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किसानों के घोषणा पत्र भरवाने में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
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शाहजहांपुर। अपर मुख्य सचिव (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग) संजय आर भूसरेड्डी ने गन्ना किसानों से घोषणा पत्र भरवाकर जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 दिसंबर कर दी है। हालांकि, तीसरी बार तिथि बढ़ाने के बावजूद अभी जनपद के सिर्फ 66 फीसदी किसानों ने घोषणा पत्र भरे हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव ने किसानों को फिर चेताया है कि घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर उनके गन्ना की चीनी मिलों को आपूर्ति रोक दी जाएगी। साथ ही संबधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर उन पर भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में पेराई सत्र 2021-22 में एक लाख 60 हजार 661 गन्ना किसानों के सट्टे संचालित हैं, लेकिन अभी तक केवल एक लाख छह हजार 315 किसानों ने ही घोषणा पत्र भरे हैं। लगातार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी तमाम किसान घोषणा पत्र भरने से कतरा रहे हैं। कुछ ऐसे कर्मचारी भी अधिकारियों के संज्ञान में लाए हैं, जो घोषणा पत्र भरवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। डीसीओ डॉ. भार्गव ने सभी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों और चीनी मिलों के गन्ना प्रबंधकों को प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत घोषणा पत्र भरवाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी इसमें लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। डीसीओ ने बताया कि जनपद में सबसे कम घोषणा पत्र मकसूदापुर चीनी मिल क्षेत्र के किसानों ने भरे हैं। तिलहर चीनी मिल के किसानों ने सबसे अधिक 76 प्रतिशत और पुवायां चीनी मिल क्षेत्र के 73 प्रतिशत किसानों ने घोषणा पत्र जमा किए हैं। रोजा चीनी मिल क्षेत्र के 70 प्रतिशत किसानों ने घोषणा पत्र भरे हैं, लेकिन इस कसौटी पर मकसूदापुर और निगोही चीनी मिल सबसे पीछे हैं।
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इन मिलों की प्रगति कम देख डीसीओ ने दोनों ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को नोटिस जारी कर कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के नाम स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
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जनपद में पेराई सत्र 2021-22 में एक लाख 60 हजार 661 गन्ना किसानों के सट्टे संचालित हैं, लेकिन अभी तक केवल एक लाख छह हजार 315 किसानों ने ही घोषणा पत्र भरे हैं। लगातार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी तमाम किसान घोषणा पत्र भरने से कतरा रहे हैं। कुछ ऐसे कर्मचारी भी अधिकारियों के संज्ञान में लाए हैं, जो घोषणा पत्र भरवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। डीसीओ डॉ. भार्गव ने सभी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों और चीनी मिलों के गन्ना प्रबंधकों को प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत घोषणा पत्र भरवाने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी इसमें लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। डीसीओ ने बताया कि जनपद में सबसे कम घोषणा पत्र मकसूदापुर चीनी मिल क्षेत्र के किसानों ने भरे हैं। तिलहर चीनी मिल के किसानों ने सबसे अधिक 76 प्रतिशत और पुवायां चीनी मिल क्षेत्र के 73 प्रतिशत किसानों ने घोषणा पत्र जमा किए हैं। रोजा चीनी मिल क्षेत्र के 70 प्रतिशत किसानों ने घोषणा पत्र भरे हैं, लेकिन इस कसौटी पर मकसूदापुर और निगोही चीनी मिल सबसे पीछे हैं।
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इन मिलों की प्रगति कम देख डीसीओ ने दोनों ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को नोटिस जारी कर कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के नाम स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।