिलीं। इस दौरान रोजा के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डा. सुनील कनौजिया, गन्ना पर्यवेक्षक हरनारायण, सर्वजीत कौर, मंजूषा आदि समूह की अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
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गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिकों द्वारा बैगास पर पौध तैयार करने की तकनीक विकसित करने के बाद पौध तैयार करना आसान हो गया है। महिला समूहों को चीनी मिलों से बैगास आसानी से मिल जाती है और उससे कम लागत मे पौध तैयार हो रही है। गन्ना विकास विभाग एवं चीनी उद्याग के अपर मुख्य सचिव संजय आर. भूसरेड्डी के निर्देश पर जिले में ग्रामीण महिलाओं के 90 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर उनसे लगभग 1400 महिलाओं को जोड़ा है।
-डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी